अयोध्या में देर रात तक प्रतिमा विसर्जन:रामलीला में रावण वध, मिल्कीपुर क्षेत्र में डांडिया; भजन कीर्तन के साथ 500 प्रतिमाएं विसर्जित

अयोध्या में देर रात तक प्रतिमा विसर्जन:रामलीला में रावण वध, मिल्कीपुर क्षेत्र में डांडिया; भजन कीर्तन के साथ 500 प्रतिमाएं विसर्जित

अयोध्या शारदीय नवरात्र के समापन पर मंगलवार को अयोध्या के ग्रामीण क्षेत्रों में देर रात तक भक्ति और उल्लास का माहौल रहा। कहीं मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला जारी रहा तो कहीं पूजा पंडालों में भक्त माता रानी के जयकारे लगाते हुए झूमते नजर आए। रात एक बजे तक प्रतिमा विसर्जन होता रहा। मिल्कीपुर और रुदौली सर्किल में करीब 500 प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका था। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल लगातार क्षेत्र में भ्रमण करता रहा। कुमारगंज कस्बे में आयोजित डांडिया कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और बालिकाओं ने हिस्सा लिया। संगीत की धुन पर प्रस्तुतियों ने लोगों का मन मोह लिया। वहीं, क्षेत्र में चार स्थानों पर आयोजित रामलीला में मेघनाथ, कुंभकरण और रावण वध का मंचन किया गया। राम और रावण के बीच भीषण युद्ध के दृश्य देखकर दर्शक रोमांचित हो उठे। अंत में भगवान श्रीराम के हाथों रावण का वध होते ही जय श्रीराम के उद्घोष से रामलीला स्थल गूंज उठा। रामलीला के दौरान रावण के संवादों के जरिए लोगों को जीवन से जुड़ी सीख भी दी गई। मंचन में बताया गया कि अच्छे और पुण्य के कार्यों को कभी टालना नहीं चाहिए, बल्कि उन्हें तत्काल पूरा करना चाहिए। वहीं, बुरे कार्यों को यथासंभव टालने का प्रयास करना चाहिए। इसके साथ ही अपने परिवार, राज्य और जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण गोपनीय रहस्यों को सुरक्षित रखने की सीख भी दी गई। नवरात्र समापन के अवसर पर कई पूजा पंडालों में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया। रात 12 बजे तक कई स्थानों पर भंडारा चलता रहा, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। प्रतिमा विसर्जन और अन्य धार्मिक आयोजनों को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस के जवान रातभर क्षेत्र में गश्त करते रहे। पुलिस प्रशासन का प्रयास रहा कि धार्मिक आयोजनों के दौरान कहीं भी अव्यवस्था या किसी प्रकार की अप्रिय घटना न होने पाए।

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