शेखपुरा के केनरा बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में 30 दिवसीय सेल फोन रिपेयरिंग और सर्विस प्रशिक्षण पूरा हो गया। इस मौके पर 33 प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र दिए गए। संस्थान के निदेशक राजीव रंजन ने प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित किए और उन्हें प्रशिक्षण का उपयोग कर स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रेरित किया। चार्जिंग से लेकर मदरबोर्ड रिपेयरिंग तक की मिली जानकारी मास्टर ट्रेनर मुकेश कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को मोबाइल फोन की तकनीकी खराबियों की पहचान और मरम्मत के बारे में जानकारी दी। इसमें चार्जिंग, आईसी, डिजिटल मीटर, बैटरी, मदरबोर्ड, फ्लैशिंग, एलईडी फॉल्ट, सॉफ्टवेयर, यूजर लॉक और सिम लॉक जैसी समस्याओं के समाधान के तरीके बताए गए। प्रशिक्षुओं को आधुनिक मोबाइल तकनीक से भी परिचित कराया गया। स्वप्रेरणा और समय प्रबंधन पर भी दिया गया प्रशिक्षण संस्थान के सीनियर फैकल्टी मेंबर ने प्रशिक्षुओं को स्वप्रेरणा, उद्यमशीलता और समय प्रबंधन जैसे विषयों की जानकारी दी। निदेशक राजीव रंजन ने युवाओं को प्रशिक्षण के बाद अपना रोजगार शुरू करने और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने बचत की आदत विकसित करने और बैंक में बचत खाता खुलवाने पर भी जोर दिया। जल्द शुरू होंगे अन्य रोजगारपरक प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक ने बताया कि आने वाले दिनों में गाय पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, ब्यूटी पार्लर, इलेक्ट्रीशियन, फोटोग्राफी और एसी-फ्रिज रिपेयरिंग जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण भी शुरू किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को कौशल से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में ये रहे मौजूद प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में अभिनव प्रसून, रवि शंकर कुमार और साक्षी प्रिया भी मौजूद रहे। प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को अब मोबाइल रिपेयरिंग के क्षेत्र में अपना काम शुरू करने का अवसर मिलेगा। शेखपुरा के केनरा बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में 30 दिवसीय सेल फोन रिपेयरिंग और सर्विस प्रशिक्षण पूरा हो गया। इस मौके पर 33 प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र दिए गए। संस्थान के निदेशक राजीव रंजन ने प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र वितरित किए और उन्हें प्रशिक्षण का उपयोग कर स्वरोजगार शुरू करने के लिए प्रेरित किया। चार्जिंग से लेकर मदरबोर्ड रिपेयरिंग तक की मिली जानकारी मास्टर ट्रेनर मुकेश कुमार ने प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को मोबाइल फोन की तकनीकी खराबियों की पहचान और मरम्मत के बारे में जानकारी दी। इसमें चार्जिंग, आईसी, डिजिटल मीटर, बैटरी, मदरबोर्ड, फ्लैशिंग, एलईडी फॉल्ट, सॉफ्टवेयर, यूजर लॉक और सिम लॉक जैसी समस्याओं के समाधान के तरीके बताए गए। प्रशिक्षुओं को आधुनिक मोबाइल तकनीक से भी परिचित कराया गया। स्वप्रेरणा और समय प्रबंधन पर भी दिया गया प्रशिक्षण संस्थान के सीनियर फैकल्टी मेंबर ने प्रशिक्षुओं को स्वप्रेरणा, उद्यमशीलता और समय प्रबंधन जैसे विषयों की जानकारी दी। निदेशक राजीव रंजन ने युवाओं को प्रशिक्षण के बाद अपना रोजगार शुरू करने और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने बचत की आदत विकसित करने और बैंक में बचत खाता खुलवाने पर भी जोर दिया। जल्द शुरू होंगे अन्य रोजगारपरक प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक ने बताया कि आने वाले दिनों में गाय पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, ब्यूटी पार्लर, इलेक्ट्रीशियन, फोटोग्राफी और एसी-फ्रिज रिपेयरिंग जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण भी शुरू किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को कौशल से जोड़कर स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में ये रहे मौजूद प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में अभिनव प्रसून, रवि शंकर कुमार और साक्षी प्रिया भी मौजूद रहे। प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवाओं को अब मोबाइल रिपेयरिंग के क्षेत्र में अपना काम शुरू करने का अवसर मिलेगा।

