नालंदा यूनिवर्सिटी में 25-28 अक्टूबर तक सामाजिक विज्ञान का सम्मेलन:देश-विदेश के विद्वान जुटेंगे; शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और विकास की चुनौतियों पर होगी चर्चा

नालंदा यूनिवर्सिटी में 25-28 अक्टूबर तक सामाजिक विज्ञान का सम्मेलन:देश-विदेश के विद्वान जुटेंगे; शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और विकास की चुनौतियों पर होगी चर्चा

नालंदा में राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय परिसर में 25 से 28 अक्टूबर तक भारतीय सामाजिक विज्ञान संस्थान संघ (आईएएसएसआई) के 25वें वार्षिक सम्मेलन का आयोजन होगा। चार दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वान, अर्थशास्त्री, नीति निर्माता और विकास विशेषज्ञ शामिल होंगे। सम्मेलन में विकास से जुड़ी चुनौतियों, सामाजिक विज्ञान के भविष्य और नीतिगत सुधारों पर चर्चा की जाएगी। विश्वामित्रालय में होगा उद्घाटन सत्र सम्मेलन का उद्घाटन सत्र विश्वविद्यालय के विश्वामित्रालय सभागार में आयोजित होगा। इसमें प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के अध्यक्ष प्रोफेसर एस. महेंद्र देव मुख्य वक्ता होंगे। इसके अलावा नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति और आईएएसएसआई के अध्यक्ष प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के निदेशक और सम्मेलन के अध्यक्ष प्रोफेसर राम सिंह तथा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर), नई दिल्ली के सदस्य-सचिव प्रोफेसर धनंजय सिंह भी अपने विचार रखेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा पर चर्चा चार दिवसीय सम्मेलन में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक सुरक्षा, क्षेत्रीय संसाधन और वर्ष 2030 के बाद के वैश्विक लक्ष्यों जैसे विषयों पर तकनीकी और वैचारिक सत्र आयोजित होंगे। इसमें विशेष व्याख्यान और पैनल चर्चाएं भी होंगी। सम्मेलन का उद्देश्य सामाजिक चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान तलाशना और अलग-अलग विषयों को जोड़कर अनुसंधान को बढ़ावा देना है। तैयारियों को दिया जा रहा अंतिम रूप ऐतिहासिक नालंदा विश्वविद्यालय परिसर में होने वाले इस सम्मेलन से नीति निर्माण के क्षेत्र में नए विचारों और समाधानों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सम्मेलन को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और आयोजक तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। नालंदा में राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय परिसर में 25 से 28 अक्टूबर तक भारतीय सामाजिक विज्ञान संस्थान संघ (आईएएसएसआई) के 25वें वार्षिक सम्मेलन का आयोजन होगा। चार दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वान, अर्थशास्त्री, नीति निर्माता और विकास विशेषज्ञ शामिल होंगे। सम्मेलन में विकास से जुड़ी चुनौतियों, सामाजिक विज्ञान के भविष्य और नीतिगत सुधारों पर चर्चा की जाएगी। विश्वामित्रालय में होगा उद्घाटन सत्र सम्मेलन का उद्घाटन सत्र विश्वविद्यालय के विश्वामित्रालय सभागार में आयोजित होगा। इसमें प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के अध्यक्ष प्रोफेसर एस. महेंद्र देव मुख्य वक्ता होंगे। इसके अलावा नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति और आईएएसएसआई के अध्यक्ष प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के निदेशक और सम्मेलन के अध्यक्ष प्रोफेसर राम सिंह तथा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर), नई दिल्ली के सदस्य-सचिव प्रोफेसर धनंजय सिंह भी अपने विचार रखेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा पर चर्चा चार दिवसीय सम्मेलन में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक सुरक्षा, क्षेत्रीय संसाधन और वर्ष 2030 के बाद के वैश्विक लक्ष्यों जैसे विषयों पर तकनीकी और वैचारिक सत्र आयोजित होंगे। इसमें विशेष व्याख्यान और पैनल चर्चाएं भी होंगी। सम्मेलन का उद्देश्य सामाजिक चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान तलाशना और अलग-अलग विषयों को जोड़कर अनुसंधान को बढ़ावा देना है। तैयारियों को दिया जा रहा अंतिम रूप ऐतिहासिक नालंदा विश्वविद्यालय परिसर में होने वाले इस सम्मेलन से नीति निर्माण के क्षेत्र में नए विचारों और समाधानों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सम्मेलन को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और आयोजक तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।  

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