औरंगाबाद- CID अधिकारी बनकर कारोबारी से 145 ग्राम गोल्ड लूट:ज्वेलरी के बदले थमाया पत्थर, दो बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने वारदात को दिया अंजाम

औरंगाबाद- CID अधिकारी बनकर कारोबारी से 145 ग्राम गोल्ड लूट:ज्वेलरी के बदले थमाया पत्थर, दो बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने वारदात को दिया अंजाम

औरंगाबाद में अपराधियों ने खुद को सीआइडी अधिकारी बताकर शहर के व्यवसायी रघुनंदन साव से करीब 145 ग्राम सोने के जेवरात ठग लिये। घटना शुक्रवार सुबह करीब 10:06 बजे की है। अपराधियों ने चेन लूट की घटनाओं का भय दिखाकर व्यवसायी को अपने झांसे में लिया और प्रशासनिक कार्रवाई के साथ 10 हजार रुपये जुर्माना लगने की बात कहकर उनके जेवर उतरवा लिये। इसके बाद रुमाल बदलकर सोने के जेवरात की जगह पत्थर थमा दिया और मौके से फरार हो गये। पीड़ित रघुनंदन साव ने नगर थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने और न्याय दिलाने की गुहार लगायी है। आवेदन के अनुसार, वह अपने घर के पास टहल रहे थे। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार तीन व्यक्ति वहां पहुंचे। उन्होंने खुद को सीआइडी अधिकारी बताया और इलाके में चेन लूट की घटनाएं बढ़ने का हवाला देते हुए उन्हें सावधान रहने की सलाह दी। अपराधियों ने कहा कि सोने के जेवर पहनकर घूमना सुरक्षित नहीं है और इसके कारण प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है। साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माना लगने का भय भी दिखाया। उनकी बातों में आकर व्यवसायी ने करीब 110 ग्राम वजन की सोने की चेन, जिसमें रुद्राक्ष और त्रिशूल लगा था, तथा करीब 35 ग्राम वजन की सोने की अंगूठी उतार दी। इसके बाद शातिरों ने ठगी की असली चाल चली। एक अपराधी ने पहले अपनी चेन उतारकर रुमाल में रखी, ताकि व्यवसायी को उसकी बातों पर भरोसा हो जाए। फिर उन्होंने जेवरात को कागज में रखकर रुमाल में बांधने का नाटक किया। इसी दौरान रुमाल बदल दिया गया और सोने के जेवरात की जगह पत्थर बंधा रुमाल व्यवसायी की जेब में रख दिया गया। तीनों अपराधी वारदात को अंजाम देने के बाद आराम से निकल गये। कुछ देर बाद रुमाल खोलने पर उसमें पत्थर देखकर व्यवसायी को ठगी का एहसास हुआ। एमजी रोड पर हुई वारदात, बेटे की दुकान के पास सक्रिय रहे अपराधी रघुनंदन साव शहर के जाने-माने व्यवसायियों में शामिल रहे हैं। लोग उन्हें सेठ जी के नाम से भी जानते हैं। एमजी रोड स्थित उनके घर के सामने ही परिवार के सदस्य अलग-अलग व्यवसाय करते हैं। घटनास्थल के पास चंद्रा मशीनरी नाम की दुकान है, जिसका संचालन उनके पुत्र और रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष अजीत चंद्रा करते हैं। व्यवसायी के अनुसार, अपराधियों ने इतनी तेजी से पूरी वारदात को अंजाम दिया कि उन्हें कुछ समझने और आसपास मौजूद परिजनों को इसकी जानकारी देने तक का मौका नहीं मिला। दिनदहाड़े शहर के व्यस्त इलाके में इस तरह की घटना सामने आने से स्थानीय व्यवसायियों के बीच चिंता बढ़ गयी है। अपराधियों ने न केवल पुलिस अधिकारी बनकर विश्वास हासिल किया, बल्कि जुर्माने का भय दिखाकर पीड़ित को मानसिक दबाव में भी डाल दिया। घटना के संबंध में नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है। पुलिस अपराधियों की पहचान करने और उनकी गतिविधियों का पता लगाने में जुटी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गये हैं। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी भी की जा रही है। पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज अहम साबित हो सकते हैं। इनके माध्यम से अपराधियों के हुलिये, मोटरसाइकिलों और भागने के रास्ते की जानकारी मिलने की उम्मीद है। हालांकि, आरोपितों की गिरफ्तारी और ठगी के जेवरात की बरामदगी के संबंध में फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है। कर्मा रोड में वृद्ध महिला को भी बनाया था निशाना, गिरोह की सक्रियता से बढ़ी चिंता औरंगाबाद शहर में जेवरात ठगी की यह पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले अपराधियों ने कर्मा रोड में भी इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया था। उस समय पोते के साथ टहलने निकली एक वृद्ध महिला को निशाना बनाया गया था। अपराधियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए महिला को सोने के आभूषण पहनकर नहीं टहलने की सलाह दी थी। इसी बहाने उन्होंने महिला के कंगन और अन्य आभूषण गायब कर दिये थे। इसके अलावा, कुछ महीने पहले कुटुंबा में भी झांसा देकर लाखों रुपये के जेवरात ठग लिये गये थे। उस मामले में कई शातिर पकड़े गये थे, जबकि अन्य घटनाओं में शामिल आरोपितों की तलाश जारी रहने की जानकारी सामने आयी थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से आशंका जतायी जा रही है कि ठग अलग-अलग इलाकों में एक ही तरह की तरकीब अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ताजा घटना के बाद शहर के व्यवसायियों और बुद्धिजीवियों ने अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी और इस तरह की वारदातों पर रोक लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अपराधी पुलिस या सीआइडी अधिकारी बनकर लोगों का भरोसा जीतते हैं और फिर सुरक्षा के नाम पर उनके आभूषण उतरवा लेते हैं। सावधानी जरूरी पुलिसकर्मी या सीआइडी अधिकारी बताकर कोई व्यक्ति जेवर उतारने को कहे, तो उसके दबाव में न आएं। उसकी पहचान की पुष्टि संबंधित थाने से करें और संदेह होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने सोने के आभूषण कागज या रुमाल में बांधकर उसे न सौंपें। दिनदहाड़े होने वाली ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सतर्कता और समय पर पुलिस को सूचना देना सबसे जरूरी है। औरंगाबाद में अपराधियों ने खुद को सीआइडी अधिकारी बताकर शहर के व्यवसायी रघुनंदन साव से करीब 145 ग्राम सोने के जेवरात ठग लिये। घटना शुक्रवार सुबह करीब 10:06 बजे की है। अपराधियों ने चेन लूट की घटनाओं का भय दिखाकर व्यवसायी को अपने झांसे में लिया और प्रशासनिक कार्रवाई के साथ 10 हजार रुपये जुर्माना लगने की बात कहकर उनके जेवर उतरवा लिये। इसके बाद रुमाल बदलकर सोने के जेवरात की जगह पत्थर थमा दिया और मौके से फरार हो गये। पीड़ित रघुनंदन साव ने नगर थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने और न्याय दिलाने की गुहार लगायी है। आवेदन के अनुसार, वह अपने घर के पास टहल रहे थे। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों पर सवार तीन व्यक्ति वहां पहुंचे। उन्होंने खुद को सीआइडी अधिकारी बताया और इलाके में चेन लूट की घटनाएं बढ़ने का हवाला देते हुए उन्हें सावधान रहने की सलाह दी। अपराधियों ने कहा कि सोने के जेवर पहनकर घूमना सुरक्षित नहीं है और इसके कारण प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है। साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माना लगने का भय भी दिखाया। उनकी बातों में आकर व्यवसायी ने करीब 110 ग्राम वजन की सोने की चेन, जिसमें रुद्राक्ष और त्रिशूल लगा था, तथा करीब 35 ग्राम वजन की सोने की अंगूठी उतार दी। इसके बाद शातिरों ने ठगी की असली चाल चली। एक अपराधी ने पहले अपनी चेन उतारकर रुमाल में रखी, ताकि व्यवसायी को उसकी बातों पर भरोसा हो जाए। फिर उन्होंने जेवरात को कागज में रखकर रुमाल में बांधने का नाटक किया। इसी दौरान रुमाल बदल दिया गया और सोने के जेवरात की जगह पत्थर बंधा रुमाल व्यवसायी की जेब में रख दिया गया। तीनों अपराधी वारदात को अंजाम देने के बाद आराम से निकल गये। कुछ देर बाद रुमाल खोलने पर उसमें पत्थर देखकर व्यवसायी को ठगी का एहसास हुआ। एमजी रोड पर हुई वारदात, बेटे की दुकान के पास सक्रिय रहे अपराधी रघुनंदन साव शहर के जाने-माने व्यवसायियों में शामिल रहे हैं। लोग उन्हें सेठ जी के नाम से भी जानते हैं। एमजी रोड स्थित उनके घर के सामने ही परिवार के सदस्य अलग-अलग व्यवसाय करते हैं। घटनास्थल के पास चंद्रा मशीनरी नाम की दुकान है, जिसका संचालन उनके पुत्र और रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष अजीत चंद्रा करते हैं। व्यवसायी के अनुसार, अपराधियों ने इतनी तेजी से पूरी वारदात को अंजाम दिया कि उन्हें कुछ समझने और आसपास मौजूद परिजनों को इसकी जानकारी देने तक का मौका नहीं मिला। दिनदहाड़े शहर के व्यस्त इलाके में इस तरह की घटना सामने आने से स्थानीय व्यवसायियों के बीच चिंता बढ़ गयी है। अपराधियों ने न केवल पुलिस अधिकारी बनकर विश्वास हासिल किया, बल्कि जुर्माने का भय दिखाकर पीड़ित को मानसिक दबाव में भी डाल दिया। घटना के संबंध में नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है। पुलिस अपराधियों की पहचान करने और उनकी गतिविधियों का पता लगाने में जुटी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गये हैं। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी भी की जा रही है। पुलिस की जांच में सीसीटीवी फुटेज अहम साबित हो सकते हैं। इनके माध्यम से अपराधियों के हुलिये, मोटरसाइकिलों और भागने के रास्ते की जानकारी मिलने की उम्मीद है। हालांकि, आरोपितों की गिरफ्तारी और ठगी के जेवरात की बरामदगी के संबंध में फिलहाल पुलिस की कार्रवाई जारी है। कर्मा रोड में वृद्ध महिला को भी बनाया था निशाना, गिरोह की सक्रियता से बढ़ी चिंता औरंगाबाद शहर में जेवरात ठगी की यह पहली घटना नहीं है। कुछ दिन पहले अपराधियों ने कर्मा रोड में भी इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया था। उस समय पोते के साथ टहलने निकली एक वृद्ध महिला को निशाना बनाया गया था। अपराधियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए महिला को सोने के आभूषण पहनकर नहीं टहलने की सलाह दी थी। इसी बहाने उन्होंने महिला के कंगन और अन्य आभूषण गायब कर दिये थे। इसके अलावा, कुछ महीने पहले कुटुंबा में भी झांसा देकर लाखों रुपये के जेवरात ठग लिये गये थे। उस मामले में कई शातिर पकड़े गये थे, जबकि अन्य घटनाओं में शामिल आरोपितों की तलाश जारी रहने की जानकारी सामने आयी थी। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं से आशंका जतायी जा रही है कि ठग अलग-अलग इलाकों में एक ही तरह की तरकीब अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। ताजा घटना के बाद शहर के व्यवसायियों और बुद्धिजीवियों ने अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी और इस तरह की वारदातों पर रोक लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अपराधी पुलिस या सीआइडी अधिकारी बनकर लोगों का भरोसा जीतते हैं और फिर सुरक्षा के नाम पर उनके आभूषण उतरवा लेते हैं। सावधानी जरूरी पुलिसकर्मी या सीआइडी अधिकारी बताकर कोई व्यक्ति जेवर उतारने को कहे, तो उसके दबाव में न आएं। उसकी पहचान की पुष्टि संबंधित थाने से करें और संदेह होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने सोने के आभूषण कागज या रुमाल में बांधकर उसे न सौंपें। दिनदहाड़े होने वाली ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सतर्कता और समय पर पुलिस को सूचना देना सबसे जरूरी है।  

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