Azamgarh Encounter: आजमगढ़ पुलिस ने आवारा पशुओं को पकड़कर उनका वध कर मांस बेचने के आरोप में दो सगे भाइयों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। मुठभेड़ की इस घटना में एक आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसे पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ही गोकशी के मामले में वांछित चल रहे थे। रविवार की देर रात दोनों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया। इस दौरान एक आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जबकि जवाबी कार्रवाई में एक के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने बताया है कि आरोपियों के पास से अवैध तमंचा, कारतूस व प्रतिबंधित पशु का मांस भी बरामद किया गया है।
पुलिस पर फायरिंग
जानकारी के मुताबिक, गंभीरपुर पुलिस रविवार की देर रात खराटी से आवक मोड़ के पास संदिग्ध लोगों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों को रोकने का प्रयास किया गया। आरोप है कि इसी दौरान एक व्यक्ति ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। वहीं जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लग गई। पुलिस ने बताया है की बाइक पर दो सगे भाई सवार थे। दोनों की पहचान गंभीरपुर थाना क्षेत्र के लहबरिया सरसेना खालसा के रहने वाले 42 वर्षीय जमील और 30 वर्षीय सलमान के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया है कि इस कार्रवाई में जमील के पैर में गोली लगी है।
पुलिस के मुताबिक, गोली लगने के बाद जमील जमीन पर गिर पड़ा, जबकि उसके छोटे भाई सलमान ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। जांच के दौरान पुलिस ने दोनों के कब्जे से 10 किलोग्राम मांस, एक प्रतिबंधित पशु के अवशेष, लोहे का चपड़, बाइक और 315 बोर का अवैध तमंचा बरामद किया है। इसके साथ ही 315 बोर के दो खोखा कारतूस और एक मिस कारतूस भी बरामद हुआ है। पुलिस ने बताया है कि दोनों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
गैंगस्टर एक्ट में भी दर्ज है मुकदमा
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया है कि वह अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर इलाके में घूमने वाले छुट्टा व प्रतिबंधित पशुओं को पकड़ते थे। इसके बाद सुनसान जगह पर ले जाकर उनका वध कर देते थे और मांस के छोटे-छोटे टुकड़े करने के बाद उन्हें बेच दिया करते थे। पुलिस ने बताया है कि आरोपी मांस की बिक्री के बाद जो पैसे प्राप्त होते थे उसे आपस में बांट लिया करते थे और आरोपियों ने इस पैसे से असलहा खरीदने की बात भी बताई है, ताकि विरोध किए जाने पर लोगों को डराया धमकाया जा सके।
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपी सलमान के खिलाफ 2017 में गोवध निवारण अधिनियम और 2018 में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। दोनों भाइयों के खिलाफ वर्तमान मामले में भी गंभीरपुर थाने पर मुकदमा दर्ज किया गया है। थाना अध्यक्ष अमित कुमार त्रिपाठी ने बताया है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर उनके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

