बेगूसराय- मंदिर से लौट रहे दंपति को ट्रक ने कुचला:पत्नी की मौत, पति की हालत गंभीर घायल; सड़क पर बिखरा पूजा का सामान

बेगूसराय- मंदिर से लौट रहे दंपति को ट्रक ने कुचला:पत्नी की मौत, पति की हालत गंभीर घायल; सड़क पर बिखरा पूजा का सामान

बेगूसराय में NH-31 फोरलेन पर तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में पत्नी की मौत हो गई, जबकि पति की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतका की पहचान नूरपुर गांव निवासी शिवदानी पंडित की पत्नी सावित्री देवी (40) के रूप में हुई है। घटना एफसीआई थाना क्षेत्र स्थित बीहट सीएनजी पंप के पास की है। जानकारी के मुताबिक सावित्री देवी सोमवार अहले सुबह अपने पति के साथ दुर्गा स्थान में खोईंछा भरने आई थी। यहां पता चला कि खोईंछा भरने की प्रक्रिया शाम से शुरू की जाएगी तो पति के साथ बाइक से घर लौट रही थी। रास्ते में पीछे से आ रहा कंटेनर ट्रक ठोकर मारते हुए भाग गया। जिसमें महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि पति बाइक सहित थोड़ी दूर जाकर गिर गए। घटना केबाद आसपास लोग दौड़े और पुलिस को सूचना दिया। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घायल का इलाज कराया जा रहा है। लोगों ने लापरवाही का लगाया आरोप इधर, बीहट में प्रशासनिक लापरवाही से लगातार हो रही घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता रामकृष्ण ने बताया कि बीहट में सड़क पार करना एलओसी पार करना से ज्यादा मुश्किल है। सड़कों पर पान की पीक से ज्यादा खून के धब्बे हैं। नूरपुर की वह औरत, किसी की कुलदेवी, किसी के घर की लक्ष्मी थी।
किसे पता था, वापस लौटकर नहीं आएगी कितनी मन्नतें लेकर बड़ी दुर्गा स्थान गई थी। कंधे पर पूजा का थैला था, दिल में श्रद्धा और चेहरे पर प्रसन्नता के साथ बडी दुर्गा मंदिर गई थी। मां को खोईंछा देना था, सुहाग और परिवार की रक्षा की भीख मांगनी थी। मंदिर पहुंची तो पता चला कि खोईंछा शाम को भराएगा। उसने पति से कहा शाम को फिर आ जाएंगे, अभी घर चलते हैं। वह नहीं जानती थी कि वह अपने घर कभी नहीं लौट पाएगी। सीएनजी पंप बीहट के पास पीछे से आ रहे बेलगाम कंटेनर ने उनकी बाइक को रौंद दिया। पत्नी की तड़पती हुई सांसें हाईवे पर थम गई। पति सड़क के पार जा गिरा। जब उसे होश आया, तो उसने पत्नी को लहूलुहान पाया। वह रेंगते हुए अपनी पत्नी के पास पहुंचा, लेकिन पत्नी की मौत हो चुकी थी। सड़क पर दूर तक खोईंछा बिखरा पड़ा है। एक पन्नी फट गई है और उसके भीतर का सिंदूर, अक्षत, धूप, दीप और अगरबत्ती सड़क पर खून में सने पड़े हैं। कहां गए वो लोग जो नवरात्रि में कन्या पूजन करते हैं? आज व्यवस्था की लापरवाही ने एक जीती-जागती कन्या को कुचल कर मार डाला। यहां रो मौतें होती है, लेकिन एनएचएआई के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती। बेगूसराय में NH-31 फोरलेन पर तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में पत्नी की मौत हो गई, जबकि पति की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतका की पहचान नूरपुर गांव निवासी शिवदानी पंडित की पत्नी सावित्री देवी (40) के रूप में हुई है। घटना एफसीआई थाना क्षेत्र स्थित बीहट सीएनजी पंप के पास की है। जानकारी के मुताबिक सावित्री देवी सोमवार अहले सुबह अपने पति के साथ दुर्गा स्थान में खोईंछा भरने आई थी। यहां पता चला कि खोईंछा भरने की प्रक्रिया शाम से शुरू की जाएगी तो पति के साथ बाइक से घर लौट रही थी। रास्ते में पीछे से आ रहा कंटेनर ट्रक ठोकर मारते हुए भाग गया। जिसमें महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। जबकि पति बाइक सहित थोड़ी दूर जाकर गिर गए। घटना केबाद आसपास लोग दौड़े और पुलिस को सूचना दिया। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घायल का इलाज कराया जा रहा है। लोगों ने लापरवाही का लगाया आरोप इधर, बीहट में प्रशासनिक लापरवाही से लगातार हो रही घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता रामकृष्ण ने बताया कि बीहट में सड़क पार करना एलओसी पार करना से ज्यादा मुश्किल है। सड़कों पर पान की पीक से ज्यादा खून के धब्बे हैं। नूरपुर की वह औरत, किसी की कुलदेवी, किसी के घर की लक्ष्मी थी।
किसे पता था, वापस लौटकर नहीं आएगी कितनी मन्नतें लेकर बड़ी दुर्गा स्थान गई थी। कंधे पर पूजा का थैला था, दिल में श्रद्धा और चेहरे पर प्रसन्नता के साथ बडी दुर्गा मंदिर गई थी। मां को खोईंछा देना था, सुहाग और परिवार की रक्षा की भीख मांगनी थी। मंदिर पहुंची तो पता चला कि खोईंछा शाम को भराएगा। उसने पति से कहा शाम को फिर आ जाएंगे, अभी घर चलते हैं। वह नहीं जानती थी कि वह अपने घर कभी नहीं लौट पाएगी। सीएनजी पंप बीहट के पास पीछे से आ रहे बेलगाम कंटेनर ने उनकी बाइक को रौंद दिया। पत्नी की तड़पती हुई सांसें हाईवे पर थम गई। पति सड़क के पार जा गिरा। जब उसे होश आया, तो उसने पत्नी को लहूलुहान पाया। वह रेंगते हुए अपनी पत्नी के पास पहुंचा, लेकिन पत्नी की मौत हो चुकी थी। सड़क पर दूर तक खोईंछा बिखरा पड़ा है। एक पन्नी फट गई है और उसके भीतर का सिंदूर, अक्षत, धूप, दीप और अगरबत्ती सड़क पर खून में सने पड़े हैं। कहां गए वो लोग जो नवरात्रि में कन्या पूजन करते हैं? आज व्यवस्था की लापरवाही ने एक जीती-जागती कन्या को कुचल कर मार डाला। यहां रो मौतें होती है, लेकिन एनएचएआई के कानों पर जूं तक नहीं रेंगती।  

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