छतरपुर कलेक्टर मृणाल मीना ने सोमवार को टीएल बैठक में अधिकारियों की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का ठीक से निपटारा न होने पर डीडीए और डीएमओ की तीन-तीन दिन की सैलरी काटने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, 50 और 100 दिन से लंबित राजस्व शिकायतों की संख्या बढ़ने पर छतरपुर नगर, छतरपुर ग्रामीण, गौरिहार और बकस्वाहा के तहसीलदारों पर कार्रवाई का प्रस्ताव भेजने को कहा गया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया और एडीएम विनय द्विवेदी भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान सटई, छतरपुर और बकस्वाहा के सीएमओ समेत एमपीयूडीसी अधिकारी के काम पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निपटारा सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के आधार पर होना चाहिए। वन विभाग और डीडी वेटनरी को भी लंबित शिकायतें बंद करने और लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। जिन विभागों में शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं, उनके खिलाफ पहले जारी नोटिस के आधार पर कार्रवाई होगी। उन्होंने एडीएम विनय द्विवेदी को संबंधित तहसीलदारों के कामकाज की समीक्षा कर कार्रवाई के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित एसडीएम से स्पष्टीकरण लेने और जारी नोटिसों को उनके अभिलेख में सुरक्षित रखने को कहा। एलडीएम को बैंकों से संबंधित शिकायतों का निराकरण कराने के निर्देश भी दिए गए। पिछड़ा वर्ग, जनजातीय कार्य, सहकारिता, लोक निर्माण और खाद्य विभाग के अधिकारियों को भी लंबित शिकायतें जल्द निपटाने के लिए कहा।
स्वामित्व योजना में शून्य प्रगति वाले पटवारियों पर कार्रवाई
स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन और पंजीयन कार्य की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने योजना के तहत रजिस्ट्री की प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन पटवारियों की प्रगति शून्य है, उनके विरुद्ध संबंधित एसडीएम कार्रवाई सुनिश्चित करें। अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने और योजना के काम में तेजी लाने के लिए कहा गया। त्योहारों में मिलावट मिली तो एफआईआर के निर्देश
आगामी त्योहारों को देखते हुए कलेक्टर ने खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सभी एसडीएम को अपने क्षेत्रों में जांच और कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। फूड सेफ्टी ऑफिसर को मिलावट के मामलों में कार्रवाई के साथ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने एफएसओ वंदना जैन को पिछले दिनों सामने आए अवैध गुटखा से संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिलावट और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई हो, ताकि लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री मिल सके।
नरवाई जलाने से रोकने किसानों को करेंगे जागरूक
कलेक्टर ने कृषि अधिकारी को आरटीओ के समन्वय से नरवाई प्रबंधन और रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके लिए किसान संगठनों और हार्वेस्टर संचालकों के साथ बैठक कर किसानों को नरवाई नहीं जलाने के प्रति जागरूक करने को कहा। उन्होंने ग्राम स्तर पर समितियां गठित करने और दीवार लेखन के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि नरवाई जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय से काम करें और ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाएं।

