गया नगर निगम ने पितृपक्ष मेला और दशहरा पर्व के दौरान अतिक्रमण और आवारा पशुओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। 3 सितंबर से 21 अक्टूबर तक चले इस अभियान में कुल 8 लाख 19 हजार 600 रुपये का जुर्माना वसूला गया। यह कार्रवाई शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने और सड़कों को अतिक्रमणमुक्त रखने के उद्देश्य से की गई। अभियान के लिए नगर निगम ने सिटी मैनेजर को नोडल अधिकारी बनाया था। उनकी टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में जांच और कार्रवाई की। अतिक्रमण पर 6.75 लाख, पशुपालकों से 1.44 लाख वसूले नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, अतिक्रमण के मामलों में 6 लाख 75 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, सड़कों पर पशुओं को खुला छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ कार्रवाई कर 1 लाख 44 हजार 100 रुपये वसूले गए। अभियान के दौरान पकड़े गए पशुओं को गोरक्षणी में रखा गया। जुर्माना भरने के बाद ही उन्हें छोड़ा गया। इसका उद्देश्य सड़कों पर पशुओं को खुला छोड़ने से रोकना और लोगों की परेशानी कम करना था। पर्व के दौरान भीड़ को देखते हुए कार्रवाई पितृपक्ष मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के लिए गयाजी पहुंचते हैं। वहीं, दशहरा के दौरान बाजारों, प्रमुख सड़कों और पूजा स्थलों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में अतिक्रमण और सड़कों पर घूमते पशुओं से यातायात बाधित होने के साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी रहती है। नगर निगम ने इसी को देखते हुए अतिक्रमण हटाने, जुर्माना वसूलने और आवारा पशुओं को पकड़ने पर जोर दिया। आगे भी जारी रहेगा अभियान नगर निगम की ओर से बताया गया कि शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने और सड़कों को खाली रखने के लिए यह विशेष अभियान चलाया गया। 3 सितंबर से 21 अक्टूबर तक की कार्रवाई में कुल 8 लाख 19 हजार 600 रुपये का जुर्माना वसूला गया। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। गया नगर निगम ने पितृपक्ष मेला और दशहरा पर्व के दौरान अतिक्रमण और आवारा पशुओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। 3 सितंबर से 21 अक्टूबर तक चले इस अभियान में कुल 8 लाख 19 हजार 600 रुपये का जुर्माना वसूला गया। यह कार्रवाई शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने और सड़कों को अतिक्रमणमुक्त रखने के उद्देश्य से की गई। अभियान के लिए नगर निगम ने सिटी मैनेजर को नोडल अधिकारी बनाया था। उनकी टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में जांच और कार्रवाई की। अतिक्रमण पर 6.75 लाख, पशुपालकों से 1.44 लाख वसूले नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, अतिक्रमण के मामलों में 6 लाख 75 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, सड़कों पर पशुओं को खुला छोड़ने वाले पशुपालकों के खिलाफ कार्रवाई कर 1 लाख 44 हजार 100 रुपये वसूले गए। अभियान के दौरान पकड़े गए पशुओं को गोरक्षणी में रखा गया। जुर्माना भरने के बाद ही उन्हें छोड़ा गया। इसका उद्देश्य सड़कों पर पशुओं को खुला छोड़ने से रोकना और लोगों की परेशानी कम करना था। पर्व के दौरान भीड़ को देखते हुए कार्रवाई पितृपक्ष मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु पिंडदान और तर्पण के लिए गयाजी पहुंचते हैं। वहीं, दशहरा के दौरान बाजारों, प्रमुख सड़कों और पूजा स्थलों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ऐसे में अतिक्रमण और सड़कों पर घूमते पशुओं से यातायात बाधित होने के साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी रहती है। नगर निगम ने इसी को देखते हुए अतिक्रमण हटाने, जुर्माना वसूलने और आवारा पशुओं को पकड़ने पर जोर दिया। आगे भी जारी रहेगा अभियान नगर निगम की ओर से बताया गया कि शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने और सड़कों को खाली रखने के लिए यह विशेष अभियान चलाया गया। 3 सितंबर से 21 अक्टूबर तक की कार्रवाई में कुल 8 लाख 19 हजार 600 रुपये का जुर्माना वसूला गया। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

