बिहार में तकनीक, उच्च शिक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज(22 अक्टूबर 2026) तीन अलग-अलग बैठक करेंगे। इन बैठकों में बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पॉलिसी-2026 तैयार करने, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कामकाज की समीक्षा और नवसृजित 211 डिग्री कॉलेजों के भवन निर्माण की योजना पर चर्चा होगी। तीनों कार्यक्रम संकल्प, लोक सेवक आवास में आयोजित किए जाएंगे। इन बैठकों में तकनीक के इस्तेमाल से सरकारी कामकाज को बेहतर बनाने, सरकार की योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने और कॉलेजों के लिए भवन- बुनियादी सुविधाएं विकसित करने से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा। AI पॉलिसी-2026 का प्रारूप तैयार करने पर होगी चर्चा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सबसे पहले बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पॉलिसी-2026 तैयार करने को लेकर आयोजित बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में राज्य के लिए AI पॉलिसी का प्रारूप तैयार करने पर चर्चा होगी। इसका उद्देश्य बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में काम करना है। AI का इस्तेमाल शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सरकारी कामकाज जैसे कई क्षेत्रों में किया जा सकता है। ऐसे में बिहार की प्रस्तावित नीति में इन क्षेत्रों में तकनीक के उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा होगी। इससे सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाने, कामकाज को आसान करने और लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने में मदद मिलेगी। रोजगार और कौशल विकास में AI के इस्तेमाल पर जोर AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच रोजगार और कौशल विकास भी एक महत्वपूर्ण विषय है। बिहार में इस तकनीक के जरिए युवाओं को नए कौशल से जोड़ने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की संभावनाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में AI का इस्तेमाल पढ़ाई को आसान बनाने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं देने में मदद करेगा। वहीं, कृषि क्षेत्र में खेती से जुड़ी जानकारी और स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक का उपयोग लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायक होगा। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की करेंगे समीक्षा AI पॉलिसी को लेकर बैठक के बाद मुख्यमंत्री सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कामकाज की समीक्षा करेंगे। इस बैठक में सरकारी योजनाओं और सरकार के कामकाज की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था पर चर्चा होगी। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की जिम्मेदारी सरकारी योजनाओं, फैसलों और उपलब्धियों से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाना है। ऐसे में विभाग की प्रचार-प्रसार व्यवस्था, जनसंपर्क गतिविधियों और सूचना तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े मुद्दे बैठक में महत्वपूर्ण रहेंगे। सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक समय पर और आसानी से पहुंचे, इस दिशा में विभाग के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। 211 डिग्री कॉलेजों के भवन निर्माण पर होगी पहल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शाम नवसृजित 211 डिग्री कॉलेजों के भवन निर्माण से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष इन कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए तैयार मॉडल डिजाइन और संशोधित प्राक्कलन प्रस्तुत किए जाएंगे। यानी कॉलेजों के भवन किस तरह बनाए जाएंगे और उनके निर्माण पर कितना खर्च आने का अनुमान है, इससे जुड़े प्रस्तावों की जानकारी दी जाएगी। इस कार्यक्रम का मुख्य फोकस 211 नवसृजित डिग्री कॉलेजों के भवन निर्माण की योजना पर रहेगा। मॉडल डिजाइन और संशोधित प्राक्कलन के प्रस्तुतीकरण के जरिए निर्माण से जुड़ी तैयारियों और प्रस्तावों को सामने रखा जाएगा। उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की तैयारी डिग्री कॉलेजों के लिए भवन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। कॉलेजों में पर्याप्त जगह, कक्षाएं और अन्य जरूरी सुविधाएं होने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिल सकता है। नवसृजित 211 डिग्री कॉलेजों के भवन निर्माण से जुड़ी योजना इसी दिशा में अहम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री के सामने मॉडल डिजाइन और संशोधित प्राक्कलन पेश किए जाने के बाद निर्माण से जुड़े प्रस्तावों पर आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। बिहार में तकनीक, उच्च शिक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आज(22 अक्टूबर 2026) तीन अलग-अलग बैठक करेंगे। इन बैठकों में बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पॉलिसी-2026 तैयार करने, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कामकाज की समीक्षा और नवसृजित 211 डिग्री कॉलेजों के भवन निर्माण की योजना पर चर्चा होगी। तीनों कार्यक्रम संकल्प, लोक सेवक आवास में आयोजित किए जाएंगे। इन बैठकों में तकनीक के इस्तेमाल से सरकारी कामकाज को बेहतर बनाने, सरकार की योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने और कॉलेजों के लिए भवन- बुनियादी सुविधाएं विकसित करने से जुड़े मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा। AI पॉलिसी-2026 का प्रारूप तैयार करने पर होगी चर्चा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सबसे पहले बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पॉलिसी-2026 तैयार करने को लेकर आयोजित बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में राज्य के लिए AI पॉलिसी का प्रारूप तैयार करने पर चर्चा होगी। इसका उद्देश्य बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में काम करना है। AI का इस्तेमाल शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और सरकारी कामकाज जैसे कई क्षेत्रों में किया जा सकता है। ऐसे में बिहार की प्रस्तावित नीति में इन क्षेत्रों में तकनीक के उपयोग की संभावनाओं पर चर्चा होगी। इससे सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाने, कामकाज को आसान करने और लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने में मदद मिलेगी। रोजगार और कौशल विकास में AI के इस्तेमाल पर जोर AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच रोजगार और कौशल विकास भी एक महत्वपूर्ण विषय है। बिहार में इस तकनीक के जरिए युवाओं को नए कौशल से जोड़ने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की संभावनाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में AI का इस्तेमाल पढ़ाई को आसान बनाने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं देने में मदद करेगा। वहीं, कृषि क्षेत्र में खेती से जुड़ी जानकारी और स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक का उपयोग लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायक होगा। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की करेंगे समीक्षा AI पॉलिसी को लेकर बैठक के बाद मुख्यमंत्री सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कामकाज की समीक्षा करेंगे। इस बैठक में सरकारी योजनाओं और सरकार के कामकाज की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था पर चर्चा होगी। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की जिम्मेदारी सरकारी योजनाओं, फैसलों और उपलब्धियों से जुड़ी जानकारी लोगों तक पहुंचाना है। ऐसे में विभाग की प्रचार-प्रसार व्यवस्था, जनसंपर्क गतिविधियों और सूचना तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने से जुड़े मुद्दे बैठक में महत्वपूर्ण रहेंगे। सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक समय पर और आसानी से पहुंचे, इस दिशा में विभाग के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। 211 डिग्री कॉलेजों के भवन निर्माण पर होगी पहल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शाम नवसृजित 211 डिग्री कॉलेजों के भवन निर्माण से जुड़े कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष इन कॉलेजों के भवन निर्माण के लिए तैयार मॉडल डिजाइन और संशोधित प्राक्कलन प्रस्तुत किए जाएंगे। यानी कॉलेजों के भवन किस तरह बनाए जाएंगे और उनके निर्माण पर कितना खर्च आने का अनुमान है, इससे जुड़े प्रस्तावों की जानकारी दी जाएगी। इस कार्यक्रम का मुख्य फोकस 211 नवसृजित डिग्री कॉलेजों के भवन निर्माण की योजना पर रहेगा। मॉडल डिजाइन और संशोधित प्राक्कलन के प्रस्तुतीकरण के जरिए निर्माण से जुड़ी तैयारियों और प्रस्तावों को सामने रखा जाएगा। उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की तैयारी डिग्री कॉलेजों के लिए भवन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। कॉलेजों में पर्याप्त जगह, कक्षाएं और अन्य जरूरी सुविधाएं होने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिल सकता है। नवसृजित 211 डिग्री कॉलेजों के भवन निर्माण से जुड़ी योजना इसी दिशा में अहम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री के सामने मॉडल डिजाइन और संशोधित प्राक्कलन पेश किए जाने के बाद निर्माण से जुड़े प्रस्तावों पर आगे की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

