दुर्ग में शनिवार को छत्तीसगढ़ टैक्स टेक समिट 2026 का आयोजन किया गया। इसमें जीएसटी (GST) से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने, कर प्रणाली को आसान करने और नई तकनीक के इस्तेमाल पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने अधिवक्ताओं के लिए बार रूम बनाने की मांग को मंजूरी दे दी। इस घोषणा का अधिवक्ताओं ने स्वागत किया। समिट का आयोजन छत्तीसगढ़ टैक्स बार काउंसिल ने किया। दुर्ग टैक्स बार एसोसिएशन इसकी मेजबान रही। कार्यक्रम में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) की नई दिल्ली प्रिंसिपल बेंच के अध्यक्ष डॉ. जस्टिस (सेवानिवृत्त) संजय कुमार मिश्रा, छत्तीसगढ़ के विधि मंत्री गजेंद्र यादव और वित्त मंत्री ओपी चौधरी शामिल हुए। इसके अलावा GSTAT रायपुर बेंच के तकनीकी सदस्य सतीश कुमार अग्रवाल और वरिष्ठ अधिवक्ता एमसी जैन भी मौजूद रहे। करदाताओं और अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल पर जोर कार्यक्रम में वक्ताओं ने जीएसटी से जुड़ी सुविधाओं में हुए बदलाव, तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल और कर प्रणाली को आसान बनाने पर अपनी बात रखी। छत्तीसगढ़ टैक्स बार काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष विवेक सारस्वत ने कर व्यवस्था में सुधार के लिए कई सुझाव दिए। उन्होंने वित्त मंत्री ओपी चौधरी से अधिवक्ताओं के लिए बार रूम बनाने और करदाताओं व कर अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल के लिए ‘संवाद’ कार्यक्रम शुरू करने की मांग की। वित्त मंत्री ने बार रूम बनाने की मांग स्वीकार कर ली। GSTAT के लिए AI चैटबॉट का सुझाव समिट में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एआई चैटबॉट शुरू करने का सुझाव भी दिया गया। इसका मकसद लोगों को न्यायाधिकरण की प्रक्रिया और जरूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराना है। वहीं, विधि मंत्री गजेंद्र यादव के सामने एलएलबी पाठ्यक्रम में जीएसटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ा विषय शामिल करने का सुझाव रखा गया। इससे कानून की पढ़ाई कर रहे छात्रों को कर व्यवस्था और नई तकनीक की जानकारी मिल सकेगी। हैदराबाद के सीए ने दी कर प्रावधानों की जानकारी कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। दुर्ग टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश मिश्रा और प्रदेश महासचिव गोपाल कृष्ण तावनिया ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन एससी लेखवानी ने किया। इसके बाद तकनीकी सत्र में हैदराबाद से आए सीए विजय श्रीनिवास कोठापल्ली ने कर से जुड़े नए प्रावधानों और तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित अधिवक्ताओं और कर सलाहकारों को इन बदलावों के बारे में बताया। कार्यक्रम का समापन प्रदेश महासचिव गोपाल कृष्ण तावनिया के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

