सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की PM RAHAT योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को सदर अस्पताल, औरंगाबाद में बैठक आयोजित की गई। शुक्रवार को आयोजित इस बैठक में सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी, आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध पदाधिकारी और अस्पतालों के संचालक शामिल हुए। बैठक में योजना के प्रावधानों, पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने और आपातकालीन स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद घायलों को इलाज के लिए आर्थिक परेशानियों का सामना करने से बचाना और उन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में अस्पतालों की भूमिका और जिम्मेदारी को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक तैयारियां रखने तथा उपचार प्रक्रिया को सुचारु बनाने पर जोर दिया। निर्देश दिया गया कि पात्र घायल व्यक्तियों को योजना के तहत निर्धारित सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। सात दिनों तक 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार बैठक में आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध अस्पतालों को निर्देश दिया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्तियों को PM RAHAT योजना के प्रावधानों के अनुसार अधिकतम सात दिनों की निर्धारित अवधि तक 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसका उद्देश्य दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना और इलाज के खर्च को लेकर होने वाली परेशानी कम करना है। अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया गया कि घायल व्यक्ति के अस्पताल पहुंचने पर आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। उपचार प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं किया जाए और योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार पात्रता तथा अन्य औपचारिकताओं को पूरा करते हुए लाभ दिया जाए। इसके साथ ही अस्पतालों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने को कहा गया। संबंधित पदाधिकारियों और अस्पताल संचालकों से योजना के प्रावधानों की जानकारी कर्मचारियों तक पहुंचाने तथा इसके क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा की गई। योजना के तहत कैशलेस उपचार की सुविधा से सड़क दुर्घटना में घायल पात्र लोगों को समय पर इलाज मिलने में मदद मिल सकती है। इससे दुर्घटना के बाद उपचार की व्यवस्था करने में होने वाली परेशानियों को कम करने में भी सहायता मिलेगी। अस्पतालों में लगेंगे जागरूकता बैनर, लोगों से सहयोग की अपील बैठक में सभी संबद्ध अस्पतालों को PM RAHAT योजना से संबंधित बैनर अस्पताल परिसर के बाहर अथवा ऐसे स्थान पर लगाने का निर्देश दिया गया, जहां आम लोगों को यह आसानी से दिखाई दे सके। इसका उद्देश्य लोगों को योजना के बारे में जागरूक करना है, ताकि सड़क दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध कैशलेस उपचार की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। जिला परिवहन कार्यालय की ओर से योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि आम नागरिकों, अस्पताल प्रबंधन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय से योजना का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों और अस्पताल संचालकों को अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने की जरूरत है। जिला परिवहन कार्यालय, औरंगाबाद ने आम नागरिकों से PM RAHAT योजना के प्रति जागरूक रहने और सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करने की अपील की है। प्रशासन का उद्देश्य है कि योजना के माध्यम से पात्र दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार मिले और आर्थिक कठिनाइयों के कारण इलाज प्रभावित न हो। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की PM RAHAT योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को सदर अस्पताल, औरंगाबाद में बैठक आयोजित की गई। शुक्रवार को आयोजित इस बैठक में सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी, आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध पदाधिकारी और अस्पतालों के संचालक शामिल हुए। बैठक में योजना के प्रावधानों, पात्र सड़क दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने और आपातकालीन स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना के बाद घायलों को इलाज के लिए आर्थिक परेशानियों का सामना करने से बचाना और उन्हें समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। दुर्घटना के बाद शुरुआती समय में उपचार बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में अस्पतालों की भूमिका और जिम्मेदारी को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक तैयारियां रखने तथा उपचार प्रक्रिया को सुचारु बनाने पर जोर दिया। निर्देश दिया गया कि पात्र घायल व्यक्तियों को योजना के तहत निर्धारित सुविधाओं का लाभ उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। सात दिनों तक 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार बैठक में आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध अस्पतालों को निर्देश दिया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्तियों को PM RAHAT योजना के प्रावधानों के अनुसार अधिकतम सात दिनों की निर्धारित अवधि तक 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसका उद्देश्य दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना और इलाज के खर्च को लेकर होने वाली परेशानी कम करना है। अस्पताल प्रबंधन को निर्देश दिया गया कि घायल व्यक्ति के अस्पताल पहुंचने पर आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। उपचार प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं किया जाए और योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार पात्रता तथा अन्य औपचारिकताओं को पूरा करते हुए लाभ दिया जाए। इसके साथ ही अस्पतालों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने को कहा गया। संबंधित पदाधिकारियों और अस्पताल संचालकों से योजना के प्रावधानों की जानकारी कर्मचारियों तक पहुंचाने तथा इसके क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाने की अपेक्षा की गई। योजना के तहत कैशलेस उपचार की सुविधा से सड़क दुर्घटना में घायल पात्र लोगों को समय पर इलाज मिलने में मदद मिल सकती है। इससे दुर्घटना के बाद उपचार की व्यवस्था करने में होने वाली परेशानियों को कम करने में भी सहायता मिलेगी। अस्पतालों में लगेंगे जागरूकता बैनर, लोगों से सहयोग की अपील बैठक में सभी संबद्ध अस्पतालों को PM RAHAT योजना से संबंधित बैनर अस्पताल परिसर के बाहर अथवा ऐसे स्थान पर लगाने का निर्देश दिया गया, जहां आम लोगों को यह आसानी से दिखाई दे सके। इसका उद्देश्य लोगों को योजना के बारे में जागरूक करना है, ताकि सड़क दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध कैशलेस उपचार की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके। जिला परिवहन कार्यालय की ओर से योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों का मानना है कि आम नागरिकों, अस्पताल प्रबंधन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय से योजना का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारियों और अस्पताल संचालकों को अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने की जरूरत है। जिला परिवहन कार्यालय, औरंगाबाद ने आम नागरिकों से PM RAHAT योजना के प्रति जागरूक रहने और सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करने की अपील की है। प्रशासन का उद्देश्य है कि योजना के माध्यम से पात्र दुर्घटना पीड़ितों को समय पर उपचार मिले और आर्थिक कठिनाइयों के कारण इलाज प्रभावित न हो।

