लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार स्थित श्री रामलीला समिति की ओर से श्री रामलीला महोत्सव-2026 के दूसरे दिन भावनाओं से भरे प्रसंगों का मंचन किया गया। दशरथ-कैकेयी संवाद ने दर्शकों को बांधे रखा। वहीं सुमंत के मार्मिक विलाप ने माहौल को गमगीन कर दिया। मंच पर वनगमन, केवट प्रसंग, दशरथ मरण, चित्रकूट प्रसंग सहित कई दृश्य प्रस्तुत किए गए। कलाकारों ने संवाद के साथ गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। दशरथ की भूमिका में महेंद्र सिंह रावत ने प्रभावशाली अभिनय और गायन किया। कैकेयी की भूमिका में चित्रा कांडपाल ने अपने अभिनय से प्रसंग को जीवंत कर दिया। दशरथ ने गीत के जरिए कैकेयी से अपने दुख का कारण पूछा। इसके जवाब में कैकेयी ने भी गीत के माध्यम से अपना हठ दिखाया। दोनों के संवाद पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं। सुमंत के विलाप से भावुक हुए दर्शक राम के वन जाने के बाद सुमंत का विलाप सबसे भावुक दृश्य रहा। सुमंत की भूमिका निभा रहे हरीश कांडपाल ने ‘अवध से नाता तोड़ चले हैं आज हमारे राम’ गीत प्रस्तुत किया। इसे सुनकर कई दर्शकों की आंखें नम हो गईं। भरत ने मां कैकेयी से राम को वन भेजने पर सवाल किया। राम और केवट संवाद ने भी दर्शकों को खूब प्रभावित किया। मंथरा ने कैकेयी को कोप भवन जाकर वरदान मांगने के लिए उकसाने वाला प्रसंग प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। राम की भूमिका नेहा सिंह, लक्ष्मण की निक्की सिंह, सीता की विधि सिंह, कौशल्या की प्रतिभा सती और सुमित्रा की मंजू बिष्ट ने निभाई। केवट की भूमिका महेंद्र पंत ने निभाई। महापौर ने कलाकारों की सराहना की मुख्य अतिथि महापौर सुषमा खर्कवाल ने आयोजन की सराहना की। उन्होंने समिति के कार्यकर्ताओं की मेहनत और कलाकारों के अभिनय की प्रशंसा की। सभी को शुभकामनाएं दीं। रामलीला में समिति के मुख्य संरक्षक टीएस मनराल, संरक्षक प्रो. आरसी पंत, भवान सिंह रावत, केएन चंदोला, गणेश चंद्र जोशी, संयोजक गोविंद सिंह बोरा, अध्यक्ष ख्याली सिंह कड़ाकोटी समेत पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए।

