भागलपुर में छोटी खंजरपुर स्थित जीबूझालेन रोड पर शुक्रवार शाम 440 वोल्ट के बिजली तार में आग लगने से इलाके में अफरातफरी और दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, बिजली के तार में करीब एक घंटे तक आग लगी रही, लेकिन इस दौरान बिजली विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। तार में आग लगने की घटना से आसपास रहने वाले लोग डरे-सहमे रहे। लोगों को आशंका थी कि समय रहते स्थिति पर काबू नहीं पाया गया, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बिजली के तार में आग लगने के बाद काफी देर तक स्थिति सामान्य नहीं हुई। रिहायशी इलाके में इस तरह बिजली के तार का जलते रहना लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बना रहा। आसपास रहने वाले लोगों के बीच अनहोनी की आशंका बनी रही। इसके बावजूद मौके पर बिजली विभाग के कर्मचारियों के नहीं पहुंचने से विभाग की तत्परता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बड़ा हादसा होता तो जिम्मेदारी किसकी होती? दुकानदार पंकज मंडल ने बताया कि हम लोगों को उम्मीद थी कि सूचना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचेंगे और बिजली आपूर्ति बंद कर स्थिति को नियंत्रित करेंगे। लेकिन करीब एक घंटे तक कोई बिजलीकर्मी वहां नहीं पहुंचा। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर इस दौरान कोई बड़ा हादसा हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती? रिहायशी इलाके में बिजली के तार में आग लगने की घटना ने बिजली व्यवस्था और आपात स्थिति में विभाग की प्रतिक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि विभाग मामले की जांच करे और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि लोगों की जान-माल को खतरा न हो। फिलहाल, आग लगने के कारण और बिजली विभाग की ओर से मामले में की गई कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है। भागलपुर में छोटी खंजरपुर स्थित जीबूझालेन रोड पर शुक्रवार शाम 440 वोल्ट के बिजली तार में आग लगने से इलाके में अफरातफरी और दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, बिजली के तार में करीब एक घंटे तक आग लगी रही, लेकिन इस दौरान बिजली विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। तार में आग लगने की घटना से आसपास रहने वाले लोग डरे-सहमे रहे। लोगों को आशंका थी कि समय रहते स्थिति पर काबू नहीं पाया गया, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बिजली के तार में आग लगने के बाद काफी देर तक स्थिति सामान्य नहीं हुई। रिहायशी इलाके में इस तरह बिजली के तार का जलते रहना लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बना रहा। आसपास रहने वाले लोगों के बीच अनहोनी की आशंका बनी रही। इसके बावजूद मौके पर बिजली विभाग के कर्मचारियों के नहीं पहुंचने से विभाग की तत्परता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बड़ा हादसा होता तो जिम्मेदारी किसकी होती? दुकानदार पंकज मंडल ने बताया कि हम लोगों को उम्मीद थी कि सूचना के बाद बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचेंगे और बिजली आपूर्ति बंद कर स्थिति को नियंत्रित करेंगे। लेकिन करीब एक घंटे तक कोई बिजलीकर्मी वहां नहीं पहुंचा। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर इस दौरान कोई बड़ा हादसा हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती? रिहायशी इलाके में बिजली के तार में आग लगने की घटना ने बिजली व्यवस्था और आपात स्थिति में विभाग की प्रतिक्रिया को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि विभाग मामले की जांच करे और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि लोगों की जान-माल को खतरा न हो। फिलहाल, आग लगने के कारण और बिजली विभाग की ओर से मामले में की गई कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

