सोनभद्र में विजयदशमी का पर्व मंगलवार को जिले भर में हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरा पर्व पर जिले के 81 स्थानों पर शाम 6 बजे के बाद रावण के पुतलों का दहन किया गया। इस दौरान रामलीला मैदानों और आयोजन स्थलों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। रावण दहन के साथ हुई आतिशबाजी से आसमान जगमगा उठा। जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। जिले के दुद्धि, बभनी,म्योरपुर, अनपरा, शक्तिनगर,सहित विभिन्न कस्बों और नगरों में रामलीला समितियों की ओर से रावण दहन की विशेष तैयारियां की गई थीं।शाम होते ही आयोजन स्थलों पर लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। परिवार के साथ पहुंचे लोगों ने रामलीला मंचन और रावण दहन का आनंद लिया। निर्धारित समय पर रावण के पुतलों का दहन किया गया। इसके साथ ही लोगों ने एक-दूसरे को विजयदशमी की शुभकामनाएं दीं। देखें, 3 तस्वीरें… रेणुकूट और चोपन में 85 फीट के रावण का दहन रेणुकूट में 85 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। वहीं, चोपन में भी 85 फीट ऊंचा हाईटेक रावण लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा। दोनों स्थानों पर रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। पुतलों में आग लगते ही लोगों ने जय श्रीराम के जयकारे लगाए। आतिशबाजी ने आयोजन की रौनक बढ़ा दी। ओबरा में श्रीराम मंदिर प्रांगण में 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। यहां भी रावण दहन देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी रही। वहीं, रॉबर्ट्सगंज नगर में 30 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन कर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।
सुरक्षा के लिए किए गए विशेष इंतजाम विजयदशमी के पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए रामलीला समितियों और जिला प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे। प्रमुख आयोजन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ भीड़ नियंत्रण पर ध्यान दिया गया। जिले भर में उत्साह और उल्लास के बीच दशहरा पर्व संपन्न हुआ। रावण दहन के माध्यम से लोगों को अहंकार, अन्याय और बुराइयों का त्याग कर सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया।

