आगरा में खंड शिक्षक और खंड स्नातक चुनाव में देहात क्षेत्र में चुनाव के दौरान कई वोटरों ने वोट न डालने देने और फर्जी मतदान के आरोप लगाए। कई जगह पर समय से पहले वोटिंग बंद करने की भी शिकायत मिली। आगरा में शिक्षक चुनाव के दौरान अधिकारियों को कई तरह की शिकायत मिलती रहीं। फतेहाबाद में वोट न डालने की शिकायत पर पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार मौके पर पहुंचे। इसके अलावा कई जगह पर शिक्षकों ने वोट न डालने देने के आरोप लगाए। खेरागढ़ में रानी लक्ष्मीबाई इंटर कॉलेज के शिक्षक वोट देने गए। उनका आरोप है कि पहले उन्हें पोलिंग बूथ में घुसने नहीं दिया गया। उनका कहना था कि उनसे कहा गया कि कुछ टेक्निकल इश्यू है। थोड़ी देर में आना। जब वो थोड़ी देर बाद गए तो उनसे कहा गया कि आपके वोट डल गए। 8 शिक्षकों को वोट नहीं देने दिया गया। बिना वोट डाले सबको वापस आना पड़ा। वहीं, सैंया में भी ऐसी ही शिकायत आई। मतदाता सीमा सिकरवार का आरोप है कि उन्हें वोट डालने नहीं दिया गया। हमसे कहा गया कि यहां पर 100 वोट हो चुके हैं। जब उनसे अपने नाम पर साइन दिखाने को कहा गया तो उन्हें मना कर दिया गया। उन्हें वोट नहीं डालने दिए गए। बिना वोट डाले ही वापस आना पड़ा। सैंया ब्लॉक पर पहुंचे अधिकारी
सैंया में एक बूथ पर 100 फीसद मतदान होने की बात कही जा रही थी। इस बूथ पर एसडीएम खेरागढ़ और एडीएम पहुंचे। वो काफी देर तक बूथ पर रहे।

