‘मेरा बेटा मुंबई में रसोइया का काम करता है, वो कुक है, कॉन्ट्रैक्ट किलर नहीं है। जो बातें सामने आई है, वो गलत है। मेरा बेटा 17 अक्टूबर को अपनी गर्लफ्रेंड को रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में बैठाने गया था। उसने मुझे इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद से ही मेरे बेटे का मोबाइल बंद है, उससे मेरी बातचीत नहीं हो पा रही है।’ बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले में आरोपी बनाए गए 22 साल के ऋतिक कुमार उर्फ रोशन की मां संयुक्ता देवी ने दैनिक भास्कर से ये बातें कही है। संयुक्ता देवी का दावा है कि मेरे बेटे को इस मामले में जानबूझकर फंसाया जा रहा है। दैनिक भास्कर से बातचीत में ऋतिक कुमार उर्फ रोशन की मां ने और क्या-क्या बताया? आरोपी ऋतिक की प्रेम कहानी क्या है? उसका पारिवारिक बैकग्राउंड क्या है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले पढ़िए, ऋतिक की मां ने क्या-क्या बताया? ऋतिक की मां संयुक्ता देवी ने बताया कि उनका बेटा मुंबई में एक रसोइए (कुक) के रूप में काम करता था। वहीं पर उसकी मुलाकात एयरपोर्ट पर काम करने वाली ज्योति नाम की एक लड़की से हुई थी। ज्योति अक्सर वहां खाना लेने आया करती थी, जिससे दोनों के बीच जान-पहचान और संपर्क बढ़ा। देखते ही देखते दोनों के बीच दोस्ती हो गई और पिछले 6 महीनों से ऋतिक और ज्योति के बीच लगातार बातचीत और शादी को लेकर चर्चा चल रही थी। ऋतिक की मां के अनुसार, ज्योति ब्राह्मण समाज से आती है और वह खुद ऋतिक से शादी करने की इच्छुक थी। सूरत से लौटते ही गायब हुआ ऋतिक ऋतिक की मां ने बताया कि ज्योति और ऋतिक दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन ज्योति के पिता इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। हालांकि, ज्योति के पिता बाद में शादी के लिए राजी हो गए थे। इसलिए वे अपने बेटी ज्योति के साथ ऋतिक को भी कपड़ों की खरीदारी के लिए सूरत ले गए थे। ऋतिक और ज्योति की एक महीने बाद शादी होने वाली थी। इसलिए मेरा बेटा भी उनके साथ खरीदारी कराने सूरत गया था। संयुक्ता ने बताया कि ज्योति, उसके पिता का 17 अक्टूबर को वापसी का रिजर्वेशन था। मेरा बेटा दोनों को छोड़ने के लिए स्टेशन गया था। तब उसने मुझे कॉल किया और बताया कि मैं ज्योति को ट्रेन में बैठाने आया हूं। ऋतिक की मां ने बताया कि मैंने अपने बेटे से कहा कि तुम घर आ जाओ, तो उसने जवाब में कहा कि ज्योति को चले जाने दो, मैं पहले मुंबई जाऊंगी, फिर बेगूसराय आ जाऊंगा। फायरिंग के आरोपी ऋतिक की मां का कहना है कि थोड़ी देर बाद मैंने बेटे को दोबारा कॉल किया, लेकिन तब से लेकर आज तक उसका मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा है। मां ने आशंका जताई है कि शादी के खिलाफ होने के कारण लड़की के परिवार या किसी अन्य पक्ष की ओर से ऋतिक के साथ कुछ अनहोनी की गई हो सकती है या उसे फंसाया जा रहा है। वायरल फोटो और आरोपों को मां ने बताया झूठा पुलिस और मीडिया में ऋतिक के नाम पर दिखाई जा रही फोटो और आरोपों को लेकर जब मां से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने फोटो पहचानने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि ये मेरे बेटे की फोटो नहीं है। मेरा बेटा न तो शराबी था, न ही गांजे का सेवन करता था और न ही किसी गलत संगत में था। वह केवल अपने काम से मतलब रखता था। टाइगर शराब या गोलीबारी के जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे सब झूठे हैं। उसे किसी साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। हालांकि, संयुक्ता के पड़ोसियों को जब दैनिक भास्कर ने फायरिंग के दौरान सामने आई तस्वीर को दिखाया तो अधिकतर लोगों ने एक लड़के की पहचान रामू महतो के बेटे ऋतिक कुमार उर्फ रोशन के रूप में की। उधर, पुलिस के जाने के बाद ऋतिक के पिता रामू महतो और मां संयुक्ता देवी घर में ताला लगाकर अपने दोनों अन्य बच्चों (ऋतिक के छोटे भाई और बहन) को लेकर कहीं चले गए। संयुक्ता बोली- सेकंड हैंड बाइक को लेकर भी था विवाद ऋतिक की मां ने बताया कि ऋतिक ने 40 हजार रुपए में एक सेकंड हैंड बाइक खरीदी थी, जिसके लिए उन्होंने खुद पैसे भेजे थे। लेकिन बाद में बाइक के असली मालिक विक्रेता के बड़े भाई ने बाइक वापस मांग ली। जब 30 हजार रुपए लौटाए गए और 10 हजार रुपए रोकने की बात कही गई, तो ऋतिक ने पूरे पैसे वापस मांगे। मां के अनुसार, ऋतिक एक नई बाइक खरीदना चाहता था, लेकिन उन्होंने दुर्गा पूजा के बाद पैसे भेजने की बात कही थी। मां का कहना है कि ऋतिक रोजी-रोटी की तलाश में दो साल पहले मुंबई गया था। पुलिस की ओर से घर पर आकर की गई पूछताछ के संबंध में उन्होंने बताया कि जब पुलिस अधिकारी उनके पास पहुंचे, तो सारी बातें बता दीं। पुलिस को ऋतिक का मोबाइल नंबर, उसकी तस्वीरें और ज्योति से जुड़ी तमाम जानकारियां सौंप दी है। आखिर में जानिए ऋतिक के परिवार का बैकग्राउंड बेगूसराय मटिहानी थाना क्षेत्र स्थित बदलपुरा गांव के रहने वाले रामू महतो की शादी पिपरा के पड़ोसी गांव इटवा में हुई थी। करीब 15 साल पहले रामू सपरिवार पिपरा आ गए और यहीं लिट्टी-पकौड़ा का दुकान चलाने लगे। इधर, दो भाई और एक बहन में बड़ा ऋतिक भी बचपन से दुकान पर रहता था तो उसने खाना बनाना सीखा। उसके बाद मुबंई जाने की सोच कर जिम जाना शुरू कर दिया, करीब दो साल पहले गया तो रेस्टोरेंट में रसोईया का काम कर रहा था। मां को आशंका है कि हो सकता है कि पकड़ा गया लड़का मेरा बेटा न हो। पुलिस पूछताछ करने आई थी। हालांकि, टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी मामले में गिरफ्तार लड़का बेगूसराय के रतनपुर थाना के पिपरा गांव के रहने वाले रामू महतो और संयुक्ता देवी का बेटा है, इस बारे में बेगूसराय पुलिस का आधिकारिक बयान नहीं आया है। ‘मेरा बेटा मुंबई में रसोइया का काम करता है, वो कुक है, कॉन्ट्रैक्ट किलर नहीं है। जो बातें सामने आई है, वो गलत है। मेरा बेटा 17 अक्टूबर को अपनी गर्लफ्रेंड को रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में बैठाने गया था। उसने मुझे इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद से ही मेरे बेटे का मोबाइल बंद है, उससे मेरी बातचीत नहीं हो पा रही है।’ बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग मामले में आरोपी बनाए गए 22 साल के ऋतिक कुमार उर्फ रोशन की मां संयुक्ता देवी ने दैनिक भास्कर से ये बातें कही है। संयुक्ता देवी का दावा है कि मेरे बेटे को इस मामले में जानबूझकर फंसाया जा रहा है। दैनिक भास्कर से बातचीत में ऋतिक कुमार उर्फ रोशन की मां ने और क्या-क्या बताया? आरोपी ऋतिक की प्रेम कहानी क्या है? उसका पारिवारिक बैकग्राउंड क्या है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले पढ़िए, ऋतिक की मां ने क्या-क्या बताया? ऋतिक की मां संयुक्ता देवी ने बताया कि उनका बेटा मुंबई में एक रसोइए (कुक) के रूप में काम करता था। वहीं पर उसकी मुलाकात एयरपोर्ट पर काम करने वाली ज्योति नाम की एक लड़की से हुई थी। ज्योति अक्सर वहां खाना लेने आया करती थी, जिससे दोनों के बीच जान-पहचान और संपर्क बढ़ा। देखते ही देखते दोनों के बीच दोस्ती हो गई और पिछले 6 महीनों से ऋतिक और ज्योति के बीच लगातार बातचीत और शादी को लेकर चर्चा चल रही थी। ऋतिक की मां के अनुसार, ज्योति ब्राह्मण समाज से आती है और वह खुद ऋतिक से शादी करने की इच्छुक थी। सूरत से लौटते ही गायब हुआ ऋतिक ऋतिक की मां ने बताया कि ज्योति और ऋतिक दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे, लेकिन ज्योति के पिता इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। हालांकि, ज्योति के पिता बाद में शादी के लिए राजी हो गए थे। इसलिए वे अपने बेटी ज्योति के साथ ऋतिक को भी कपड़ों की खरीदारी के लिए सूरत ले गए थे। ऋतिक और ज्योति की एक महीने बाद शादी होने वाली थी। इसलिए मेरा बेटा भी उनके साथ खरीदारी कराने सूरत गया था। संयुक्ता ने बताया कि ज्योति, उसके पिता का 17 अक्टूबर को वापसी का रिजर्वेशन था। मेरा बेटा दोनों को छोड़ने के लिए स्टेशन गया था। तब उसने मुझे कॉल किया और बताया कि मैं ज्योति को ट्रेन में बैठाने आया हूं। ऋतिक की मां ने बताया कि मैंने अपने बेटे से कहा कि तुम घर आ जाओ, तो उसने जवाब में कहा कि ज्योति को चले जाने दो, मैं पहले मुंबई जाऊंगी, फिर बेगूसराय आ जाऊंगा। फायरिंग के आरोपी ऋतिक की मां का कहना है कि थोड़ी देर बाद मैंने बेटे को दोबारा कॉल किया, लेकिन तब से लेकर आज तक उसका मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा है। मां ने आशंका जताई है कि शादी के खिलाफ होने के कारण लड़की के परिवार या किसी अन्य पक्ष की ओर से ऋतिक के साथ कुछ अनहोनी की गई हो सकती है या उसे फंसाया जा रहा है। वायरल फोटो और आरोपों को मां ने बताया झूठा पुलिस और मीडिया में ऋतिक के नाम पर दिखाई जा रही फोटो और आरोपों को लेकर जब मां से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने फोटो पहचानने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि ये मेरे बेटे की फोटो नहीं है। मेरा बेटा न तो शराबी था, न ही गांजे का सेवन करता था और न ही किसी गलत संगत में था। वह केवल अपने काम से मतलब रखता था। टाइगर शराब या गोलीबारी के जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वे सब झूठे हैं। उसे किसी साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। हालांकि, संयुक्ता के पड़ोसियों को जब दैनिक भास्कर ने फायरिंग के दौरान सामने आई तस्वीर को दिखाया तो अधिकतर लोगों ने एक लड़के की पहचान रामू महतो के बेटे ऋतिक कुमार उर्फ रोशन के रूप में की। उधर, पुलिस के जाने के बाद ऋतिक के पिता रामू महतो और मां संयुक्ता देवी घर में ताला लगाकर अपने दोनों अन्य बच्चों (ऋतिक के छोटे भाई और बहन) को लेकर कहीं चले गए। संयुक्ता बोली- सेकंड हैंड बाइक को लेकर भी था विवाद ऋतिक की मां ने बताया कि ऋतिक ने 40 हजार रुपए में एक सेकंड हैंड बाइक खरीदी थी, जिसके लिए उन्होंने खुद पैसे भेजे थे। लेकिन बाद में बाइक के असली मालिक विक्रेता के बड़े भाई ने बाइक वापस मांग ली। जब 30 हजार रुपए लौटाए गए और 10 हजार रुपए रोकने की बात कही गई, तो ऋतिक ने पूरे पैसे वापस मांगे। मां के अनुसार, ऋतिक एक नई बाइक खरीदना चाहता था, लेकिन उन्होंने दुर्गा पूजा के बाद पैसे भेजने की बात कही थी। मां का कहना है कि ऋतिक रोजी-रोटी की तलाश में दो साल पहले मुंबई गया था। पुलिस की ओर से घर पर आकर की गई पूछताछ के संबंध में उन्होंने बताया कि जब पुलिस अधिकारी उनके पास पहुंचे, तो सारी बातें बता दीं। पुलिस को ऋतिक का मोबाइल नंबर, उसकी तस्वीरें और ज्योति से जुड़ी तमाम जानकारियां सौंप दी है। आखिर में जानिए ऋतिक के परिवार का बैकग्राउंड बेगूसराय मटिहानी थाना क्षेत्र स्थित बदलपुरा गांव के रहने वाले रामू महतो की शादी पिपरा के पड़ोसी गांव इटवा में हुई थी। करीब 15 साल पहले रामू सपरिवार पिपरा आ गए और यहीं लिट्टी-पकौड़ा का दुकान चलाने लगे। इधर, दो भाई और एक बहन में बड़ा ऋतिक भी बचपन से दुकान पर रहता था तो उसने खाना बनाना सीखा। उसके बाद मुबंई जाने की सोच कर जिम जाना शुरू कर दिया, करीब दो साल पहले गया तो रेस्टोरेंट में रसोईया का काम कर रहा था। मां को आशंका है कि हो सकता है कि पकड़ा गया लड़का मेरा बेटा न हो। पुलिस पूछताछ करने आई थी। हालांकि, टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी मामले में गिरफ्तार लड़का बेगूसराय के रतनपुर थाना के पिपरा गांव के रहने वाले रामू महतो और संयुक्ता देवी का बेटा है, इस बारे में बेगूसराय पुलिस का आधिकारिक बयान नहीं आया है।

