NCP vs Shiv Sena Mahayuti: महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में महायुति के दो सहयोगी दलों सुनेत्रा पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के बीच सियासी खींचतान तेज होती नजर आ रही है। अलीबाग के शिंदे गुट के विधायक महेंद्र दलवी के विधानसभा क्षेत्र में एनसीपी ने बड़ी सेंध लगाई है। शेणवई गांव की आदिवासी वाड़ी के 200 से अधिक शिंदे गुट से जुड़े नेता-कार्यकर्ता एनसीपी में शामिल हो गए। प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सुनील तटकरे की मौजूदगी में हुए इस दल-बदल को रायगढ़ में एनसीपी की ताकत बढ़ाने और शिंदे गुट को राजनीतिक चुनौती देने के तौर पर देखा जा रहा है।
शिंदे गुट के क्षेत्र में NCP ने लगाई सेंध
रायगढ़ जिले में महायुति के भीतर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा अब खुलकर सामने आने लगी है। एक ओर दोनों दल राज्य में सत्ता के साझेदार हैं, तो दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं को अपने पाले में लाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
इसी बीच, अलीबाग विधानसभा क्षेत्र के शेणवई गांव की आदिवासी वाड़ी के 200 से अधिक ग्रामीणों ने NCP का दामन थाम लिया। यह क्षेत्र शिवसेना के शिंदे गुट के विधायक महेंद्र दलवी का विधानसभा क्षेत्र है। ऐसे में इस घटनाक्रम को उनके लिए राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
सुनील तटकरे की मौजूदगी में हुआ पार्टी प्रवेश
राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद सुनील तटकरे की उपस्थिति में ग्रामीणों ने पार्टी में प्रवेश किया। इस दौरान तटकरे ने नए सदस्यों का स्वागत किया।
इस घटनाक्रम से रायगढ़ में NCP को स्थानीय स्तर पर अपनी संगठनात्मक ताकत बढ़ाने का मौका मिला है। खास बात यह है कि पार्टी प्रवेश ऐसे क्षेत्र में हुआ है, जहां शिवसेना के शिंदे गुट का प्रतिनिधित्व है।
महायुति में सहयोग, लेकिन रायगढ़ में सियासी खींचतान
महाराष्ट्र में भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) महायुति के सहयोगी दल हैं। हालांकि, कोंकण क्षेत्र के रायगढ़ जिले में इन दोनों दलों के बीच अक्सर टकराव की स्थिति देखने को मिलती है। ग्रामीण क्षेत्रों में संगठन मजबूत करने के लिए दोनों दलों की गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना है।
मुंबई में आज NCP की बड़ी बैठक
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के वरिष्ठ नेता पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में शामिल होने के लिए देवगिरी बंगले पहुंचे। महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में संगठनात्मक बदलावों और राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा होने की संभावना है।

