यमुनानगर के व्यासपुर स्थित अजात आश्रम की रसोई में खाना बनाने पहुंचे सेवकों को बर्तनों के पीछे एक अजगर का बच्चा छिपा हुआ दिखाई दिया। करीब 5 फीट लंबे अजगर को देखकर सेवक घबरा गए। उन्होंने तुरंत आश्रम संचालक को इसकी जानकारी दी। इसके बाद वन्यजीव विभाग की टीम को बुलाया गया। टीम ने काफी मशक्कत के बाद अजगर को सुरक्षित रेस्क्यू किया और जंगल में छोड़ा। जानकारी के अनुसार, मंगलवार को आश्रम में सेवक मौजूद थे। जब वे रसोई में खाना बनाने के लिए पहुंचे तो उन्हें बर्तनों के पीछे कुछ हिलता हुआ नजर आया। पास जाकर देखने पर पता चला कि वहां अजगर छिपा हुआ था। इसके बाद उन्होंने आश्रम संचालक को सूचित किया। आश्रम की ओर से तुरंत वन्यजीव विभाग को इसकी जानकारी दी गई। बर्तन हटाकर की तलाश, कोने में कुंडली मारकर बैठा मिला अजगर सूचना मिलते ही वन्यजीव विभाग के इंस्पेक्टर लीलू राम टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने रसोई में रखे बर्तनों को हटाकर अजगर की तलाश शुरू की, लेकिन वह एक कोने में छिप गया था। काफी देर तक तलाश करने और सावधानीपूर्वक प्रयास करने के बाद अजगर का बच्चा रसोई के कोने में कुंडली मारकर बैठा दिखाई दिया। अजगर को देखने के लिए जुटे लोग अजगर के मिलने के बाद टीम के सदस्य मोहित ने सावधानी से उसे पकड़कर रेस्क्यू किया। रसोई में अजगर मिलने की खबर फैलते ही उसे देखने के लिए आश्रम में लोगों की भीड़ जुट गई। टीम के सदस्य मोहित के अनुसार, अजगर के बच्चे की लंबाई करीब 5 फीट थी, जबकि उसका वजन लगभग 10 किलो बताया गया। वन्यजीव विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू करने के बाद जंगल में छोड़ दिया। इससे आश्रम में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।

