सीएमपी के 50 लॉ स्टूडेंट्स ने हाईकोर्ट विधि संग्रहालय देखा:न्यायिक इतिहास और कानूनी विरासत को समझने का मौका मिला

सीएमपी के 50 लॉ स्टूडेंट्स ने हाईकोर्ट विधि संग्रहालय देखा:न्यायिक इतिहास और कानूनी विरासत को समझने का मौका मिला

प्रयागराज सीएमपी डिग्री कॉलेज के विधिक सहायता एवं सेवा केंद्र की ओर से शुक्रवार को विधि के विद्यार्थियों के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के विधि संग्रहालय एवं अभिलेखागार का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इसमें 50 विद्यार्थियों के साथ छह प्रोफेसरों ने हिस्सा लिया। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय न्यायपालिका के ऐतिहासिक विकास, न्यायिक परंपराओं और विधिक विरासत से परिचित कराना था। भ्रमण के दौरान विधि विभाग के विद्यार्थियों को न्यायिक इतिहास, महत्वपूर्ण न्यायिक फैसलों और भारतीय विधिक व्यवस्था के विकास से जुड़ी ऐतिहासिक सामग्री को करीब से समझने का अवसर मिला। विद्यार्थियों को न्यायिक अभिलेखों के संरक्षण और न्याय व्यवस्था की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के महत्व की जानकारी भी दी गई। इस पहल के जरिए विद्यार्थियों को कक्षा में पढ़ाए जाने वाले कानूनी प्रावधानों से आगे बढ़कर न्यायपालिका के विकास को समझने का मौका मिला। विधि विभाग के संयोजक प्रोफेसर शिव शंकर सिंह ने कहा कि इस तरह की शैक्षणिक गतिविधियां विधि के विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ व्यावहारिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण भी प्रदान करती हैं। न्यायिक संस्थाओं के इतिहास को समझने से विद्यार्थियों की विधिक समझ और मजबूत होती है। कार्यक्रम के संयोजक और विधिक सहायता एवं सेवा क्लिनिक के संयोजक डॉ. रमेश कुमार भारती ने कहा कि विधिक शिक्षा का उद्देश्य केवल कानून की धाराओं और प्रावधानों का अध्ययन करना नहीं है, बल्कि न्याय व्यवस्था की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, संवैधानिक मूल्यों और आम लोगों तक न्याय की पहुंच के महत्व को समझना भी है। ऐसे भ्रमण विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता और संवैधानिक समझ विकसित करने के साथ न्यायिक संस्थाओं के प्रति सम्मान की भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने बताया कि विधिक सहायता एवं सेवा क्लिनिक का उद्देश्य विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक बनाने के साथ समाज के कमजोर वर्गों तक न्याय की पहुंच के लिए संवेदनशील बनाना है। इसी उद्देश्य से क्लिनिक की ओर से समय-समय पर शैक्षणिक भ्रमण और जन-जागरूकता से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इस अवसर पर डॉ. रमेश कुमार सिंह, डॉ. राकेश कुमार गौतम, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. तुषार श्रीवास्तव और डॉ. अंजलिका उपस्थित रहीं।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *