बैतूल के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में मंगलवार, 20 अक्टूबर को दशहरा उत्सव के दौरान 55 फीट ऊंचे रावण और 50 फीट ऊंचे कुंभकरण के पुतलों का दहन किया जाएगा। श्री कृष्ण पंजाब सेवा समिति के आयोजन में इस बार राम-रावण युद्ध का मंचन भी होगा। पिछले गणेश उत्सव में विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे की तेज आवाज के बीच एक छात्रा की मौत की घटना के बाद समिति ने मुख्य कार्यक्रम में डीजे का इस्तेमाल नहीं करने का निर्णय लिया है। इसकी जगह पारंपरिक माइक और हॉर्न लगाए गए हैं। पुतलों के चेहरे, कान और तलवार पर लाइटिंग स्टेडियम में रावण और कुंभकरण के पुतले तैयार कर खड़े कर दिए गए हैं। इस बार पुतलों के चेहरे, कान और तलवार पर विशेष लाइटिंग की गई है। शाम ढलने के साथ ही रोशनी से सजे पुतले आकर्षण का केंद्र बनेंगे। कार्यक्रम में रंगीन आतिशबाजी भी की जाएगी। रीवा के कलाकार करेंगे राम-रावण युद्ध का मंचन रामलीला की प्रस्तुति गणेश रामलीला मंडल, मऊगंज-रीवा के कलाकार देंगे। मंचन में राम-रावण युद्ध के साथ लक्ष्मण मूर्छा, मेघनाद वध और कुंभकरण वध जैसे प्रसंग भी शामिल रहेंगे। युद्ध के प्रसंग के बाद रावण और कुंभकरण के पुतलों का दहन किया जाएगा। पांच दशक से लाइट-साउंड की व्यवस्था संभाल रहे अकबर भाई आयोजन समिति ने इस बार तेज बेस वाली ध्वनि से बचने के लिए डीजे के बजाय पारंपरिक माइक और हॉर्न की व्यवस्था की है। इससे रामलीला और युद्ध मंचन की आवाज दर्शकों तक पहुंचाई जाएगी। आयोजन में पिछले पांच दशक से लाइट-साउंड की व्यवस्था संभाल रहे अकबर भाई इस बार भी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। स्टेडियम में रावण-कुंभकरण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।

