लखनऊ में विजयादशमी पर मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से विजयादशमी शोभायात्रा निकाली गई। 1090 चौराहे से शुरू हुई यात्रा करीब 68 किलोमीटर का सफर तय कर शहर के 51 प्रमुख चौराहों से गुजरी। करीब 250 वाहनों के काफिले के साथ निकली यात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा और ढोल-नगाड़ों से स्वागत किया। इस मौके पर जय श्री राम और हर हर महादेव नारे लगते रहे। राष्ट्रीय पर्व एवं उत्सव समिति और स्वामी विवेकानंद साप्ताहिक मिलन की ओर से संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर यह आयोजन किया गया। शोभायात्रा सुबह 8 बजे 1090 चौराहे से शुरू हुई। यह मुंशी पुलिया, टेढ़ी पुलिया, इंजीनियरिंग चौराहा, कपूरथला, आईटी चौराहा, परिवर्तन चौक, बालागंज, दुबग्गा, चारबाग और विधानसभा होते हुए वापस 1090 चौराहे पहुंची। शाम करीब 4:30 बजे यात्रा का समापन हुआ। बुराई खत्म करने का संदेश आयोजकों ने बताया कि संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर निकाली गई यात्रा का उद्देश्य समाज में सत्य, संस्कार, धर्म, संस्कृति, एकता और समरसता का संदेश देना है। विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर अधर्म के खिलाफ संघर्ष का संदेश दिया था। दिलीप सिंह ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलकर समाज की बुराइयों को खत्म करना होगा। आसपास की समस्याओं से निपटने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों पर चलते हुए सशक्त उत्तर प्रदेश और उत्तम देश के निर्माण में योगदान देना होगा। वाल्मीकि समाज ने किया स्वागत भाजपा प्रदेश मंत्री डॉ. राहुल कुमार वाल्मीकि ने बताया कि वह बचपन से संघ से जुड़े हैं। शाखाओं में जाने के बाद विद्यार्थी परिषद में लंबे समय तक काम किया। वर्तमान में भाजपा में प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अवध प्रांत में कई वर्षों से विजयादशमी पर विजय यात्रा निकाली जाती है।इसी क्रम में परिवर्तन चौक स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम में वाल्मीकि समाज के लोगों ने यात्रा का ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा से स्वागत किया।उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज सनातन धर्म के साथ रहा है।

