Supreme Court ने आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव में उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी करने पर 26 अक्टूबर तक रोक लगाई

Supreme Court ने आंध्र प्रदेश निकाय चुनाव में उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी करने पर 26 अक्टूबर तक रोक लगाई

उच्चतम न्यायालय ने आंध्र प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग को बुधवार को निर्देश दिया कि वह राज्य में होने वाले शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए उम्मीदवारों की अंतिम सूची 26 अक्टूबर तक प्रकाशित नहीं करे। यह अंतिम सूची बुधवार को जारी की जानी थी। न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने ‘‘प्रथम दृष्टया यह दिखाया है’’ कि उसके कई उम्मीदवारों को लगभग 100 शहरी स्थानीय निकाय के चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका गया था।

अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया कि वह वाईएसआरसीपी और अन्य उम्मीदवारों की उन शिकायतों पर विचार करे जिनमें उन्होंने संबंधित सबूत पेश करते हुए कहा है कि उन्हें नामांकन पत्र दाखिल करने से रोका गया था। अदालत ने आयोग को नामांकन पत्र दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाने के संबंध में बृहस्पतिवार तक फैसला लेने का भी निर्देश दिया। पीठ ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों और निर्वाचन कार्यालयों को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया।

उसने कहा कि नामांकन पत्र दाखिल करना स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का एक महत्वपूर्ण पहलू है। पीठ ने राज्य निर्वाचन आयोग से यह सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने को भी कहा कि वाईएसआरसीपी और अन्य उम्मीदवारों के मन में राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होने को लेकर कोई आशंका न रहे। पीठ ने आंध्र प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग (एपी एसईसी) से कहा कि वह 27 अक्टूबर तक अपना अनुपालन हलफनामा दाखिल करे।

मामले में अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी। वाईएसआरसीपी ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के 18 अक्टूबर के उस आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है, जिसमें नामांकन दाखिल करने की अवधि एक दिन और बढ़ाने से इनकार कर दिया गया था। वाईएसआरसीपी का आरोप है कि राज्य में बड़े पैमाने पर हुई हिंसा के कारण उसके उम्मीदवार शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल नहीं कर पाए।

पार्टी ने उम्मीदवारों को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने, नामांकन दाखिल करने की समयसीमा बढ़ाने और अतिरिक्त एवं वैकल्पिक नामांकन केंद्र निर्धारित करने की मांग की है, ताकि उम्मीदवार सुरक्षित तरीके से अपने नामांकन पत्र जमा कर सकें। पार्टी महासचिव लेल्ला अप्पीरेड्डी की ओर से वकील महफूज अहसान नाजकी द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि 16 अक्टूबर से 18 अक्टूबर तक चली नामांकन प्रक्रिया के दौरान पार्टी के कई उम्मीदवारों पर कथित तौर पर हमला किया गया और उन्हें नामांकन केंद्रों तक पहुंचने से रोका गया। उच्च न्यायालय ने समयसीमा बढ़ाने की पार्टी की अर्जी को खारिज कर दिया था।

अदालत ने कहा कि समयसीमा पहले ही खत्म हो चुकी है और इसे बढ़ाने का मतलब चुनाव प्रक्रिया में दखल देने के समान होगा।

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