टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: हमलावरों को लेकर निकली मुंबई पुलिस को रात में वापस क्यों लौटना पड़ा कोटा? जानें वजह

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस: हमलावरों को लेकर निकली मुंबई पुलिस को रात में वापस क्यों लौटना पड़ा कोटा? जानें वजह

कोटा। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू में फायरिंग करने के मामले में कोटा स्टेशन से पकड़े गए तीनों आरोपियों को मुंबई पुलिस आज लेकर जाएगी। सोमवार को ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद मुंबई पुलिस आरोपियों को सड़क मार्ग से लेकर रवाना हुई थी, लेकिन थकावट के कारण टीम वापस कोटा लौट आई। फिलहाल तीनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र में रखा गया है। मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम मंगलवार सुबह उन्हें लेकर मुंबई रवाना होगी।

रेलवे कॉलोनी थाना अधिकारी रामस्वरूप मीणा ने बताया कि आरोपियों का पीछा करने के कारण मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम थकावट महसूस कर रही थी। ऐसे में टीम ने रात को कोटा में ही विश्राम करने का फैसला किया। आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच रातभर रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र में रखा गया है। अब मंगलवार सुबह आरोपियों को मुंबई ले जाया जाएगा।

बता दें कि बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर मुंबई के जुहू में रविवार शाम फायरिंग मामले में कोटा पुलिस ने सोमवार सुबह कोटा स्टेशन पर पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सवार तीन आरोपियों को पकड़ा था। मुंबई पुलिस की सूचना पर कोटा पुलिस ने आरपीएस व रेलवे प्रशासन की मदद से मात्र 15 मिनट में कार्रवाई की। कोटा सिटी के एडिशनल एसपी सुभाष मिश्रा ने बताया कि तीनों आरोपियों को न्यायाधीश के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से आरोपियों को मुम्बई ले जाने के लिए 48 घंटे के ट्रांजिक्ट रिमांड के लिए मुम्बई पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस आरोपियों को लेकर सड़क मार्ग से लेकर मुंबई रवाना हो गई, लेकिन फिर कोटा लौट आई थी।

सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी किए तैनात

कोटा एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि मुंबई पुलिस ने संदिग्धों के फोटो भेजकर सूचना दी थी कि अभिनेता पर हमला करने के तीन आरोपी ट्रेन से कोटा की ओर आ रहे है। इस पर रेलवे कॉलोनी और भीमगंज मंडी थानाधिकारियों, जिला विशेष टीम, साइबर टीम, आरपीएफ और एजीटीएफ को तुरंत अलर्ट किया। हमलावर सतर्क न हो जाएं, इसलिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात किए गए। ट्रेन के स्टेशन पर आते ही पुलिस और आरपीएफ ने इंजन के पास वाले जनरल कोच से पुलिस ने हमलावरों को पहचान कर पकड़ लिया।

दिल्ली पहुंचने के बाद नेपाल भागने की थी तैयारी

एसपी गौतम ने बताया कि आरोपियों की योजना दिल्ली पहुंचने और वहां से नेपाल भागने की थी। आरोपियों से हथियार बरामद नहीं हुए है। पूछताछ में आरोपियों की पहचान हरियाणा के सोनीपत की ईदगाह कॉलोनी निवासी रेहान उर्फ सुक्का (18) व फूल सिंह और बिहार के बेगूसराय निवासी ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन (22) के रूप में हुई। आरोपियों को वारदात के लिए मोटी रकम देने का लालच दिया गया था। रेहान को अनिल पंडित नाम के शख्स ने वारदात के बाद विदेश में नौकरी दिलवाने और वहीं बसाने का झांसा दिया था। एसपी के अनुसार, शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि रेहान उर्फ सुक्का अनिल पंडित के संपर्क में था। अनिल को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताया गया है।

एक माह पहले ही मुंबई आए थे दो शूटर

मुंबई पुलिस के उपायुक्त राज तिलक रोशन ने प्रेस वार्ता में कहा कि घटना के समय महतो मोटरसाइकिल चला रहा था जबकि दो अन्य ने गोलियां चलाई। पुलिस के अनुसार फूल सिंह और रेहान एक माह पहले ही दिन पहले ही मुंबई आए थे। उन्होंने सितंबर में ही टाइगर की गतिविधियों की रेकी की थी और मोटर साइकिल खरीदी थी। आरोपी ऋतिक मुंबई में रैपिडो बाइक चलाता है। बताने को रेहान और फूलसिंह मजदूरी करने लगे। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक मोबाइल जब्त किया है। फूलसिंह के खिलाफ पहले भी एक गाड़ी चोरी का मामला दर्ज है, जबकि रेहान के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज है।

ऐसे चला पूरा घटनाक्रम

17:05 बजे: रविवार शाम जूहू में लॉरेन्स गैंग के गुर्गों ने टाइगर श्रॉफ पर की फायरिंग।
7:25 बजे: रविवार शाम बाइक से अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचे हमलावर। लोकल ट्रेन पकड़कर पहुंचे बोरीवली।
12:20 बजे: बोरीवली से कैब लेकर सूरत पहुंचे।
1:30 बजे: सूरत से पुणे-जयपुर ट्रेन में सवार।
10:16 बजे: सोमवार सुबह कोटा स्टेशन पर पहुंची पुणे-जयपुर एक्सप्रेस।
10:20 मिनट पर कोटा स्टेशन पर पुलिस ने दबोचा।
12:00 बजे: मुम्बई पुलिस टीम पहुंची कोटा।
6:10 बजे: शाम को न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष ट्रांजिक्ट रिमांड के लिए किया पेश।
7:00 बजे: शाम मेडिकल करवाकर मुम्बई पुलिस आरोपियों को रेलवे कॉलोनी थाना क्षेत्र ले गई। मंगलवार सुबह उन्हें मुंबई ले जाएगी।

अमरीका से एप पर मिले निर्देश

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की अनिल पंडित से कभी आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई। अनिल अमरीका में बैठकर ‘जंगी ऐप’ के जरिए निर्देश दे रहा था। वारदात के समय भी आरोपी इसी ऐप के जरिए संपर्क में थे। वारदात के बाद उन्हें जल्द से जल्द दिल्ली पहुंचने का निर्देश मिला था। आरोपियों ने वारदात से पहले बाइक खरीदी थी। अभिनेता पर हमला करने के बाद तीनों आरोपी बाइक से अंधेरी स्टेशन पहुंचे। फिर लोकल ट्रेन में बोरीवली व कैब से सूरत पहुंचे और वहां खड़ी पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सवार हो गए। आरोपी ऋतिक ने बाल कटवाकर हुलिया बदलने की कोशिश की।

मिले 2.50 लाख एडवांस

सूत्रों के मुताबिक, तीनों आरोपियों को करीब 2.50 लाख रुपए एडवांस दिए गए थे। जांच में यह भी सामने आया कि अनिल पंडित ने आरोपियों को हथियार उपलब्ध करवाए थे। वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी करीब एक महीने से मुंबई के एक होटल में रह रहे थे। अनिल पंडित की ओर से उन्हें प्रतिदिन खर्च के लिए 5 से 10 हजार रुपए ऑनलाइन भेजे जाते थे। आरोपी अलग-अलग दुकानदारों को ऑनलाइन भुगतान कर उनसे नकद रुपए ले लेते थे।

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