मिर्जापुर के विंध्याचल में शारदीय नवरात्र मेले के दौरान आयोजित नौ दिवसीय विंध्य महोत्सव के सांस्कृतिक मंच पर लोकगीत, बिरहा, भजन और कथक नृत्य की प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया। कलाकारों ने विंध्य क्षेत्र की लोक संस्कृति और भक्ति पर आधारित कार्यक्रम पेश कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रस्तुतियों के दौरान पंडाल तालियों से गूंजता रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी और नगर मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह ने मां विंध्यवासिनी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि विंध्य महोत्सव जैसे आयोजन स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच देते हैं। इससे कलाकारों का उत्साह बढ़ता है और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। ऐसे आयोजन क्षेत्र की लोक संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। बिरहा और भजनों से भक्तिमय हुआ माहौल सांस्कृतिक कार्यक्रम में मिर्जापुर के लोकगायक डॉ. मन्नू यादव ने बिरहा शैली में प्रस्तुति दी। रविशंकर ने भजनों से माहौल भक्तिमय बनाया। चुनार के राजेश यादव और आरती जख्मी ने भी अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं की सराहना बटोरी। जौनपुर के भजन गायक ने देवी गीतों और भजनों के माध्यम से मां की महिमा का गुणगान किया। लोकगायक अमरनाथ शुक्ला की गायकी ने भी दर्शकों को प्रभावित किया। कथक नृत्य ने मोहा दर्शकों का मन लखनऊ की प्रियंका चौहान, वाराणसी की शिवानी मिश्रा और बाराबंकी की सरोज श्रीवास्तव ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। वहीं, विंध्याचल में पली-बढ़ीं और वर्तमान में दिल्ली में रह रहीं नम्रता श्रीमाली ने कथक नृत्य पेश कर अपनी कला का प्रदर्शन किया। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों और उनकी टीम को नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी तथा उप जिलाधिकारी एवं प्रभारी अधिकारी पर्यटन जूही प्रसाद ने अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र तिवारी उर्फ लल्लू तिवारी और संजय श्रीवास्तव ने किया। इस दौरान विंध्य धाम तीर्थ विकास परिषद के रूपेश श्रीवास्तव, अंजू मौर्या समेत अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।

