मुजफ्फरनगर में शिवसेना कार्यालय पर शस्त्र पूजन:दशहरे के पर्व पर आयोजित हुआ कार्यक्रम, समाज की बुराइयों और अहंकार को खत्म करने का आह्वान किया

मुजफ्फरनगर में शिवसेना कार्यालय पर शस्त्र पूजन:दशहरे के पर्व पर आयोजित हुआ कार्यक्रम, समाज की बुराइयों और अहंकार को खत्म करने का आह्वान किया

मुजफ्फरनगर में दशहरे के अवसर पर प्रकाश चौक स्थित शिवसेना कार्यालय में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं को अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने और जरूरत पड़ने पर दुर्गा का स्वरूप धारण कर बुराई से लड़ने का संदेश दिया गया। भवानी सेना की जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी और शिवसेना के जिलाध्यक्ष बिट्टू सिखेड़ा ने कहा कि दशहरा केवल रावण का पुतला जलाने का पर्व नहीं है, बल्कि अपने भीतर मौजूद बुराइयों को खत्म करने का भी अवसर है। दशहरे पर रावण का दहन किया जाता है भवानी सेना की जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी ने कहा कि हर साल दशहरे पर रावण का दहन किया जाता है, लेकिन समाज में आज भी अहंकार, बुरे विचार और एक-दूसरे से जलने जैसी प्रवृत्तियां मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि जब तक लोग अपने भीतर की इन बुराइयों को खत्म नहीं करेंगे, तब तक दशहरे का वास्तविक उद्देश्य पूरा नहीं होगा। अच्छाई की जीत का संदेश तभी सार्थक होगा, जब लोग अपने व्यवहार में भी बदलाव लाएंगे। पूनम चौधरी ने महिलाओं और बहनों से अपील की कि वे किसी भी समस्या का सामना होने पर चुप न रहें, बल्कि एकजुट होकर अपनी आवाज उठाएं। जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसी भाई या बहन के सामने समस्या आने पर शिवसेना के कार्यकर्ता उसके समाधान के लिए साथ खड़े होते हैं। प्रदेश अध्यक्ष ललित मोहन शर्मा के मार्गदर्शन में संगठन के कार्यकर्ता मिलकर काम कर रहे हैं। नकारात्मक सोच को समाप्त करना होगा शिवसेना के जिलाध्यक्ष बिट्टू सिखेड़ा ने रावण के उदाहरण के जरिए अहंकार और गलत सोच के दुष्परिणाम बताए। उन्होंने कहा कि रावण बुद्धिमान और ज्ञानी होने के बावजूद अपने अहंकार और गलत मानसिकता के कारण विनाश को प्राप्त हुआ। इसलिए केवल रावण का पुतला जलाने से समाज की बुराइयां खत्म नहीं होंगी। इसके लिए हर व्यक्ति को अपने भीतर मौजूद अहंकार और नकारात्मक सोच को समाप्त करना होगा। बिट्टू सिखेड़ा ने महिलाओं और बेटियों से अन्याय तथा बुराई के खिलाफ मजबूती से खड़े होने की अपील की। उन्होंने उन्हें दुर्गा का स्वरूप धारण कर अपने अधिकारों और सम्मान के लिए आवाज उठाने का संदेश दिया।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *