Punjab Assembly से कांग्रेस विधायक Sukhpal Khaira मौजूदा सत्र के लिए सस्पेंड

Punjab Assembly से कांग्रेस विधायक Sukhpal Khaira मौजूदा सत्र के लिए सस्पेंड

पंजाब विधानसभा ने शुक्रवार को कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ प्रस्ताव पारित करते हुए उन्हें मौजूदा सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया। यह कदम वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की ओर से खैरा के खिलाफ प्रस्ताव पेश किए जाने के बाद उठाया गया। चीमा ने आरोप लगाया कि खैरा ने पीठासीन अधिकारी के खिलाफ असंसदीय भाषा का इस्तेमाल किया और सदन की कार्यवाही जानबूझकर बाधित की।

अपने निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए खैरा ने कहा कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया है। खैरा ने कहा कि उनके खिलाफ यह कार्रवाई उनकी अनुपस्थिति में और बिना कोई सुनवाई किए की गई है। उन्होंने इसे एकतरफा कदम बताया।

खैरा ने कहा, “अगर पंजाब का साथ देना कोई अपराध है, तो मैं ऐसा हजार बार करूंगा। अगर नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के लिए न्याय मांगना कोई अपराध है, तो मैं ऐसा बार-बार करूंगा।”
इससे पहले, चीमा ने प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों के विरोध-प्रदर्शन के समय खैरा के आचरण का हवाला दिया। मंत्री ने कहा कि सदस्यों ने खैरा की ओर से इस्तेमाल किए गए कथित आपत्तिजनक शब्दों पर सख्त एतराज जताया।

उन्होंने कहा कि इस तरह की अपमानजनक बयानबाजी सीधे तौर पर पंजाब के श्रमिक वर्ग, विशेष रूप से अनुसूचित जाति समुदाय के लोगों के आत्म-सम्मान और गरिमा पर प्रहार करती है। चीमा ने कहा कि पंजाब की प्रगति और समृद्धि को आगे बढ़ाने में वहां के श्रमिक वर्ग ने एक अहम भूमिका निभाई है। मंत्री ने कहा कि जाति, सामाजिक स्थिति या आर्थिक पृष्ठभूमि के आधार पर किसी व्यक्ति या समूह का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और न ही किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि विधायकों से पूरी जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है। चीमा ने कांग्रेस पार्टी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने का भी नोटिस दिया। सत्र की शेष अवधि के लिए खैरा को निलंबित करने का प्रस्ताव बाद में मतदान के लिए रखा गया और अध्यक्ष ने इसे सर्वसम्मति से पारित घोषित कर दिया।

पंजाब विधानसभा में शुक्रवार को उस समय हंगामा हुआ, जब कांग्रेस विधायकों ने नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस विधायक सदन के बीचोंबीच पहुंच गए और आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। एक समय वित्त मंत्री चीमा और कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा एक-दूसरे की ओर उंगली उठाते हुए दिखाई दिए।

शोर-शराबे के बीच कांग्रेस विधायकों ने सदन से बहिर्गमन किया। प्रस्ताव पारित किए जाने के समय कांग्रेस विधायक सदन में मौजूद नहीं थे। पंजाब विधानसभा का सत्र बृहस्पतिवार को शुरू हुआ था और यह 27 अक्टूबर तक चलेगा।

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