छतरपुर में मंगलवार देर शाम मेला जलविहार 2026 का शुभारंभ हुआ। पूर्व विधायक उमेश शुक्ला और नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति सुरेंद्र चौरसिया ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। इसके बाद मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। शुभारंभ के अवसर पर स्कूली छात्र-छात्राओं और संगीत संस्थानों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चौरसिया ने कहा कि मेला जलविहार बुंदेलखंड की संस्कृति और परंपराओं से जुड़ा है। अगले 10 दिनों तक मेले में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। लोकनृत्य, जवाबी कीर्तन और कवि सम्मेलन होंगे मेले में लोकगीत, जवाबी कीर्तन, बुंदेली लोकनृत्य राई, संगीत निशा और अखिल भारतीय कवि सम्मेलन प्रमुख आकर्षण रहेंगे। इन कार्यक्रमों के जरिए लोगों को बुंदेलखंड की लोकसंस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। झूले, सर्कस और बुंदेली व्यंजनों का स्वाद मेले में मनोरंजन के लिए झूले, सर्कस, मौत का कुआं, चिड़ियाघर, मीना बाजार और द वर्निंग ट्रेन जैसे आकर्षण लगाए गए हैं। खाने-पीने के शौकीनों के लिए बॉम्बे की चौपाटी, कलकत्ता की मिठाई, मथुरा के पेड़े और बुंदेली व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए गए हैं। जनप्रतिनिधि, अधिकारी और शहरवासी रहे मौजूद कार्यक्रम में छतरपुर नगर पालिका अध्यक्ष विकेंद्र वाजपेयी, वरिष्ठ नेता नारायण काले, डॉ. भरत पाठक, विनोद टिकरया, जयराम चतुर्वेदी, सुरेंद्र चौरसिया, मोनू यादव, पंकज पहारिया, अरविंद सिंह बुंदेला, धीरेंद्र नायक, अरविंद त्रिपाठी, अशोक दुबे, विवेक जैन, पंकज रावत, छबिलाल पटेल, मनीष कुशवाहा, अभिषेक खरे, राजेश पाठक, अरविंद रावत, उमा बुंदेला और कमलेश राय सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पार्षद दिलीप रैकवार, रामदयाल यादव, सुशील सोनी, कुंती सेन, रेखा वर्मा, अल्का दुबे, मंजू भार्गव, रामप्रसन्न शर्मा, एल्डरमैन पार्षद नीलू गुप्ता, राजू यादव और माया त्रिपाठी सहित समाजसेवी, पत्रकार और बड़ी संख्या में शहरवासी भी उपस्थित रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में कार्यपालन यंत्री देवेंद्र धाकड़, सहायक यंत्री अमितेश अवस्थी, स्वास्थ्य अधिकारी संजेश नायक, उपयंत्री नीतेश चौरसिया, अंकित अरजरिया और देवकुमार पचौरी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन रामसिंह राय ने किया। अंत में नगर पालिका उपाध्यक्ष विकेंद्र वाजपेयी ने आभार व्यक्त किया।

