मोहनिया की विधायक संगीता कुमारी ने एसआईआर के विरोध में विपक्ष के हंगामे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस विरोध को बेबुनियाद और असंवैधानिक बताया। विधायक ने कांग्रेस और पूरे विपक्ष की राजनीतिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। ”एफसीआरए बिल का विरोध करना चाहते” संगीता कुमारी ने कांग्रेस की नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने 1952 के चुनावी इतिहास का जिक्र किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को चुनाव हरवाया था। उस समय 75,000 वोट रद्द कर दिए गए थे, जिसके बाद बाबा साहेब ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की थी। मोहनिया विधायक ने विपक्षी दलों को सीधी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष को एसआईआर से इतना ही विरोध है, तो वे सबसे पहले अपने सभी सांसदों और विधायकों से इस्तीफा दिलवाएं। उनके इस्तीफे के बाद ही एसआईआर के मुद्दे पर आगे बात की जाएगी। संगीता कुमारी ने दावा किया कि विपक्ष का यह विरोध असल में एसआईआर को लेकर नहीं है। वे सरकार द्वारा लाए जा रहे एफसीआरए बिल का विरोध करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशहित में जो भी निर्णय होगा, उसे जरूर करेंगे। मोहनिया की विधायक संगीता कुमारी ने एसआईआर के विरोध में विपक्ष के हंगामे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस विरोध को बेबुनियाद और असंवैधानिक बताया। विधायक ने कांग्रेस और पूरे विपक्ष की राजनीतिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। ”एफसीआरए बिल का विरोध करना चाहते” संगीता कुमारी ने कांग्रेस की नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने 1952 के चुनावी इतिहास का जिक्र किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को चुनाव हरवाया था। उस समय 75,000 वोट रद्द कर दिए गए थे, जिसके बाद बाबा साहेब ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की थी। मोहनिया विधायक ने विपक्षी दलों को सीधी चुनौती दी। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष को एसआईआर से इतना ही विरोध है, तो वे सबसे पहले अपने सभी सांसदों और विधायकों से इस्तीफा दिलवाएं। उनके इस्तीफे के बाद ही एसआईआर के मुद्दे पर आगे बात की जाएगी। संगीता कुमारी ने दावा किया कि विपक्ष का यह विरोध असल में एसआईआर को लेकर नहीं है। वे सरकार द्वारा लाए जा रहे एफसीआरए बिल का विरोध करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशहित में जो भी निर्णय होगा, उसे जरूर करेंगे।

