गैस पाइप नहीं बदली तो बीमा क्लेम में भी अड़चन:190 रुपए की सुरक्षा होज नहीं बदलवा रहे 5 हजार उपभोक्ता, खतरे में सुरक्षा

गैस पाइप नहीं बदली तो बीमा क्लेम में भी अड़चन:190 रुपए की सुरक्षा होज नहीं बदलवा रहे 5 हजार उपभोक्ता, खतरे में सुरक्षा

रसोई गैस सिलेंडर से जुड़ी सुरक्षा में लापरवाही किसी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। हनुमानगढ़ में इंडेन गैस एजेंसी के करीब पांच हजार उपभोक्ताओं ने अभी तक गैस चूल्हे की सुरक्षा होज नहीं बदली है। वहीं, पूरे राजस्थान में करीब 32 प्रतिशत उपभोक्ता अब भी पुरानी सुरक्षा होज का इस्तेमाल कर रहे हैं। पुरानी रबड़ पाइप, गैर प्रमाणित होज और बंद जगह पर सिलेंडर रखने से गैस रिसाव और आग लगने का खतरा बढ़ सकता है। इंडेन गैस एजेंसी के प्रबंधक सतविन्द्र सिंह के अनुसार, उपभोक्ताओं को डिलीवरी के समय और फोन के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने प्रमाणित सुरक्षा होज लगवाने के साथ घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल और अनधिकृत खरीद-बिक्री से बचने की भी अपील की है। पांच साल में बदलें सुरक्षा होज, कीमत करीब 190 रुपए इंडेन गैस एजेंसी के प्रबंधक सतविन्द्र सिंह ने बताया कि उपभोक्ताओं को कंपनी की ओर से प्रमाणित सुरक्षा होज लगवाने की सलाह दी जा रही है। इसकी कीमत करीब 190 रुपए है और इसे हर पांच साल में एक बार बदलना जरूरी है। बाजार में मिलने वाली गैर प्रमाणित पाइप का इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है। ऐसे में उपभोक्ताओं को आईएसआई प्रमाणित और कंपनी की ओर से अनुमोदित सुरक्षा होज ही लगानी चाहिए, ताकि गैस रिसाव जैसी घटनाओं की आशंका कम की जा सके। उन्होंने बताया कि हनुमानगढ़ में करीब पांच हजार उपभोक्ताओं ने अभी तक सुरक्षा होज नहीं बदली है। ऐसे उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय और फोन के जरिए सुरक्षा संबंधी सावधानियों के बारे में बताया जा रहा है। राजस्थान में करीब 32 प्रतिशत उपभोक्ताओं का सुरक्षा होज नहीं बदलना चिंता का विषय है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी से बीमा क्लेम में परेशानी गैस सिलेंडर से जुड़ी दुर्घटना होने पर बीमा सुरक्षा का लाभ मिल सकता है, लेकिन इसके लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी है। सतविन्द्र सिंह के अनुसार, यदि उपभोक्ता ने गैर प्रमाणित पाइप लगा रखी है और दुर्घटना हो जाती है, तो बीमा क्लेम में परेशानी आ सकती है और शुरुआती स्तर पर ही दावा खारिज होने की आशंका रहती है। इसलिए हादसे के बाद मुआवजे पर निर्भर रहने के बजाय पहले से सुरक्षा उपाय अपनाना जरूरी है। तंग घरों में बंद जगह पर सिलेंडर रखना खतरनाक सतविन्द्र सिंह ने बताया कि कई घरों में जगह की कमी के कारण गैस सिलेंडर को बंद डिब्बेनुमा जगह में रख दिया जाता है। यह सुरक्षित तरीका नहीं है। ऐसी जगह गैस रिसाव होने पर गैस जमा हो सकती है और आग लगने का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि आग बुझाने में मदद के लिए कंपनी की ओर से फायर क्रॉस बॉल भी उपलब्ध करवाई गई है। यह एक स्वचालित अग्निशमन उपकरण है, जिसे सिलेंडर के ऊपर रखा जाता है। आग के संपर्क में आने पर यह सक्रिय होकर आग बुझाने में मदद कर सकती है। हालांकि, ऐसे उपकरण का इस्तेमाल गैस रिसाव रोकने, सुरक्षित वेंटिलेशन और अन्य जरूरी सावधानियों का विकल्प नहीं है। 500 रुपए के लालच में घरेलू सिलेंडर बेचने का आरोप सतविन्द्र सिंह ने घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक इस्तेमाल पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि कुछ लोग घरेलू गैस सिलेंडर करीब 500 रुपए के लालच में होटल और ढाबा संचालकों को बेच देते हैं। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होता है। कुछ लोग घरेलू सिलेंडरों से बड़े सिलेंडरों में गैस स्थानांतरित करके भी इस्तेमाल करते हैं, जो सुरक्षा की दृष्टि से जोखिम भरा है। उन्होंने बताया कि छापेमारी के दौरान कई बार व्यावसायिक उपयोग में सिलेंडर मिल जाते हैं, लेकिन उनके बिल या खरीद से जुड़े दस्तावेज नहीं मिलते। उन्होंने उपभोक्ताओं और होटल-ढाबा संचालकों से अपील की कि वे गैस सिलेंडर केवल अधिकृत वेंडर या डिस्ट्रीब्यूटर से ही प्राप्त करें। अनधिकृत स्रोतों से सिलेंडर खरीदने और गैस स्थानांतरित करने से बचें, ताकि दुर्घटना और जान-माल के नुकसान का खतरा कम किया जा सके।

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