NH-139, मेडिकल कॉलेज, सोलर प्लांट पर श्रेय लेने की होड़:औरंगाबाद सांसद बोले- जनहित की योजनाओं का समर्थन करेंगे, वादे पूरे नहीं होने पर सरकार से जवाब मांगेंगे

NH-139, मेडिकल कॉलेज, सोलर प्लांट पर श्रेय लेने की होड़:औरंगाबाद सांसद बोले- जनहित की योजनाओं का समर्थन करेंगे, वादे पूरे नहीं होने पर सरकार से जवाब मांगेंगे

औरंगाबाद शहर के शाहपुर मुहल्ला स्थित सांसद कार्यालय में बुधवार को औरंगाबाद के सांसद अभय कुमार सिन्हा उर्फ अभय कुशवाहा ने प्रेसवार्ता कर जिले की विकास योजनाओं और सरकार के चुनावी वादों पर अपनी बात रखी। उन्होंने एनएच-139 को फोरलेन बनाने, देव में मेडिकल कॉलेज की स्थापना और बारुण में सौर ऊर्जा परियोजना की स्वीकृति को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी पर सवाल उठाये। सांसद ने कहा कि इन योजनाओं का लाभ औरंगाबाद जिले की जनता को मिलेगा, लेकिन इनके लिए श्रेय लेने की होड़ उचित नहीं है। जनप्रतिनिधियों का दायित्व जनता की मांगों को सरकार तक पहुंचाना और विकास योजनाओं को धरातल पर उतारना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता ने उन पर भरोसा जताकर संसद भेजा। इसके बाद से वे जिले की बुनियादी समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाते रहे हैं। उत्तर कोयल नहर परियोजना, एनएच-139 का चौड़ीकरण और देव में मेडिकल कॉलेज की स्थापना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भी मुलाकात की गयी। राजद के सात सांसदों की एक कमेटी ने भी इस संबंध में मुलाकात की थी।सांसद ने एनएच-139 को फोरलेन बनाने की स्वीकृति को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे आवागमन सुगम होगा और विकास को गति मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी इसके लिए धन्यवाद दिया। उनके अनुसार, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होने के बाद टेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। देव मेडिकल कॉलेज में मुफ्त इलाज और दवा की सुविधा का दावा देव में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के संचालन को लेकर सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से इसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर संचालित करने की बात कही गयी है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि के बयान का हवाला देते हुए दावा किया कि सरकारी प्रावधानों के तहत ओपीडी, दवा और अन्य सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध कराने की बात कही गयी है। अभय कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि मेडिकल कॉलेज का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए। यदि पीपीपी मॉडल के कारण गरीब और जरूरतमंद मरीजों को इलाज कराने में परेशानी होती है, तो वे इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के नाम पर राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय लोगों को इसके संचालन और सुविधाओं से संबंधित प्रावधानों की सही जानकारी दी जानी चाहिए। बारुण में सौर ऊर्जा परियोजना का उल्लेख करते हुए सांसद ने बताया कि करीब 500 एकड़ जमीन की उपलब्धता को लेकर तत्कालीन जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री के कार्यकाल में पहल की गयी थी। यहां 120 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना और 60 मेगावाट की स्टोरेज क्षमता वाली परियोजना को स्वीकृति मिली है। दोनों परियोजनाओं की कुल लागत 700 करोड़ रुपये से अधिक बतायी गयी है। उन्होंने कहा कि छठ पर्व के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। परियोजना स्थापित होने से जिले में रोजगार के नये अवसर पैदा हो सकते हैं। उन्होंने संबंधित कंपनी से स्थानीय बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग की। सांसद के अनुसार, कंपनी की ओर से भी इस संबंध में आश्वासन मिला है। उत्तर कोयल नहर और कुटकू डैम पर काम तेज करने की मांग सांसद ने उत्तर कोयल नहर परियोजना को किसानों के हित से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि परियोजना का काम विभिन्न चरणों में चल रहा था और चुनाव के बाद आगे बढ़े कार्य का शिलान्यास होना स्वाभाविक है। ऐसे मामलों में राजनीतिक श्रेय लेने के बजाय किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को परियोजना का वास्तविक लाभ दिलाने की जरूरत बतायी। कुटकु डैम के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात कर इस परियोजना पर चर्चा की गयी थी। फरवरी 2026 में भी परियोजना से संबंधित प्रक्रियाओं में हो रही देरी को लेकर संपर्क किया गया। सांसद ने कहा कि कुटकुट डैम बिहार और झारखंड दोनों राज्यों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसके समाधान के लिए वे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मुलाकात करेंगे। उन्होंने सोन नदी के पानी को गयाजी क्षेत्र तक पहुंचाने की प्रस्तावित योजना का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इस योजना से कई जिलों को लाभ मिल सकता है। साथ ही बिहार को एनटीपीसी से मिलने वाली बिजली की कीमत पर भी उन्होंने सवाल उठाये। सांसद ने कहा कि बिजली, सिंचाई और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट नीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए, ताकि आम लोगों और किसानों को राहत मिल सके। चुनावी वादों, रोजगार और आवास योजना पर सरकार से जवाब की मांग प्रेसवार्ता के दौरान अभय कुशवाहा ने सरकार के चुनावी वादों को लेकर भी सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान महिलाओं को 10 हजार रुपये देने के साथ दो लाख रुपये तक सहायता देने का वादा किया गया था। अब सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि शेष सहायता राशि कब और किस प्रक्रिया के तहत दी जायेगी। उन्होंने प्रतिवर्ष एक करोड़ रोजगार देने के वादे पर भी जवाब मांगा। सांसद ने केंद्र सरकार की ओर से जातीय जनगणना की घोषणा का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार में जातीय जनगणना हो चुकी है। ऐसे में केंद्र सरकार को इसके आधार पर लोगों को लाभ पहुंचाने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाये और कहा कि विपक्ष की ओर से उठाये जा रहे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए, ताकि आम लोगों का भरोसा बना रहे। आवास योजना में लाभार्थियों के चयन को लेकर मिल रही शिकायतों पर उन्होंने कहा कि यह समस्या पूरे बिहार में सामने आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रखंडों में बीडीओ द्वारा पंचायतों के मुखिया पर दबाव डालकर हस्ताक्षर कराने की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले को अगली बैठक में प्रमुखता से उठाया जायेगा। नक्सलवाद समाप्त होने संबंधी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर भी सांसद ने सवाल किया। उन्होंने कहा कि यदि नक्सलवाद समाप्त हो गया है, तो इसके नाम पर दी जा रही सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा होनी चाहिए। अंत में सांसद ने कहा कि वे जनहित से जुड़ी योजनाओं का समर्थन करेंगे, चाहे सरकार किसी भी दल की हो। लेकिन चुनाव के दौरान किये गये वादे पूरे नहीं होने और जनता से जुड़े सवालों का समाधान नहीं होने पर सरकार से जवाब भी मांगेंगे। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का असली उद्देश्य जनता को लाभ पहुंचाना होना चाहिए, न कि राजनीतिक श्रेय हासिल करना। औरंगाबाद शहर के शाहपुर मुहल्ला स्थित सांसद कार्यालय में बुधवार को औरंगाबाद के सांसद अभय कुमार सिन्हा उर्फ अभय कुशवाहा ने प्रेसवार्ता कर जिले की विकास योजनाओं और सरकार के चुनावी वादों पर अपनी बात रखी। उन्होंने एनएच-139 को फोरलेन बनाने, देव में मेडिकल कॉलेज की स्थापना और बारुण में सौर ऊर्जा परियोजना की स्वीकृति को लेकर चल रही राजनीतिक बयानबाजी पर सवाल उठाये। सांसद ने कहा कि इन योजनाओं का लाभ औरंगाबाद जिले की जनता को मिलेगा, लेकिन इनके लिए श्रेय लेने की होड़ उचित नहीं है। जनप्रतिनिधियों का दायित्व जनता की मांगों को सरकार तक पहुंचाना और विकास योजनाओं को धरातल पर उतारना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता ने उन पर भरोसा जताकर संसद भेजा। इसके बाद से वे जिले की बुनियादी समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाते रहे हैं। उत्तर कोयल नहर परियोजना, एनएच-139 का चौड़ीकरण और देव में मेडिकल कॉलेज की स्थापना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से भी मुलाकात की गयी। राजद के सात सांसदों की एक कमेटी ने भी इस संबंध में मुलाकात की थी।सांसद ने एनएच-139 को फोरलेन बनाने की स्वीकृति को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे आवागमन सुगम होगा और विकास को गति मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी इसके लिए धन्यवाद दिया। उनके अनुसार, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होने के बाद टेंडर की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। देव मेडिकल कॉलेज में मुफ्त इलाज और दवा की सुविधा का दावा देव में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के संचालन को लेकर सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से इसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर संचालित करने की बात कही गयी है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि के बयान का हवाला देते हुए दावा किया कि सरकारी प्रावधानों के तहत ओपीडी, दवा और अन्य सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध कराने की बात कही गयी है। अभय कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि मेडिकल कॉलेज का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना होना चाहिए। यदि पीपीपी मॉडल के कारण गरीब और जरूरतमंद मरीजों को इलाज कराने में परेशानी होती है, तो वे इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के नाम पर राजनीतिक बयानबाजी करने के बजाय लोगों को इसके संचालन और सुविधाओं से संबंधित प्रावधानों की सही जानकारी दी जानी चाहिए। बारुण में सौर ऊर्जा परियोजना का उल्लेख करते हुए सांसद ने बताया कि करीब 500 एकड़ जमीन की उपलब्धता को लेकर तत्कालीन जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री के कार्यकाल में पहल की गयी थी। यहां 120 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना और 60 मेगावाट की स्टोरेज क्षमता वाली परियोजना को स्वीकृति मिली है। दोनों परियोजनाओं की कुल लागत 700 करोड़ रुपये से अधिक बतायी गयी है। उन्होंने कहा कि छठ पर्व के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। परियोजना स्थापित होने से जिले में रोजगार के नये अवसर पैदा हो सकते हैं। उन्होंने संबंधित कंपनी से स्थानीय बेरोजगार युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग की। सांसद के अनुसार, कंपनी की ओर से भी इस संबंध में आश्वासन मिला है। उत्तर कोयल नहर और कुटकू डैम पर काम तेज करने की मांग सांसद ने उत्तर कोयल नहर परियोजना को किसानों के हित से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि परियोजना का काम विभिन्न चरणों में चल रहा था और चुनाव के बाद आगे बढ़े कार्य का शिलान्यास होना स्वाभाविक है। ऐसे मामलों में राजनीतिक श्रेय लेने के बजाय किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने और किसानों को परियोजना का वास्तविक लाभ दिलाने की जरूरत बतायी। कुटकु डैम के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात कर इस परियोजना पर चर्चा की गयी थी। फरवरी 2026 में भी परियोजना से संबंधित प्रक्रियाओं में हो रही देरी को लेकर संपर्क किया गया। सांसद ने कहा कि कुटकुट डैम बिहार और झारखंड दोनों राज्यों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। इसके समाधान के लिए वे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मुलाकात करेंगे। उन्होंने सोन नदी के पानी को गयाजी क्षेत्र तक पहुंचाने की प्रस्तावित योजना का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इस योजना से कई जिलों को लाभ मिल सकता है। साथ ही बिहार को एनटीपीसी से मिलने वाली बिजली की कीमत पर भी उन्होंने सवाल उठाये। सांसद ने कहा कि बिजली, सिंचाई और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट नीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए, ताकि आम लोगों और किसानों को राहत मिल सके। चुनावी वादों, रोजगार और आवास योजना पर सरकार से जवाब की मांग प्रेसवार्ता के दौरान अभय कुशवाहा ने सरकार के चुनावी वादों को लेकर भी सवाल उठाये। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान महिलाओं को 10 हजार रुपये देने के साथ दो लाख रुपये तक सहायता देने का वादा किया गया था। अब सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि शेष सहायता राशि कब और किस प्रक्रिया के तहत दी जायेगी। उन्होंने प्रतिवर्ष एक करोड़ रोजगार देने के वादे पर भी जवाब मांगा। सांसद ने केंद्र सरकार की ओर से जातीय जनगणना की घोषणा का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार में जातीय जनगणना हो चुकी है। ऐसे में केंद्र सरकार को इसके आधार पर लोगों को लाभ पहुंचाने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाये और कहा कि विपक्ष की ओर से उठाये जा रहे सवालों का जवाब दिया जाना चाहिए, ताकि आम लोगों का भरोसा बना रहे। आवास योजना में लाभार्थियों के चयन को लेकर मिल रही शिकायतों पर उन्होंने कहा कि यह समस्या पूरे बिहार में सामने आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रखंडों में बीडीओ द्वारा पंचायतों के मुखिया पर दबाव डालकर हस्ताक्षर कराने की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले को अगली बैठक में प्रमुखता से उठाया जायेगा। नक्सलवाद समाप्त होने संबंधी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान पर भी सांसद ने सवाल किया। उन्होंने कहा कि यदि नक्सलवाद समाप्त हो गया है, तो इसके नाम पर दी जा रही सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा होनी चाहिए। अंत में सांसद ने कहा कि वे जनहित से जुड़ी योजनाओं का समर्थन करेंगे, चाहे सरकार किसी भी दल की हो। लेकिन चुनाव के दौरान किये गये वादे पूरे नहीं होने और जनता से जुड़े सवालों का समाधान नहीं होने पर सरकार से जवाब भी मांगेंगे। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का असली उद्देश्य जनता को लाभ पहुंचाना होना चाहिए, न कि राजनीतिक श्रेय हासिल करना।  

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