Tanisha Mukherji On Acting Career: बॉलीवुड अभिनेत्री तनीषा मुखर्जी ने अपने अभिनय करियर और रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ में बिताए समय को लेकर खुलकर बात की है। अनफोल्डिंग्स ह्यूमन्स के साथ बातचीत में तनीषा ने स्वीकार किया कि वह अपने अभिनय करियर को लेकर उतनी गंभीर नहीं थीं, जितना उन्हें होना चाहिए था। अभिनेत्री का मानना है कि अगर उन्होंने शुरुआत में ही अभिनय की ट्रेनिंग और डांस की क्लास पर ध्यान दिया होता, तो आज उनका करियर कहीं आगे हो सकता था।
तनीषा मुखर्जी ने अपने करियर को लेकर पछतावा जाहिर करते हुए कहा कि वह अभिनय को लेकर काफी सहज और लापरवाह थीं। उन्हें लगता है कि अगर उन्होंने अपने काम को अधिक गंभीरता से लिया होता, तो इंडस्ट्री में ज्यादा सफलता हासिल कर सकती थीं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जिंदगी में इंसान अपने फैसलों से सीखता है और उनके साथ भी ऐसा ही हुआ।
‘एक्टिंग को लेकर इतनी लापरवाह नहीं होना चाहिए था’
तनीषा ने बातचीत में कहा कि वह ईमानदारी से मानती हैं कि अभिनय को लेकर उनका रवैया काफी सहज था। उन्हें अब लगता है कि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। अभिनेत्री के मुताबिक, अगर वह अभिनय को लेकर अधिक गंभीर रहतीं, तो शायद अपने करियर में और आगे बढ़ सकती थीं।
उन्होंने यह भी माना कि अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले उन्हें डांस और एक्टिंग की ट्रेनिंग लेनी चाहिए थी। तनीषा ने कहा कि उनके लिए अभिनय का रास्ता अचानक खुल गया था और उन्होंने इस क्षेत्र में आने से पहले जरूरी क्लास नहीं की थीं।
काजोल का भी दिया उदाहरण
अभिनेत्री ने अपनी बहन काजोल का उदाहरण देते हुए बताया कि काजोल ने भी अभिनय के लिए इस तरह की ट्रेनिंग नहीं ली थी। इसी वजह से उन्हें लगा कि वह भी बिना क्लास किए काम चला लेंगी। लेकिन अब उन्हें एहसास है कि हर कलाकार के लिए केवल मौके मिलना काफी नहीं होता, बल्कि अपने हुनर को लगातार बेहतर बनाना भी जरूरी है।
तनीषा के इस बयान से साफ है कि वह अपने करियर के फैसलों को पीछे मुड़कर देख रही हैं और मानती हैं कि बेहतर तैयारी से उनके काम में सुधार हो सकता था।
बिग बॉस से क्या सीख मिली?
अभिनय के अलावा तनीषा ने रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ में अपने अनुभवों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि इस शो से उन्हें यह सीख मिली कि किसी भी परिस्थिति में सोच-समझकर कदम रखना चाहिए।
तनीषा के मुताबिक, रियलिटी शो में प्रतिभागियों को कुछ खास परिस्थितियों में रखा जाता है, ताकि उनके बीच संबंध बनें और भावनाएं विकसित हों। उन्होंने इसे एक तरह का मनोवैज्ञानिक खेल बताया, जिसमें प्रतिभागियों के अनुभवों और आपसी रिश्तों पर शो के प्रारूप का असर पड़ सकता है।
अभिनेत्री ने कहा कि शो में कई बार ऐसे हालात बनते हैं, जिन्हें प्रतिभागी खुद नहीं चुनते। इन परिस्थितियों के कारण लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव पैदा हो सकता है। उनके मुताबिक, दर्शकों और प्रतिभागियों को यह समझना चाहिए कि रियलिटी शो का माहौल सामान्य जिंदगी से अलग होता है।
‘भावनाएं परिस्थितियों की वजह से भी बन सकती हैं’
तनीषा ने कहा कि शो में एक साथ समय बिताने और कुछ खास परिस्थितियों से गुजरने के कारण लोगों के बीच भावनात्मक संबंध बन सकते हैं। हालांकि, उनके अनुसार, इन भावनाओं को समझते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि वे किन परिस्थितियों में विकसित हुई हैं।
उनका मानना है कि रियलिटी शो में प्रतिभागियों के अनुभवों को शो के निर्माता और उसका प्रारूप प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में वहां बनने वाले रिश्तों और भावनाओं को सामान्य जिंदगी के संबंधों से अलग नजरिए से देखना जरूरी है।
तनीषा के इस बयान से ‘बिग बॉस’ जैसे रियलिटी शो के माहौल और प्रतिभागियों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चर्चा हो सकती है। हालांकि, यह उनके निजी अनुभव और नजरिए पर आधारित टिप्पणी है।
करियर से मिली सीख पर तनीषा ने की बात
तनीषा मुखर्जी के बयान से पता चलता है कि वह अपने करियर के शुरुआती फैसलों को लेकर अब अलग नजरिया रखती हैं। उन्हें लगता है कि अभिनय की बेहतर तैयारी और नियमित अभ्यास से उन्हें अधिक अवसरों का लाभ उठाने में मदद मिल सकती थी।
वहीं, ‘बिग बॉस’ को लेकर उनकी बात इस ओर इशारा करती है कि रियलिटी शो में बनने वाले रिश्तों और भावनाओं को समझदारी से देखना चाहिए। तनीषा ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जिंदगी में लिए गए फैसले और उनसे मिली सीख आगे के सफर को समझने में मदद करते हैं।

