महाआरती के बाद निकली शोभायात्रा
बुधवार सुबह बाबा रामदेव मंदिर परिसर में मां अंबे की महाआरती की गई। श्रद्धालुओं ने माता की आराधना कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और समाज में शांति की कामना की। इसके बाद मंदिर से ज्वारा विसर्जन शोभायात्रा रवाना हुई। शोभायात्रा में एक वाहन में मां अंबे की तस्वीर सजाई गई थी। श्रद्धालु भजनों की धुन पर नाचते-गाते और माता के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। यात्रा के मार्ग में श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेयजल की व्यवस्था भी की गई।
दुर्गाष्टमी पर हुआ हवन-यज्ञ
महोत्सव के तहत एक दिन पहले दुर्गाष्टमी पर मंदिर परिसर में हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया था। धार्मिक विधि-विधान के साथ हुए हवन में श्रद्धालुओं ने आहुतियां अर्पित कर मां अंबे की आराधना की। इस दौरान परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और समाज की शांति के लिए प्रार्थना की गई। मंगलवार शाम मंदिर परिसर में भजन कार्यक्रम भी हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने भजनों के माध्यम से माता की महिमा का गुणगान किया।
गरबा-डांडिया में महिलाओं और बच्चों ने लिया भाग
बाबा रामदेव मरुधर सेवा संघ एवं बाबा रामदेव नवयुवक मंडल, हुब्बल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित महोत्सव की शुरुआत नवरात्र के पहले दिन मां अंबे की तस्वीर स्थापित करने और प्रथम आरती के साथ हुई थी। इसके बाद प्रतिदिन सुबह और शाम आरती तथा पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालु नियमित रूप से मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन करते रहे। धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी महोत्सव का आकर्षण रहे। प्रतिदिन शाम को महिलाओं और बच्चों के लिए गरबा-डांडिया का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पारंपरिक नृत्य और भक्ति गीतों के माध्यम से नवरात्र का उल्लास देखने को मिला। नौ दिनों तक चले धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों का समापन बुधवार को ज्वारा विसर्जन शोभायात्रा के साथ हुआ।
ये रहे उपस्थित
ज्वारा विसर्जन शोभायात्रा में किशनसिंह भाटी, रिड़मलसिंह सोलंकी सिवाना, रामलाल जणवा चौधरी, केसाराम चौधरी, धर्मेंद्र माली, सतीश माली, भगवान प्रजापत, गोविन्द दर्जी, अनोप दर्जी, मोहन देवासी थापन, अम्बाराम देवासी कुषीप, अरविंद कुमार घासी और मालाराम देवासी सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

