नालंदा- सिपाही हत्याकांड के खुलासे के लिए 500-500 का इनाम:कतरीसराय, पावापुरी थानाध्यक्ष को एसपी ने कैश देकर किया सम्मानित, एसआईटी में शामिल थे दोनों

नालंदा- सिपाही हत्याकांड के खुलासे के लिए 500-500 का इनाम:कतरीसराय, पावापुरी थानाध्यक्ष को एसपी ने कैश देकर किया सम्मानित, एसआईटी में शामिल थे दोनों

नालंदा एसपी ने सिपाही अजीत कुमार हत्याकांड मामले का 24 घंटे के अंदर खुलासा करने वाले दो पुलिस पदाधिकारियों को 500-500 रुपए की नगद राशि देकर सम्मानित किया है। इनमें पावापुरी और कतरीसराय के एसएचओ शामिल हैं। दरअसल, एक्साइज डिपार्टमेंट के ईआईबी सिपाही अजीत कुमार हत्याकांड और आर्म्स एक्ट के सनसनीखेज मामले में नालंदा पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की थी। एसपी की ओर से गठित एसआईटी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस पूरे हत्याकांड का महज 24 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया था। एसआईटी का नेतृत्व राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता कर रहे थे। मामले में सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी मुख्य नामजद आरोपी है। पुष्पा के साथ इस मामले में कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की गंभीरता और त्वरित अनुसंधान को देखते हुए नालंदा के एसपी हृदयकांत ने अपनी ओर से गठित एसआईटी में शामिल दो पुलिस पदाधिकारियों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया है। 15 अक्टूबर को दर्ज हुआ था मामला पावापुरी थाना क्षेत्र के गिरियक में घटित इस सनसनीखेज वारदात के संबंध में 15 अक्टूबर को कांड दर्ज किया गया था। प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या), 3(5) और 27 आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज की गई थी। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए नालंदा के पुलिस अधीक्षक ने उसी दिन एक विशेष जांच दल का गठन किया था। SIT की तत्परता से 24 घंटे में खुलासा गठित एसआईटी ने वैज्ञानिक साक्ष्य, तकनीकी अनुसंधान और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए दिन-रात एक कर दिया और महज 24 घंटे के भीतर पूरे मामले की कड़ियां जोड़कर कांड का खुलासा कर दिया। इस त्वरित खुलासे से जहां पुलिस की कार्यप्रणाली पर जनता का विश्वास मजबूत हुआ है, वहीं आरोपी दारोगा पुष्पा कुमारी पर शिकंजा और कस गया। एसपी ने जिलादेश जारी कर किया पुरस्कृत पुलिस पदाधिकारियों के उत्कृष्ट कार्य और उनके मनोबल को बनाए रखने के लिए नालंदा पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा एक जिलादेश जारी किया गया। इसके तहत एसआईटी के दो प्रमुख सदस्यों को ₹500-₹500 के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है। इनमें कतरीसराय थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार एवं पावापुरी थानाध्यक्ष गौरव कुमार सिंह शामिल है। पुलिस अधीक्षक ने दोनों अधिकारियों द्वारा किए गए अनुसंधान और त्वरित कार्रवाई को बेहद सराहनीय और प्रशंसनीय बताया है। विभाग के अनुसार, मामले में अग्रतर कानूनी कार्रवाई तेजी से पूरी की जा रही है। नालंदा एसपी ने सिपाही अजीत कुमार हत्याकांड मामले का 24 घंटे के अंदर खुलासा करने वाले दो पुलिस पदाधिकारियों को 500-500 रुपए की नगद राशि देकर सम्मानित किया है। इनमें पावापुरी और कतरीसराय के एसएचओ शामिल हैं। दरअसल, एक्साइज डिपार्टमेंट के ईआईबी सिपाही अजीत कुमार हत्याकांड और आर्म्स एक्ट के सनसनीखेज मामले में नालंदा पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की थी। एसपी की ओर से गठित एसआईटी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इस पूरे हत्याकांड का महज 24 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया था। एसआईटी का नेतृत्व राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता कर रहे थे। मामले में सब-इंस्पेक्टर पुष्पा कुमारी मुख्य नामजद आरोपी है। पुष्पा के साथ इस मामले में कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले की गंभीरता और त्वरित अनुसंधान को देखते हुए नालंदा के एसपी हृदयकांत ने अपनी ओर से गठित एसआईटी में शामिल दो पुलिस पदाधिकारियों को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया है। 15 अक्टूबर को दर्ज हुआ था मामला पावापुरी थाना क्षेत्र के गिरियक में घटित इस सनसनीखेज वारदात के संबंध में 15 अक्टूबर को कांड दर्ज किया गया था। प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या), 3(5) और 27 आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज की गई थी। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए नालंदा के पुलिस अधीक्षक ने उसी दिन एक विशेष जांच दल का गठन किया था। SIT की तत्परता से 24 घंटे में खुलासा गठित एसआईटी ने वैज्ञानिक साक्ष्य, तकनीकी अनुसंधान और पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए दिन-रात एक कर दिया और महज 24 घंटे के भीतर पूरे मामले की कड़ियां जोड़कर कांड का खुलासा कर दिया। इस त्वरित खुलासे से जहां पुलिस की कार्यप्रणाली पर जनता का विश्वास मजबूत हुआ है, वहीं आरोपी दारोगा पुष्पा कुमारी पर शिकंजा और कस गया। एसपी ने जिलादेश जारी कर किया पुरस्कृत पुलिस पदाधिकारियों के उत्कृष्ट कार्य और उनके मनोबल को बनाए रखने के लिए नालंदा पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा एक जिलादेश जारी किया गया। इसके तहत एसआईटी के दो प्रमुख सदस्यों को ₹500-₹500 के नकद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है। इनमें कतरीसराय थानाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार एवं पावापुरी थानाध्यक्ष गौरव कुमार सिंह शामिल है। पुलिस अधीक्षक ने दोनों अधिकारियों द्वारा किए गए अनुसंधान और त्वरित कार्रवाई को बेहद सराहनीय और प्रशंसनीय बताया है। विभाग के अनुसार, मामले में अग्रतर कानूनी कार्रवाई तेजी से पूरी की जा रही है।  

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