सारण निर्वाचन की सरगर्मियां काफी तेज हो गई है। विभिन्न पार्टी और निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी मैदान में अपने अपने दांव पेच लगाने में जुट गए है। साथ ही, शिक्षक मतदाताओं से वोट की अपील कर रहे है। वहीं सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र संख्या 3 से निर्दलीय प्रत्याशी सयैद नजमुल होदा गोपालगंज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें शिक्षकों और आम लोगों का स्नेह, प्यार और समर्थन भरपूर मिल रहा है। उनका कहना है कि यह चुनाव केवल प्रत्याशियों का नहीं, बल्कि शिक्षकों के मुद्दों और उनकी समस्याओं के समाधान का चुनाव है। समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे शिक्षक सयैद नजमुल होदा ने कहा कि पिछले 40 वर्षों से शिक्षक अपनी समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक कई समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षण संस्थानों और ट्रस्ट से जुड़े शिक्षकों की परेशानियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जो शिक्षक प्रताड़ित हैं, उनकी समस्याओं को गंभीरता से समझने और उनके साथ खड़े होने की जरूरत है। उन्होंने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि मतदान के समय यह जरूर विचार करें कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कौन उनके साथ खड़ा है। उन्होंने भरोसा जताया कि शिक्षकों का समर्थन मिलने पर वह उनकी आवाज को मजबूती से उठाने का प्रयास करेंगे। सारण निर्वाचन की सरगर्मियां काफी तेज हो गई है। विभिन्न पार्टी और निर्दलीय प्रत्याशी चुनावी मैदान में अपने अपने दांव पेच लगाने में जुट गए है। साथ ही, शिक्षक मतदाताओं से वोट की अपील कर रहे है। वहीं सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र संख्या 3 से निर्दलीय प्रत्याशी सयैद नजमुल होदा गोपालगंज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों से अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें शिक्षकों और आम लोगों का स्नेह, प्यार और समर्थन भरपूर मिल रहा है। उनका कहना है कि यह चुनाव केवल प्रत्याशियों का नहीं, बल्कि शिक्षकों के मुद्दों और उनकी समस्याओं के समाधान का चुनाव है। समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे शिक्षक सयैद नजमुल होदा ने कहा कि पिछले 40 वर्षों से शिक्षक अपनी समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक कई समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षण संस्थानों और ट्रस्ट से जुड़े शिक्षकों की परेशानियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जो शिक्षक प्रताड़ित हैं, उनकी समस्याओं को गंभीरता से समझने और उनके साथ खड़े होने की जरूरत है। उन्होंने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि मतदान के समय यह जरूर विचार करें कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कौन उनके साथ खड़ा है। उन्होंने भरोसा जताया कि शिक्षकों का समर्थन मिलने पर वह उनकी आवाज को मजबूती से उठाने का प्रयास करेंगे।

