भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि ब्याज दरों में आगे कितनी बढ़ोतरी होगी और यह सिलसिला कितने समय तक चलेगा, यह आर्थिक वृद्धि और महंगाई की वास्तविक स्थिति तथा उनके भविष्य के रुझान पर निर्भर करेगा। मल्होत्रा ने इस महीने की शुरुआत में हुई मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में नीतिगत दर रेपो में 0.25 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी के पक्ष में मतदान करते हुए यह बात कही। आरबीआई ने बुधवार को पांच से सात अक्टूबर तक हुई एमपीसी की बैठक का ब्योरा जारी किया।
गवर्नर सहित समिति के सभी छह सदस्यों ने रेपो दर को 0.25 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 5.5 प्रतिशत करने के पक्ष में मतदान किया था। करीब चार साल के अंतराल के बाद नीतिगत दर में बढ़ोतरी की गई थी। बैठक के ब्योरे के अनुसार, मल्होत्रा ने कहा कि महंगाई का दायरा बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में शामिल वस्तुओं में से 37 प्रतिशत की महंगाई दर अगस्त में चार प्रतिशत से अधिक थी। मार्च में ऐसी वस्तुओं का अनुपात केवल 20 प्रतिशत था।

