France riots: फ्रांस में भड़की हिंसा और आगजनी के बाद इंटीरियर मिनिस्टर लॉरेंट नुनेज ने सुरक्षा बलों की विफलता की जिम्मेदारी लेते हुए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को अपने इस्तीफे की पेशकश की थी। लेकिन राष्ट्रपति मैक्रों ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए इस्तीफा खारिज कर दिया है, सोमवार को एलीसी पैलेस ने इस बात की पुष्टि की है। मैक्रों का मानना है कि इस संकट के समय पुलिस और सुरक्षा बलों की कमान और नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखना बहुत जरूरी है।
सुरक्षा नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने के लिए इस्तीफा खारिज
समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इंटीरियर मिनिस्टर लॉरेंट नुनेज ने रविवार को राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंपा था। एलीसी पैलेस ने बताया कि राष्ट्रपति ने इसे स्वीकार नहीं किया, क्योंकि मौजूदा संकट के समय कानून प्रवर्तन एजेंसियों में एक स्थिर नेतृत्व का होना जरूरी है। मैक्रों ने नुनेज को अपने पद पर बने रहने और पुलिस बलों पर नियंत्रण रखने का निर्देश दिया है, ताकि जल्द से जल्द कानून-व्यवस्था को पूरी तरह बहाल किया जा सके।
योजना और खुफिया तंत्र की विफलता की जांच
फ्रांस 24 के अनुसार, राष्ट्रपति मैक्रों ने सुरक्षा व्यवस्था में उन कमियों पर नाराजगी जताई है, जिनकी वजह से पूरे देश में विरोध प्रदर्शन इतने हिंसक हो गए। मैक्रों ने इंटीरियर मिनिस्टर लॉरेंट नुनेज को निर्देश दिया है कि वे योजना और खुफिया तंत्र की उन विफलताओं की जांच कराएं, जिनके कारण हिंसा इतनी तेजी से फैल गई।
इसके अलावा, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सुरक्षा बलों के लिए नई रणनीतियां और पुलिसिंग के तरीके तुरंत तैयार करने को कहा है, ताकि लूटपाट और आगजनी करने वाले असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर जल्द काबू पाया जा सके।
पेरिस से मार्सिले तक विरोध-प्रदर्शन और अशांति
फ्रांस में शनिवार को शुरू हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शन कई शहरों में हिंसक दंगों में बदल गए। लिमोज में दंगाइयों ने एक ऐतिहासिक टाउन हॉल में आग लगा दी, दुकानों में जमकर लूटपाट की और इमारतों पर नारे लिख दिए। रविवार को राजधानी पेरिस और मार्सिले में सुरक्षा बलों और दंगाइयों के बीच हिंसक झड़पें जारी रहीं। मार्सिले में दुकानों को लुटने से बचाने के लिए दंगा-रोधी पुलिस को बड़े पैमाने पर हस्तक्षेप करना पड़ा।

