दुनिया के टॉप 10 संग्रहालयों में बिहार म्यूजियम:एशिया में मिला पहला स्थान, ‘वर्थ अ जर्नी’ की वर्ल्ड रैंकिंग में 9वें पायदान पर पटना का संग्रहालय

दुनिया के टॉप 10 संग्रहालयों में बिहार म्यूजियम:एशिया में मिला पहला स्थान, ‘वर्थ अ जर्नी’ की वर्ल्ड रैंकिंग में 9वें पायदान पर पटना का संग्रहालय

बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को इंटरनेशनल लेवल पर नई पहचान मिली है। राजधानी पटना स्थित बिहार म्यूजियम को साल 2026 की वैश्विक रैंकिंग में दुनिया के 100 सर्वश्रेष्ठ संग्रहालयों में नौवां स्थान और एशिया में पहला स्थान मिला है। यह रैंकिंग जर्मनी के म्यूनिख से संपादित अंतरराष्ट्रीय यात्रा मार्गदर्शिका और पत्रिका ‘वर्थ अ जर्नी’ की ओर से प्रकाशित की गई है। जानकारी के अनुसार, इस रैंकिंग के लिए 140 से अधिक देशों के 3,700 से ज्यादा पर्यटन और सांस्कृतिक स्थलों का मूल्यांकन किया गया। इसके बाद 37 श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ स्थलों की सूची तैयार की गई। संग्रहालय श्रेणी में बिहार म्यूजियम को उसकी आधुनिक वास्तुकला, ऐतिहासिक धरोहरों और विशिष्ट कलाकृतियों के आधार पर स्थान मिला है। संग्रहालय के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे गौरवपूर्ण बताया। पाषाण काल से आधुनिक दौर तक के इतिहास की झलक बिहार संग्रहालय में राज्य के इतिहास और सांस्कृतिक विकास को विभिन्न दीर्घाओं के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। यहां पाषाण काल से लेकर आधुनिक युग तक की विरासत को मूर्तियों, प्राचीन सिक्कों, पांडुलिपियों और लोक कलाओं के जरिए समझने का अवसर मिलता है। इतिहास और प्राचीन कला में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए यह प्रमुख आकर्षण है। आधुनिक वास्तुकला और विशेष दीर्घाएं हैं आकर्षण संग्रहालय का विशाल परिसर, खुले आंगन, चिल्ड्रेंस गैलरी और क्षेत्रीय लोक कला गैलरी भी पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यहां लघु ऐतिहासिक फिल्मों के माध्यम से भी बिहार की विरासत से परिचित कराया जाता है। आधुनिक स्थापत्य और पारंपरिक धरोहरों का संयोजन इसे राज्य के महत्वपूर्ण सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल करता है। भ्रमण के लिए चार से पांच घंटे का समय जरूरी म्यूजियम की विभिन्न दीर्घाओं और प्रदर्शित कलाकृतियों को विस्तार से देखने के लिए चार से पांच घंटे का समय रखना उचित है। सामान्य प्रवेश टिकट की दर 100 रुपये बताई गई है। पहचान पत्र प्रस्तुत करने पर विद्यार्थियों को आधे शुल्क में प्रवेश मिलने की जानकारी भी दी गई है। संग्रहालय सोमवार को आम लोगों और पर्यटकों के भ्रमण के लिए बंद रहता है। पर्यटकों को भ्रमण की योजना बनाने से पहले प्रवेश शुल्क और खुलने-बंद होने के समय की आधिकारिक जानकारी की पुष्टि कर लेनी चाहिए। वैश्विक रैंकिंग में मिली इस पहचान से बिहार की ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक चर्चा मिलने की उम्मीद है। बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को इंटरनेशनल लेवल पर नई पहचान मिली है। राजधानी पटना स्थित बिहार म्यूजियम को साल 2026 की वैश्विक रैंकिंग में दुनिया के 100 सर्वश्रेष्ठ संग्रहालयों में नौवां स्थान और एशिया में पहला स्थान मिला है। यह रैंकिंग जर्मनी के म्यूनिख से संपादित अंतरराष्ट्रीय यात्रा मार्गदर्शिका और पत्रिका ‘वर्थ अ जर्नी’ की ओर से प्रकाशित की गई है। जानकारी के अनुसार, इस रैंकिंग के लिए 140 से अधिक देशों के 3,700 से ज्यादा पर्यटन और सांस्कृतिक स्थलों का मूल्यांकन किया गया। इसके बाद 37 श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ स्थलों की सूची तैयार की गई। संग्रहालय श्रेणी में बिहार म्यूजियम को उसकी आधुनिक वास्तुकला, ऐतिहासिक धरोहरों और विशिष्ट कलाकृतियों के आधार पर स्थान मिला है। संग्रहालय के अपर निदेशक अशोक कुमार सिन्हा ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए इसे गौरवपूर्ण बताया। पाषाण काल से आधुनिक दौर तक के इतिहास की झलक बिहार संग्रहालय में राज्य के इतिहास और सांस्कृतिक विकास को विभिन्न दीर्घाओं के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। यहां पाषाण काल से लेकर आधुनिक युग तक की विरासत को मूर्तियों, प्राचीन सिक्कों, पांडुलिपियों और लोक कलाओं के जरिए समझने का अवसर मिलता है। इतिहास और प्राचीन कला में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए यह प्रमुख आकर्षण है। आधुनिक वास्तुकला और विशेष दीर्घाएं हैं आकर्षण संग्रहालय का विशाल परिसर, खुले आंगन, चिल्ड्रेंस गैलरी और क्षेत्रीय लोक कला गैलरी भी पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। यहां लघु ऐतिहासिक फिल्मों के माध्यम से भी बिहार की विरासत से परिचित कराया जाता है। आधुनिक स्थापत्य और पारंपरिक धरोहरों का संयोजन इसे राज्य के महत्वपूर्ण सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल करता है। भ्रमण के लिए चार से पांच घंटे का समय जरूरी म्यूजियम की विभिन्न दीर्घाओं और प्रदर्शित कलाकृतियों को विस्तार से देखने के लिए चार से पांच घंटे का समय रखना उचित है। सामान्य प्रवेश टिकट की दर 100 रुपये बताई गई है। पहचान पत्र प्रस्तुत करने पर विद्यार्थियों को आधे शुल्क में प्रवेश मिलने की जानकारी भी दी गई है। संग्रहालय सोमवार को आम लोगों और पर्यटकों के भ्रमण के लिए बंद रहता है। पर्यटकों को भ्रमण की योजना बनाने से पहले प्रवेश शुल्क और खुलने-बंद होने के समय की आधिकारिक जानकारी की पुष्टि कर लेनी चाहिए। वैश्विक रैंकिंग में मिली इस पहचान से बिहार की ऐतिहासिक धरोहर और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक चर्चा मिलने की उम्मीद है।  

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