जापान से लौटे बक्सर के अविनाश पहलवान का स्वागत:भारतीय टीम के स्टाफ में थे शामिल,15KM लंबा जुलूस निकालकर चौसा तक ले गए युवा

जापान से लौटे बक्सर के अविनाश पहलवान का स्वागत:भारतीय टीम के स्टाफ में थे शामिल,15KM लंबा जुलूस निकालकर चौसा तक ले गए युवा

बक्सर, जापान में आयोजित एशियन गेम्स से लौटे बक्सर जिले के चौसा निवासी अविनाश पहलवान का रविवार को भव्य स्वागत किया गया। भारतीय कुश्ती टीम के स्पोर्टिंग स्टाफ में शामिल अविनाश के बक्सर पहुंचने पर सैकड़ों युवाओं ने उनका अभिनंदन किया। बक्सर गोलंबर पर फूल-मालाओं से स्वागत के बाद तिरंगा और डीजे के साथ करीब 15 किलोमीटर लंबा जुलूस निकाला गया। जुलूस बक्सर से उनके पैतृक गांव चौसा पहुंचा, जहां सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर भोजपुर जिले के संदेश विधायक राधा चरण सेठ भी मौजूद रहे। सुजीत कलकल को गोल्ड दिलाने में निभाई अहम भूमिका जापान में भारतीय पहलवान सुजीत कलकल के 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती के फाइनल मुकाबले के दौरान अविनाश पहलवान चर्चा में आए। सुजीत का मुकाबला ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुडिएव से था। मुकाबले के दौरान अविनाश ने सुजीत को अटैक करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद सुजीत ने 10-9 से जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम के स्पोर्टिंग स्टाफ के सदस्य के रूप में अविनाश की भूमिका खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने और उनका साथ देने की रही। चौसा की मिट्टी से अंतरराष्ट्रीय खेल मंच तक का सफर बक्सर जिले के चौसा में कुश्ती के दांव-पेच सीखने वाले अविनाश का भारतीय कुश्ती टीम के स्पोर्टिंग स्टाफ में चयन पहले ही क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन चुका था। जापान से लौटने के बाद उनके स्वागत में उमड़ी भीड़ ने स्थानीय प्रतिभाओं के प्रति लोगों के सम्मान और उत्साह को दिखाया। युवाओं ने तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारे लगाए और अविनाश के प्रति अपना समर्थन जताया। युवाओं के लिए प्रेरणा बने अविनाश पहलवान बक्सर गोलंबर से चौसा तक निकाला गया जुलूस अविनाश के सम्मान के साथ जिले की खेल प्रतिभा के प्रति गर्व का प्रतीक बना। गांव पहुंचने पर आयोजित सम्मान समारोह में उनके योगदान की सराहना की गई। अविनाश की उपलब्धि स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा है कि गांव में सीखा गया हुनर और मेहनत देश के बड़े खेल मंचों तक पहुंचने का रास्ता खोल सकते हैं। उनके स्वागत ने यह भी दिखाया कि क्षेत्र का कोई युवा देश के लिए योगदान देता है, तो उसका सम्मान पूरे समाज का गौरव बन जाता है। बक्सर, जापान में आयोजित एशियन गेम्स से लौटे बक्सर जिले के चौसा निवासी अविनाश पहलवान का रविवार को भव्य स्वागत किया गया। भारतीय कुश्ती टीम के स्पोर्टिंग स्टाफ में शामिल अविनाश के बक्सर पहुंचने पर सैकड़ों युवाओं ने उनका अभिनंदन किया। बक्सर गोलंबर पर फूल-मालाओं से स्वागत के बाद तिरंगा और डीजे के साथ करीब 15 किलोमीटर लंबा जुलूस निकाला गया। जुलूस बक्सर से उनके पैतृक गांव चौसा पहुंचा, जहां सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर भोजपुर जिले के संदेश विधायक राधा चरण सेठ भी मौजूद रहे। सुजीत कलकल को गोल्ड दिलाने में निभाई अहम भूमिका जापान में भारतीय पहलवान सुजीत कलकल के 65 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती के फाइनल मुकाबले के दौरान अविनाश पहलवान चर्चा में आए। सुजीत का मुकाबला ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुडिएव से था। मुकाबले के दौरान अविनाश ने सुजीत को अटैक करने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद सुजीत ने 10-9 से जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम के स्पोर्टिंग स्टाफ के सदस्य के रूप में अविनाश की भूमिका खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने और उनका साथ देने की रही। चौसा की मिट्टी से अंतरराष्ट्रीय खेल मंच तक का सफर बक्सर जिले के चौसा में कुश्ती के दांव-पेच सीखने वाले अविनाश का भारतीय कुश्ती टीम के स्पोर्टिंग स्टाफ में चयन पहले ही क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन चुका था। जापान से लौटने के बाद उनके स्वागत में उमड़ी भीड़ ने स्थानीय प्रतिभाओं के प्रति लोगों के सम्मान और उत्साह को दिखाया। युवाओं ने तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारे लगाए और अविनाश के प्रति अपना समर्थन जताया। युवाओं के लिए प्रेरणा बने अविनाश पहलवान बक्सर गोलंबर से चौसा तक निकाला गया जुलूस अविनाश के सम्मान के साथ जिले की खेल प्रतिभा के प्रति गर्व का प्रतीक बना। गांव पहुंचने पर आयोजित सम्मान समारोह में उनके योगदान की सराहना की गई। अविनाश की उपलब्धि स्थानीय युवाओं के लिए प्रेरणा है कि गांव में सीखा गया हुनर और मेहनत देश के बड़े खेल मंचों तक पहुंचने का रास्ता खोल सकते हैं। उनके स्वागत ने यह भी दिखाया कि क्षेत्र का कोई युवा देश के लिए योगदान देता है, तो उसका सम्मान पूरे समाज का गौरव बन जाता है।  

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