दुधवा टाइगर रिजर्व में सफारी और प्रवेश शुल्क नहीं बढ़ेगा:लखीमपुर में पर्यटन से आय 49% बढ़ी, 3.20 करोड़ रुपए पहुंचा राजस्व

दुधवा टाइगर रिजर्व में सफारी और प्रवेश शुल्क नहीं बढ़ेगा:लखीमपुर में पर्यटन से आय 49% बढ़ी, 3.20 करोड़ रुपए पहुंचा राजस्व

लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिजर्व घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए राहत की खबर है। पार्क में सफारी और प्रवेश शुल्क में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। लखनऊ में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में हुई दुधवा बाघ संरक्षण फाउंडेशन की छठी शासी निकाय की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित परिवारों की मदद सहित कई मुद्दों पर चर्चा हुई। पर्यटन से राजस्व 2.15 करोड़ से बढ़कर 3.20 करोड़ हुआ बैठक में बताया गया कि दुधवा टाइगर रिजर्व में पर्यटन गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 में पर्यटन से 2.15 करोड़ रुपये का राजस्व मिला था। वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 3.20 करोड़ रुपये हो गया। इस तरह पर्यटन से होने वाली आय में करीब 49 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ऑनलाइन बुकिंग के लिए बनेगा एकीकृत पोर्टल पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रदेश के टाइगर रिजर्व, वन्यजीव अभयारण्यों और चिड़ियाघरों में सफारी व आवास की ऑनलाइन बुकिंग के लिए एकीकृत पोर्टल विकसित किया जा रहा है। इसके जरिए पर्यटकों को बुकिंग की सुविधा एक ही मंच पर उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा मुख्य वन क्षेत्रों में पर्यटन का दबाव कम करने और स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए ‘बफर में सफर’ योजना शुरू की जाएगी। इसके तहत बफर क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियां संचालित करने वाले पंजीकृत वाहनों को विशेष वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा। गैंडों की निगरानी पर आधारित पुस्तक का विमोचन बैठक में दुधवा नेशनल पार्क में एक सींग वाले गैंडों की स्थिति और निगरानी पर आधारित पुस्तक ‘स्टेटस एंड मॉनिटरिंग ऑफ द ग्रेटर वन-हॉर्न्ड राइनोसिरस इन दुधवा नेशनल पार्क’ का विमोचन किया गया। इसे राइनो आईडी पुस्तिका के रूप में तैयार किया गया है। इसके साथ ही भरथपुर गांव के विस्थापन और पुनर्वास पर आधारित लघु फिल्म के ट्रेलर का भी लोकार्पण किया गया। सुहेली नदी की सफाई के लिए बजट का आश्वासन बैठक में पलिया विधायक रोमी साहनी ने सुहेली नदी में जमा गाद का मुद्दा उठाया। इस पर नदी के अध्ययन और सफाई के लिए आवश्यक प्राक्कलन तैयार कर बजट स्वीकृत करने का आश्वासन दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक, बजट जारी होने के बाद नदी की सफाई का काम शुरू कराया जाएगा। राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने अधिकारियों को मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में कमी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संघर्ष रोकने के लिए जरूरी संसाधन और तकनीक प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराए जाएंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष से प्रभावित परिवारों को फाउंडेशन के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके जरिए प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के प्रयास किए जाएंगे। बैठक में राज्यमंत्री केपी मलिक, विधायक रोमी साहनी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा वैमुरी, विभाग की सचिव बी. चंद्रकला, उत्तर प्रदेश वन निगम के महाप्रबंधक सुजॉय बनर्जी सहित दुधवा टाइगर रिजर्व के अधिकारी मौजूद रहे।

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