अमेरिका के कैलिफोर्निया (सैक्रामेंटो) में एनआरआई द्वारा पत्नी को जलाकर मारने के मामले में नया मोड़ आया है। मोगा निवासी महिला के परिजनों ने अमेरिकी सरकार से अपनी नातिन की कस्टडी मांगी है। उन्होंने सरकार से जल्द वीजा आदि की व्यवस्था करने की अपील की है, जिससे वह अपनी बेटी का अंतिम दर्शन कर सकें। पंजाब के मोगा जिले के डाला गांव निवासी गुरविंदर सिंह गिल पर अपनी पत्नी जैस्मीन गिल की हत्या कर शव को आग लगाने का गंभीर आरोप लगा है। दंपति के बीच पिछले कुछ समय से तलाक का विवाद चल रहा था। दोनों की ढाई साल पहले ही शादी हुई थी। उनकी सात माह की बेटी भी है। जिसकी कस्टडी जैस्मिन की मां और परिजन मांग रहे हैं। पुलिस जांच के बाद आरोपी पति गिरफ्तार
जैस्मीन के अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने पर उसके चचेरे भाई ने स्थानीय अमेरिकी पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। अमेरिकी पुलिस ने जब मामले की गहनता से जांच की तो हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ, जिसके बाद आरोपी पति गुरविंदर सिंह गिल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। आरोपी पर पत्नी की हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को जलाने का आरोप है। भावुक मां की सरकारों से गुहार: “नाती की कस्टडी और अंतिम दर्शन की मिले इजाजत” मृतका की मां सुखविंदर कौर रानी ने अत्यंत भावुक होकर केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और अमेरिकी प्रशासन से न्याय की अपील की है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी की शादी ढाई साल पहले हुई थी और उनका सात महीने का एक मासूम बच्चा है। मां ने इच्छा जताई कि वह अपने बेटे-बहू के साथ मिलकर नाती का पालन-पोषण करना चाहती हैं। उन्होंने सरकारों से मांग की है कि उन्हें जल्द से जल्द अमेरिका जाने के लिए वीजा और यात्रा में प्रशासनिक सहायता दी जाए, ताकि वे अपनी बेटी के अंतिम दर्शन कर सकें और मासूम बच्चे की कस्टडी हासिल कर सकें। सामाजिक व साहित्यिक परिवार से था संबंध मृतका जैस्मीन गिल पंजाब के एक प्रतिष्ठित सामाजिक एवं साहित्यिक घराने से ताल्लुक रखती थीं। वह ‘पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन’ के प्रमुख नेता रहे जगतार सिंह जलाजण और डीएमसी अस्पताल लुधियाना से सेवानिवृत्त कर्मचारी सुखविंदर कौर रानी की पुत्री थीं। साथ ही, वह प्रसिद्ध पंजाबी कवि पास आजाद की बहन थीं। परिवार ने अब विदेश मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस कठिन समय में उन्हें कागजी और कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग दिया जाए ताकि वे जल्द अमेरिका पहुंच सकें।

