बांदा के नरैनी क्षेत्र के नंदवारा दोहरे हत्याकांड में जेल में बंद चार आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड पर सोमवार को सीजेएम न्यायालय में सुनवाई हुई। चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश कराया गया। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं और अभियोजन अधिकारी के बीच करीब 45 मिनट तक बहस चली। विवेचक से भी सवाल-जवाब किए गए। पुलिस ने एसआईटी की पूछताछ के लिए आठ घंटे की कस्टडी रिमांड मांगी है। अपर प्रथम न्यायिक मजिस्ट्रेट सौम्या गिरी ने सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित कर लिया। मंगलवार को रिमांड पर फैसला आने की संभावना है। गिरफ्तारी के समय पूछताछ होने पर बचाव पक्ष ने उठाए सवाल मामले के विवेचक प्रताप सिंह ने जेल में बंद भवानीदीन, उसके बेटे अखिलेश, गांव के सुरेंद्र नेता और रामप्रसाद लंबरी की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने सवाल उठाया कि गिरफ्तारी के समय आरोपियों से पूछताछ की जा चुकी है। ऐसे में अब पुलिस कस्टडी रिमांड की जरूरत क्यों है? अधिवक्ताओं का यह भी कहना था कि आरोपियों से जेल में रहकर भी पूछताछ की जा सकती है। एसआईटी को करनी है पूछताछ, पुलिस ने मांगे 8 घंटे पुलिस की ओर से विवेचक ने न्यायालय को बताया कि मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी को चारों आरोपियों से पूछताछ करनी है। इसी उद्देश्य से आठ घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड मांगी गई है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और विवेचक से सवाल-जवाब के बाद न्यायालय ने आदेश सुरक्षित कर लिया। फिलहाल रिमांड को लेकर कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। 30 सितंबर को पानी भरे गड्ढे में मिले थे दोनों भाइयों के शव नरैनी क्षेत्र के नंदवारा गांव में 30 सितंबर को भैयाराम के दो बेटों के शव मिले थे। छह वर्षीय मनोज और चार वर्षीय युवराज के शव घर से करीब 50 मीटर दूर पानी भरे गड्ढे में मिले थे। घटना के बाद पुलिस ने मामले में पूर्व मंत्री डॉ. सुरेंद्र पाल वर्मा के बेटे और पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र पाल वर्मा उर्फ राजू समेत नौ लोगों को नामजद किया था। सात आरोपी जेल भेजे जा चुके, गांव में पुलिस तैनात मामले में पुलिस अब तक नामजद आरोपियों में से सात को जेल भेज चुकी है। इनमें महेंद्र पाल वर्मा और हिस्ट्रीशीटर ओमकार उर्फ शेरा भी शामिल हैं। मामले की जांच एसआईटी और विवेचक कर रहे हैं। दो बच्चों की मौत के बाद गांव में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस तैनात है। अब चार आरोपियों की कस्टडी रिमांड पर न्यायालय के आदेश का इंतजार है।

