बलरामपुर में स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और ड्यूटी से गायब रहने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई के लिए सीएमओ डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे सीएचसी शिवपुरा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 11 अधिकारी-कर्मचारी ड्यूटी से अनुपस्थित मिले। सीएमओ ने सभी की अनुपस्थित अवधि का वेतन रोकने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने अस्पताल की व्यवस्थाओं, कर्मचारियों की उपस्थिति और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ. सुजीत कुमार पांडेय, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा और सहायक शोध अधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। समय पर ड्यूटी और साफ-सफाई के निर्देश सीएमओ ने अधीक्षक को निर्देश दिया कि सभी कर्मचारी निर्धारित समय पर अस्पताल पहुंचें और निर्धारित यूनिफॉर्म में ड्यूटी करें। अस्पताल भवन और परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने के साथ मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और जिम्मेदारियों के प्रति उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल में ही मिलें जांच और दवाएं सीएमओ ने निर्देश दिया कि मरीजों को जांच और दवाओं के लिए बाहर न भेजा जाए। आवश्यक जांच और औषधियां अस्पताल में ही उपलब्ध कराई जाएं, ताकि मरीजों को अनावश्यक परेशानी और खर्च न उठाना पड़े। उन्होंने वित्तीय और अन्य अभिलेखों को अद्यतन रखने तथा जननी सुरक्षा योजना के पात्र लाभार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय से भुगतान करने के निर्देश भी दिए। योजना की धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजने को कहा। ये 11 कर्मचारी मिले अनुपस्थित निरीक्षण के दौरान स्वीपर राकेश कुमार, वार्ड आया तन्वी श्रीवास्तव, नेत्र परीक्षण अधिकारी सैयद सलीम हुसैन, लैब टेक्नीशियन विनोद कुमार, सुरेंद्र पाल सिंह वर्मा, वरिष्ठ सहायक अशोक कुमार, एएनएम रुचि तिवारी, स्टाफ नर्स मनीष, वंदना और इला शुक्ला तथा चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद कुमार आर्य अनुपस्थित मिले। सीएमओ ने इन सभी की अनुपस्थित अवधि का वेतन रोकने के निर्देश दिए। ओपीडी में 89 मरीजों का हुआ उपचार निरीक्षण के समय तक ओपीडी में 89 मरीजों का उपचार किया जा चुका था। आईपीडी में छह मरीज भर्ती थे और तीन महिलाओं का प्रसव कराया गया था। वहीं, पैथोलॉजी विभाग में 27 मरीजों की जांच हुई थी। सीएमओ ने निर्देश दिया कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक मरीज को समयबद्ध और सुलभ चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

