CA Intermediate Result 2026: जयपुर: दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने गुरुवार को सीए इंटरमीडिएट का परिणाम घोषित कर दिया। जयपुर में दोनों ग्रुप की परीक्षा देने वाले 990 विद्यार्थियों में से 210 ने दोनों ग्रुप पास किए। जोधपुर से कुल 591 विद्यार्थियों ने भाग लिया। जयपुर की भूमिका अग्रवाल और अतिशय रितुल पटवा ने 21वीं, नभ बोहरा ने 25वीं, उदय माहेश्वरी ने 28वीं व 13.21% विद्यार्थी पास देशभर में दोनों ग्रुप की परीक्षा देने वाले 38 हजार 339 अभ्यर्थियों में से 5 हजार 66 उत्तीर्ण हुए। इस तरह दोनों ग्रुप में सफलता का प्रतिशत 13.21 रहा। सफल विद्यार्थियों ने सफलता का श्रेय लगातार और नियमित अध्ययन को दिया। शिवानी अग्रवाल ने 35वीं रैंक हासिल की। वहीं, जोधपुर के हर्षद तापड़िया ने देशभर में 32वीं रैंक हासिल की है।
जयपुर के 10 छात्र ऑल इंडिया रैंक में शामिल
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ने गुरुवार को सीए इंटरमीडिएट सितंबर 2026 परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया। जयपुर में दोनों ग्रुप की परीक्षा देने वाले 990 विद्यार्थियों में से 210 ने दोनों ग्रुप पास किए। वहीं, ग्रुप प्रथम में 28.30 प्रतिशत और ग्रुप द्वितीय में 28.33 प्रतिशत विद्यार्थी सफल रहे। अखिल भारतीय स्तर पर दोनों ग्रुप पास करने वाले विद्यार्थियों का परिणाम 13.21 प्रतिशत रहा। आईसीएआई जयपुर के अध्यक्ष सीए राजा मोरध्वज शर्मा ने बताया कि जयपुर से 10 बच्चों ने ऑल इंडिया रैंक में अपनी जगह बनाई है। प्रियांशी शर्मा ने एआईआर में 50, दिव्यांशी मित्तल ने 44वीं रैंक हासिल की।
फैमिली में सब सीए, उन्हीं से मिली इंस्पिरेशन
भूमिका अग्रवाल ने सीए इंटरमीडिएट परीक्षा के पहले प्रयास में ऑल इंडिया 21वीं रैंक हासिल की। उन्होंने नियमित क्लासेज अटेंड कीं अंतिम दिनों में रोजाना 10 से 12 घंटे पढ़ाई की। पढ़ाई के साथ सोशल मीडिया पर एक्टिव रही। मम्मी पापा और भाई सब सीए हैं।

मेहनत, लगन और स्पष्ट लक्ष्य से की पढ़ाई
अतिशय रितुल पटवा ने सीए इंटरमीडिएट में ऑल इंडिया 21वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने बताया कि उन्होंने मेहनत, लगन और स्पष्ट लक्ष्य के साथ पढ़ाई की थी। उनके पिता भी चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, जिससे मार्गदर्शन मिला। सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी।
सोशल मीडिया के साथ हासिल की रैंक
नभ बोहरा ने सेल्फ स्टडी के दम पर 25वीं रैंक हासिल की। उन्होंने रोजाना 6-7 घंटे पढ़ाई की और ऑफलाइन तैयारी की। क्लासेज नियमित रूप से अटेंड करना जरूरी है, ताकि विषयों को समझें और सवालों के जवाब दे सकें। तैयारी के दौरान सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल किया।
सीरीज देख किया खुद को रिफ्रेश
उदय माहेश्वरी ने ऑल इंडिया रैंक 28 हासिल की है। 10 मई से परीक्षा की तैयारी शुरू की और चार बार रिवीजन किया। उन्होंने मॉक टेस्ट देकर अपनी तैयारी को परखा। लगातार पढ़ने से बोरियत होने पर उन्होंने ब्रेक लिया और प्रोडक्टिविटी पर ध्यान दिया। परीक्षा के दौरान उन्होंने सीरीज देखी।

रटने के बजाय समझकर पढ़ना जरूरी
35वीं रैंक शिवानी अग्रवाल ने बताया कि नियमित रूप से रोजाना सात से आठ घंटे तैयारी की। शुरुआत में कुछ समय रटकर पढ़ाई करने में लगाया, लेकिन बाद में समझ आया कि केवल रटने से काम नहीं चलेगा। तनाव महसूस होने पर उन्होंने परिवार के साथ समय बिताया।
प्रेशर में पढ़ाई छोड़ने का आया विचार, परिवार बना ताकत
38वीं रैंक चाहत विजय ने बताया कि अगस्त से परीक्षा का तनाव बढ़ने लगा था और एक समय छोड़ने का भी मन हुआ, लेकिन परिवार ने हौसला बनाए रखा। मॉक टेस्ट सीरीज और बार-बार रिवीजन पर ध्यान दिया। शुरुआत से मेहनत और निरंतरता से सभी विषयों पर पकड़ बन सकती है।

