विजयादशमी पर मंगलवार को कोटा में ऐतिहासिक और रियासतकालीन परंपराओं के साथ रावण दहन कार्यक्रम दशहरा मैदान स्थित विजयश्री रंगमंच के सामने आयोजित किया जाएगा। तय मुहूर्त के अनुसार रात 7:31 बजे से 8:31 बजे के मध्य रावण दहन किया जाएगा। रावण दहन के बाद मेला परिसर में भव्य आतिशी नजारे देखने को मिलेंगे। दशहरा महोत्सव की शुरुआत गढ़ पैलेस से होने वाले पारंपरिक आयोजनों के साथ होगी। गढ़ पैलेस में पारंपरिक ‘दरीखाना’ सजाया जाएगा। जिसमें हाड़ौती क्षेत्र के पूर्व ठिकानों के प्रतिनिधि अपनी पारंपरिक और राजसी वेशभूषा में सजे-धजे उपस्थित रहेंगे। दरीखाने में भगवान लक्ष्मीनारायण जी की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद शाम 6.31 बजे गढ़ पैलेस से राजसी वैभव, ठाट-बाट और लवाजमे के साथ भगवान लक्ष्मीनारायण की भव्य सवारी रवाना होगी। यह सवारी गढ़ पैलेस से प्रस्थान कर किशोरपुरा दरवाजे से होती हुई सीधे दशहरा मैदान स्थित विजयश्री रंगमंच पहुंचेगी। शोभायात्रा के दशहरा मैदान पहुंचने पर रियासतकालीन परंपराओं का निर्वहन करते हुए विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। मैदान में विधि-विधान के साथ ज्वारा पूजन और सीता जी के पाने का पूजन किया जाएगा। इन धार्मिक अनुष्ठानों के पूरा होने के बाद, पूर्व महाराव इज्येराज सिंह नाभि कलश में तीर चलाकर अमृत कलश को फोड़ेंगे, जिसके बाद रावण दहन का कार्यक्रम शुरू होगा।

