सुपौल में मंगलवार को खेरदहा नदी किनारे विश्वनाथ मंदिर के बगल में एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। घटना पिपरा थाना क्षेत्र अंतर्गत हटवरिया पंचायत के वार्ड संख्या-15 की है। मृतक की पहचान हटवरिया पंचायत के वार्ड संख्या-15 निवासी उपेंद्र सदा के रूप में हुई है। वह मजदूरी करने के साथ लकड़ी काटने का काम करता था। दुर्गा पूजा के दौरान नवमी दिन से ही वो लापता था। वह मजदूरी करने के लिए कुम्हेट गांव गया हुआ था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने थाने में उसके लापता होने की सूचना देते हुए आवेदन दिया था। ग्रामीण भी अपने स्तर से उसकी तलाश कर रहे थे। खेत की ओर जा रहे ग्रामीणों ने देखा शव मंगलवार को नदी किनारे खेत की ओर जा रहे ग्रामीणों की नजर पड़े शव पर पड़ी। इसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही पिपरा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। थानाध्यक्ष किशोर कुमार ने एफएसएल टीम को सूचना देकर घटनास्थल पर बुलाया। टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य और नमूने एकत्र किए, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। छह बच्चों के सिर से उठा पिता का साया मृतक के पिता का नाम स्व. मुन्नर सदा था। उसकी पत्नी रुकिया देवी हैं। उपेंद्र सदा के छह बच्चे हैं, जिनमें तीन की शादी हो चुकी है, जबकि तीन अविवाहित हैं। घटना के बाद पत्नी और बच्चों सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल है। इधर, मंगलवार दोपहर विशेष अपराध के पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर डीएसपी गौरव गुप्ता ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संवेदनशील है। जांच पूरी होने दीजिए, इसके बाद जो भी स्पष्ट तथ्य सामने आएंगे, उन्हें साझा किया जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। शव मिलने के कारणों का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। सुपौल में मंगलवार को खेरदहा नदी किनारे विश्वनाथ मंदिर के बगल में एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। घटना पिपरा थाना क्षेत्र अंतर्गत हटवरिया पंचायत के वार्ड संख्या-15 की है। मृतक की पहचान हटवरिया पंचायत के वार्ड संख्या-15 निवासी उपेंद्र सदा के रूप में हुई है। वह मजदूरी करने के साथ लकड़ी काटने का काम करता था। दुर्गा पूजा के दौरान नवमी दिन से ही वो लापता था। वह मजदूरी करने के लिए कुम्हेट गांव गया हुआ था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने थाने में उसके लापता होने की सूचना देते हुए आवेदन दिया था। ग्रामीण भी अपने स्तर से उसकी तलाश कर रहे थे। खेत की ओर जा रहे ग्रामीणों ने देखा शव मंगलवार को नदी किनारे खेत की ओर जा रहे ग्रामीणों की नजर पड़े शव पर पड़ी। इसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही पिपरा थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। थानाध्यक्ष किशोर कुमार ने एफएसएल टीम को सूचना देकर घटनास्थल पर बुलाया। टीम ने मौके से आवश्यक साक्ष्य और नमूने एकत्र किए, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। छह बच्चों के सिर से उठा पिता का साया मृतक के पिता का नाम स्व. मुन्नर सदा था। उसकी पत्नी रुकिया देवी हैं। उपेंद्र सदा के छह बच्चे हैं, जिनमें तीन की शादी हो चुकी है, जबकि तीन अविवाहित हैं। घटना के बाद पत्नी और बच्चों सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल है। इधर, मंगलवार दोपहर विशेष अपराध के पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर डीएसपी गौरव गुप्ता ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संवेदनशील है। जांच पूरी होने दीजिए, इसके बाद जो भी स्पष्ट तथ्य सामने आएंगे, उन्हें साझा किया जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। शव मिलने के कारणों का पता जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

