IND vs NZ: न्यूजीलैंड सीरीज के बाद कहीं खत्म न हो जाए करियर! टीम इंडिया की दूर नहीं हो रही ये टेंशन

IND vs NZ: न्यूजीलैंड सीरीज के बाद कहीं खत्म न हो जाए करियर! टीम इंडिया की दूर नहीं हो रही ये टेंशन

IND vs NZ T20 Series 2026: वेलिंगटन में भारतीय गेंदबाजों की एक बार फिर धुनाई हुई और उन्होंने 198 रन खर्च कर दिए। इससे पहले दूसरे T20 में उन्होंने 180 रन खर्च किए थे, तो पहले मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ 225 रन बने थे। वेलिंगटन में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को हराकर सीरीज में 3-0 से अजेय बढ़त हासिल कर ली है, लेकिन इस सीरीज में अर्शदीप सिंह को छोड़कर तेज गेंदबाजों का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है।

अर्शदीप सिंह ने चटकाए हैं 4 विकेट

तीन मैचों में अर्शदीप सिंह ने 12 ओवर गेंदबाजी की है और 111 रन खर्च किए हैं। इसके अलावा उन्होंने चार विकेट हासिल किए हैं। इस सीरीज में मिचेल सेंटनर के बाद वह सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। हालांकि, सेंटनर ने 7 विकेट हासिल किए हैं।

अर्शदीप सिंह को छोड़कर दूसरे भारतीय तेज गेंदबाजों की हालत बेहद खराब रही है। मयंक यादव ने एक ही मैच खेला था और 40 रन देकर एक विकेट हासिल किया था, तो प्रिंस यादव दो मैच खेल चुके हैं और उन्होंने 74 रन खर्च किए हैं। उन्होंने भी एक ही विकेट हासिल किया है। इन सबसे बुरा हाल भुवनेश्वर कुमार का है, जो तीनों मैचों में खेले हैं। उन्होंने 12 ओवर की गेंदबाजी में 139 रन लुटाए हैं और सिर्फ एक विकेट हासिल किया है। इस सीरीज में अब तक भारत ने चार तेज गेंदबाज खिलाए हैं और चारों ने मिलकर 473 रन लुटा दिए। अगर ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी के ओवरों को भी शामिल कर लिया जाए, तो यह आंकड़ा 582 रन तक पहुंच जाता है।

भुवी की वापसी नहीं रही यादगार

भुवनेश्वर कुमार की चार साल बाद भारतीय टीम में वापसी हुई, लेकिन अब तक उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। इस सीरीज में 139 रन खर्च करके सिर्फ एक विकेट चटकाने वाले भुवनेश्वर अब तक वह छाप नहीं छोड़ पाए हैं, जिसके लिए वह जाने जाते हैं। दूसरी ओर, उन्होंने सबसे ज्यादा रन भी खर्च किए हैं।

इस सीरीज में अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और नीतीश कुमार रेड्डी ऐसे तेज गेंदबाज हैं, जिनका इकोनॉमी रेट 10 से कम रहा है। मयंक यादव ने एक ही मैच में 40 रन खर्च किए थे, इसलिए उनका इकोनॉमी रेट 10 रहा है। लेकिन भुवनेश्वर कुमार ने 11.58 की इकोनॉमी रेट से रन खर्च किए हैं। सीरीज के बचे हुए दो मुकाबलों में अगर भुवनेश्वर पुराने रंग में नहीं दिखते, तो शायद यह उनकी आखिरी सीरीज भी हो सकती है।

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