एशियाई बाजारों में व्यापक बिकवाली के बीच बिजली तथा धातु कंपनियों के शेयर में गिरावट से सेंसेक्स और निफ्टी में बृहस्पतिवार को शुरुआती कारोबार में गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में मजबूती से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। बीएसई का 30 शेयर वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 678.90 अंक यानी 0.92 प्रतिशत टूटकर 73,030.79 अंक पर आ गया।
वहीं, एनएसई का 50 शेयर वाला निफ्टी 250.90 अंक यानी 1.10 प्रतिशत फिसलकर 22,568.10 अंक पर रहा। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से पावरग्रिड, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, मारुति सुजुकी इंडिया, टाटा स्टील, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक, एशियन पेंट्स, अदाणी पोर्ट्स, एनटीपीसी, ट्रेंट, बजाज फिनसर्व, इंडिगो और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर सबसे अधिक नुकसान में रहे। जोमैटो और ब्लिंकिट की मूल कंपनी इटर्नल के शेयर दो प्रतिशत से अधिक चढ़ गए।
कंपनी ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 125 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ दर्ज करने की जानकारी बुधवार को दी थी। वहीं, भारती एयरटेल, इन्फोसिस और एचसीएल टेक्नोलॉजीज के शेयर भी बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं। एशियाई बाजारों में भारी गिरावट रही।
दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 3.12 प्रतिशत, हांगकांग का हैंगसेंग तीन प्रतिशत, जापान का निक्की 225 सूचकांक 1.94 प्रतिशत और चीन का एसएसई कम्पोजिट करीब एक प्रतिशत की गिरावट में कारोबार कर रहा है। अमेरिकी बाजार बुधवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का भाव वायदा कारोबार में करीब दो प्रतिशत बढ़कर 110.68 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 1,022.32 करोड़ रुपये के शेयर जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी 1,614.32 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 143.21 अंक टूटकर और एनएसई निफ्टी 77.60 अंक की गिरावट के साथ बंद हुआ था।

