कोलकाता की भगदड़ में मुजफ्फरपुर के पिता-पुत्र की मौत:मां की हालत गंभीर, बेटे की जिद पर कोलकाता घूमने गया था परिवार

कोलकाता की भगदड़ में मुजफ्फरपुर के पिता-पुत्र की मौत:मां की हालत गंभीर, बेटे की जिद पर कोलकाता घूमने गया था परिवार

कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान हुई भगदड़ ने मुजफ्फरपुर के एक परिवार की खुशियां छीन ली। हादसे में शहर के साकेतपुरी निवासी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव अभिषेक श्रीवास्तव और उनके 7 वर्षीय बेटे आयुष की मौत हो गई। अभिषेक की पत्नी निभा कुमारी गंभीर रूप से घायल हैं। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। परिवार के परिचित राजेश कुमार श्रीवास्तव भी हादसे में जख्मी हुए हैं। परिजनों के अनुसार, पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पिता-पुत्र के शव सोमवार को मुजफ्फरपुर पहुंचने की उम्मीद है। अभिषेक मूल रूप से साहेबगंज प्रखंड के पिपरा राघो गांव के रहने वाले थे। वह वर्तमान में परिवार के साथ शहर के साकेतपुरी इलाके में रहते थे। उनका बेटा आयुष तीसरी कक्षा में पढ़ता था। परिवार के लिए दुर्गा पूजा की यह यात्रा खुशियां लेकर आने वाली थी, लेकिन हादसे ने सब कुछ बदल दिया। हादसे की 3 तस्वीरें… बेटे की जिद पूरी करने परिवार के साथ गए थे कोलकाता परिजनों के अनुसार, आयुष काफी समय से कोलकाता की भव्य दुर्गा पूजा और आकर्षक पंडाल देखने की जिद कर रहा था। बेटे की इच्छा पूरी करने और पूजा की छुट्टियां साथ बिताने के लिए अभिषेक शुक्रवार को परिवार के साथ कोलकाता गए थे। वहां उन्हें अपने साढ़ू के यहां रुकना था और दुर्गा पूजा देखनी थी। परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि जिस यात्रा पर वे बेटे की खुशी के लिए निकले हैं, वही उनकी जिंदगी का सबसे दर्दनाक सफर बन जाएगी। पूजा के दौरान भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मच गई। इसकी चपेट में आने से अभिषेक और आयुष की मौत हो गई, जबकि निभा कुमारी और राजेश कुमार श्रीवास्तव घायल हो गए। मां अस्पताल में भर्ती, पिता-पुत्र के शव आने का इंतजार हादसे की सूचना मिलने के बाद मुजफ्फरपुर के साकेतपुरी और साहेबगंज स्थित पिपरा राघो गांव में शोक छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक ही परिवार के पिता और बेटे की मौत से परिचित और आसपास के लोग भी स्तब्ध हैं। अब परिवार के लोग निभा कुमारी की हालत को लेकर चिंतित हैं और पिता-पुत्र के शव घर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। परिजनों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों शव सोमवार को मुजफ्फरपुर लाए जाने हैं। इसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। कोलकाता में हुए इस हादसे ने परिवार की खुशियां छीन ली। बेटे की इच्छा पूरी करने के लिए निकले अभिषेक अब कभी घर नहीं लौटेंगे और आयुष की मासूम जिद परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गई है। कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान हुई भगदड़ ने मुजफ्फरपुर के एक परिवार की खुशियां छीन ली। हादसे में शहर के साकेतपुरी निवासी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव अभिषेक श्रीवास्तव और उनके 7 वर्षीय बेटे आयुष की मौत हो गई। अभिषेक की पत्नी निभा कुमारी गंभीर रूप से घायल हैं। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। परिवार के परिचित राजेश कुमार श्रीवास्तव भी हादसे में जख्मी हुए हैं। परिजनों के अनुसार, पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पिता-पुत्र के शव सोमवार को मुजफ्फरपुर पहुंचने की उम्मीद है। अभिषेक मूल रूप से साहेबगंज प्रखंड के पिपरा राघो गांव के रहने वाले थे। वह वर्तमान में परिवार के साथ शहर के साकेतपुरी इलाके में रहते थे। उनका बेटा आयुष तीसरी कक्षा में पढ़ता था। परिवार के लिए दुर्गा पूजा की यह यात्रा खुशियां लेकर आने वाली थी, लेकिन हादसे ने सब कुछ बदल दिया। हादसे की 3 तस्वीरें… बेटे की जिद पूरी करने परिवार के साथ गए थे कोलकाता परिजनों के अनुसार, आयुष काफी समय से कोलकाता की भव्य दुर्गा पूजा और आकर्षक पंडाल देखने की जिद कर रहा था। बेटे की इच्छा पूरी करने और पूजा की छुट्टियां साथ बिताने के लिए अभिषेक शुक्रवार को परिवार के साथ कोलकाता गए थे। वहां उन्हें अपने साढ़ू के यहां रुकना था और दुर्गा पूजा देखनी थी। परिवार को अंदाजा भी नहीं था कि जिस यात्रा पर वे बेटे की खुशी के लिए निकले हैं, वही उनकी जिंदगी का सबसे दर्दनाक सफर बन जाएगी। पूजा के दौरान भीड़ के बीच अचानक भगदड़ मच गई। इसकी चपेट में आने से अभिषेक और आयुष की मौत हो गई, जबकि निभा कुमारी और राजेश कुमार श्रीवास्तव घायल हो गए। मां अस्पताल में भर्ती, पिता-पुत्र के शव आने का इंतजार हादसे की सूचना मिलने के बाद मुजफ्फरपुर के साकेतपुरी और साहेबगंज स्थित पिपरा राघो गांव में शोक छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक ही परिवार के पिता और बेटे की मौत से परिचित और आसपास के लोग भी स्तब्ध हैं। अब परिवार के लोग निभा कुमारी की हालत को लेकर चिंतित हैं और पिता-पुत्र के शव घर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। परिजनों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों शव सोमवार को मुजफ्फरपुर लाए जाने हैं। इसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। कोलकाता में हुए इस हादसे ने परिवार की खुशियां छीन ली। बेटे की इच्छा पूरी करने के लिए निकले अभिषेक अब कभी घर नहीं लौटेंगे और आयुष की मासूम जिद परिवार के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गई है।  

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