400 किमी/घंटे से ज्यादा की रफ्तार में भी ठीक से चलता रहा Starlink का इंटरनेट, युद्ध के बीच यूक्रेन का बड़ा दावा

400 किमी/घंटे से ज्यादा की रफ्तार में भी ठीक से चलता रहा Starlink का इंटरनेट, युद्ध के बीच यूक्रेन का बड़ा दावा

यूक्रेन ने स्टारलिंक के इंटरनेट स्पीड को बड़ा दावा किया है। यूक्रेन के रक्षा मंत्री येवेन खमारा ने शनिवार को बताया कि स्पेसएक्स की सैटेलाइट संचार सेवा को 400 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार पर भी दोबारा चालू किया गया और इस दौरान कनेक्शन पूरी तरह से स्थिर बना रहा।

दिलचस्प बात यह है कि रूस और अमेरिका के बीच हाल ही में नई डीजल डील हुई है। ऐसे में युद्ध के बीच यूक्रेन की इंटरनेट स्पीड स्टरलिंक द्वारा स्थिर रखना एक बड़ी खबर है।

परीक्षण किस वाहन किया गया, यह स्पष्ट नहीं

खमारा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि टेस्टिंग के दौरान 400 किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा की गति दर्ज की गई और इसके बावजूद कनेक्शन में स्थिरता बनी रही।

हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि परीक्षण किस वाहन या प्लेटफॉर्म पर किया गया था और कनेक्शन बहाल करने की पूरी प्रक्रिया क्या रही।

बता दें कि तेज गति के दौरान सैटेलाइट इंटरनेट कनेक्शन को स्थिर बनाए रखना तकनीकी रूप से बड़ी चुनौती है। तेज गति से चलने वाले वाहनों या प्लेटफॉर्म पर इंटरनेट को लगातार स्थिर रखने के लिए मजबूत नेटवर्क और सही तकनीकी तालमेल की जरूरत होती है।

युद्ध के बीच सैटेलाइट संचार क्यों है अहम?

रूस के साथ जारी युद्ध के बीच यूक्रेन के लिए संचार व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है। युद्ध के दौरान पारंपरिक संचार नेटवर्क प्रभावित होने पर सैटेलाइट तकनीक एक वैकल्पिक माध्यम उपलब्ध करा सकती है। इससे सेना और अन्य जरूरी सेवाओं को संपर्क बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

Starlink, SpaceX की सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है। इसका इस्तेमाल अलग-अलग क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है। युद्ध प्रभावित इलाकों में भी सैटेलाइट इंटरनेट की भूमिका को लेकर काफी चर्चा होती रही है। तेज इंटरनेट के माध्यम से ही ड्रोन और अन्य हथियारों को छोड़ने में मदद मिलती है।

SpaceX की तकनीक पर टिकी निगाहें

SpaceX की Starlink सेवा कम ऊंचाई पर पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले सैटेलाइट के नेटवर्क के जरिए इंटरनेट उपलब्ध कराती है। इस तकनीक का उद्देश्य उन क्षेत्रों में भी कनेक्टिविटी देना है, जहां पारंपरिक नेटवर्क पहुंचाना मुश्किल होता है।

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