राज्य सरकार का उपक्रम हिमाचल प्रदेश बागवानी उपज विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (HPMC) अब शहद और सेब से तैयार होने वाले ‘अल्कोहलिक ड्रिंक’ बाजार में उतारने की तैयारी कर चुका है। जल्द ही HPMC के मीड और एप्पल साइडर बाजार में उपलब्ध होंगे। इन दोनों का टेस्ट बीयर की तरह होगा। मीड में अल्कोहल की मात्रा 9 प्रतिशत और एप्पल साइडर में 8 प्रतिशत होगी। ‘मीड’ शहद से बनेगी, जबकि ‘एप्पल साइडर’ बनाने के लिए सेब के जूस का इस्तेमाल होगा। इसी तरह, HPMC मार्केट एक महीने के भीतर ‘एप्पल का कार्बोनेटेड जूस’ भी में मार्केट में उतारने जा रहा है। एचपीएमसी के वाइस चेयरमैन सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि एप्पल से तैयार होने वाले नए अल्कोहलिंक ड्रिंक को बाजार में उतारने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसके सैंपल और एक्साइज डिपार्टमेंट से लाइसेंस जैसी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई है। नए उत्पादों से कारोबार बढ़ाने की योजना HPMC का मुख्य कारोबार फलों के जूस और जूस कंसंट्रेट से जुड़ा रहा है। निगम अब अल्कोहलिक पेय पदार्थों की नई रेंज तैयार कर घरेलू बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाना चाहता है। इसके साथ ही निर्यात की संभावनाएं तलाशने की योजना भी है। HPMC फ्रूट वाइन पहले से बेच रहा है और हाल ही में इसकी फ्रूट वाइन रेंज की रीब्रांडिंग भी की गई है। अब नए उत्पादों के जरिए सेब और शहद जैसे उत्पादों का वेल्यू एडिशन करने तथा कारोबार के नए विकल्प विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। पराला में भी एप्पल श्रैप्स प्लांट लगाने की तैयारी HPMC अपने उत्पादों की रेंज बढ़ाने के लिए सेब से बनने वाले दूसरे अल्कोहलिक ड्रिंक ‘एप्पल श्नैप्स’ के उत्पादन की संभावनाएं भी तलाश रहा है। इसके लिए पराला में प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की योजना है। इस संबंध में चर्चा चल रही है। हालांकि, इस उत्पाद को बाजार में आने में अभी समय लगेगा। सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्होंने बीते दिनों उत्तराखंड की उन वाइनरी का भी दौरा किया है, जहां जड़ी-बूटियों से अल्कोहलिक पेय तैयार किए जाते हैं। निगम का उद्देश्य नए उत्पाद विकसित कर इस कारोबार में अपनी मौजूदगी बढ़ाना है। HPMC की यह अच्छी पहल: प्रकाश ठाकुर एचपीएमसी के पूर्व वाइस चेयरमैन प्रकाश ठाकुर ने कहा कि चीन से प्रतिस्पर्धा के कारण जूस कंसंट्रेट के कारोबार में कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में सेब आधारित नए उत्पाद निगम के लिए कमाई के नए अवसर पैदा कर सकते हैं। उन्होंने इस पहल का स्वागत किया। उनका कहना है कि सेब से जूस कंसंट्रेट तैयार कर बेचने के बजाय उससे अल्कोहलिक ड्रिंक बनाने पर अधिक मूल्य हासिल किया जा सकता है। ठाकुर के अनुसार, एचपीएमसी एप्पल ब्रांडी, एप्पल लिकर और स्पार्कलिंग एप्पल बेवरेज जैसे उत्पादों की संभावनाएं भी तलाश सकता है। इसके लिए स्थापित डिस्टिलरी के साथ तकनीकी सहयोग और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग का विकल्प अपनाया जा सकता है। उन्होंने सेब से बनने वाले अल्कोहलिक पेय के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाले अंतरराष्ट्रीय सलाहकार की सेवाएं लेने का सुझाव भी दिया है।

